फीस जमा कराने का फरमान, पीयू में भारी प्रदर्शन, छात्र और सिक्योरिटी आपस में भिड़े, देखें- 10 तस्वीरें
- छात्र संगठनों ने एडमिन ब्लॉक के बाहर प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
- करीब तीन घंटे एडमिन ब्लॉक के बाहर पीयू प्रशासन के खिलाफ की गई नारेबाजी
- कंट्रोलर एग्जामिनेशन और डीएसडब्ल्यू ने की स्टूडेंट्स से मुलाकात
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विस्तार
सोमवार तक फीस न जमा कराने पर ऑनलाइन क्लास में नहीं बैठने देने के निर्देश पर नाराज छात्रों ने शुक्रवार को पंजाब विश्वविद्यालय में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पीयू सिक्योरिटी और विद्यार्थी एडमिन ब्लॉक में आपस में भिड़ गए। प्रदर्शन में मौजूद पीयू छात्रा को सिक्योरिटी के द्वारा जबरदस्ती पीछे खिंचने के बाद विद्यार्थी और सिक्योरिटी के बीच खींचतान हो गई। इसी दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की भी विद्यार्थियों के साथ बहसबाजी हुई। इसके बाद विद्यार्थी एडमिन ब्लॉक के अंदर घुस गए और वहीं धरना देकर बैठ गए।
बता दें कि पीयू ने इस सेमेस्टर की फीस में 5 से 10 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। वहीं दो दिन पहले निर्देश जारी कर सोमवार तक फीस जमा नहीं करवाने वाले विद्यार्थी को ऑनलाइन क्लास में नहीं बैठने का फरमान जारी किया है। इससे नाराज विद्यार्थियों की मांगों को लेकर सभी स्टूडेंट यूनियन के साथ मिलकर एडमिन ब्लॉक के बाहर प्रदर्शन किया।
विद्यार्थियों ने कहा कि कोविड-19 के चलते परिवार की आर्थिक हालात खराब है। ऐसे में पीयू को चाहिए कि वह पूरी सेमेस्टर की फीस माफ करे। विद्यार्थियों ने 2 बजे प्रदर्शन शुरू किया, जो आश्वासन नहीं मिलने तक शाम 5.30 बजे तक जारी रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने पीयू प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए डीन स्टूडेंट वेलफेयर और कंट्रोलर एग्जामिनेशन के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में पूर्व स्टूडेंट काउंसिल के सदस्यों के साथ एनएसयूआई, सोई, आइसा, एएसए, इनसो, पुसु, पीएसयू (ललकार), एसएफएस और वाईफॉरएस के सदस्यों ने भाग लिया।
कंट्रोलर एग्जामिनेशन और डीएसडब्ल्यू ने की मुलाकात
प्रदर्शन के दौरान कंट्रोलर एग्जामिनेशन प्रो. परविंदर सिंह ने विद्यार्थियों से बातचीत की। इस मौके प्रो. परविंदर ने कहा कि फीस के मामले में वे कुछ नहीं कर सकते, इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। इसके बाद डीएसडब्ल्यू वुमन प्रो. सुखबीर कौर और डीएसडब्ल्यू प्रो एसके तोमर ने विद्यार्थियों से संवाद किया। डीएसडब्ल्यू ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सुना जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को शांत करते हुए कहा कि विद्यार्थी चाहे तो पीयू प्रशासन की फीस को लेकर अगली बैठक तक फीस नहीं जमा करवाएं।
पुलिस ने स्टूडेंट पर मारपीट का लगाया आरोप
एडमिन ब्लॉक में पीयू सिक्योरिटी और विद्यार्थियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान पहले पीयू छात्रा ने सिक्योरिटी पर उसके साथ बदतमीजी करने का आरोप लगाया। इसी दौरान मामला गरमाने पर वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी विद्यार्थियों को धकेलने लगे। इसी बीच एडमिन ब्लॉक के बाहर बैठकर महिला पुलिसकर्मी ने रोते हुए प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थी की ओर से उनके पेट में मरने का आरोप लगाया। वहीं विद्यार्थियों ने मौके की वीडियो दिखाते हुए पुलिस के आरोप को नकारा है। विद्यार्थियों का कहना है पीयू प्रशासन कोई भी आरोप लगाने से पहले सीसीटीवी फुटेज की जांच करवाए।

क्या कहते हैं छात्र नेता
फीस जमा कराने का नोटिस वापस ले पीयू
पंजाब स्टूडेंट काउंसिल ने यूनिवर्सिटी की सभी स्टूडेंट पार्टी के साथ एडमिन ब्लॉक के बाहर संयुक्त प्रदर्शन किया। हमारा मुद्दा है कि यूनिवर्सिटी फीस जमा करवाने की अधिसूचना को वापस ले। - चेतन चौधरी, पूर्व प्रेसिडेंट, स्टूडेंट काउंसिल, पीयू
कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला
एडमिन ब्लॉक के बाहर लगातार तीन से चार घंटे प्रदर्शन किया। इस दौरान पीयू अधिकारियों ने खुद आने की बजाय हॉस्टल वार्डन को हमें हटाने के लिए भेजा। इसके बाद मांग करने पर कंट्रोलर एग्जामिनेशन और डीएसडब्ल्यू ने बाहर आकर मुलाकात की। लेकिन उनसे भी कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। - राहुल, पूर्व वाइस प्रेसिडेंट , स्टूडेंट काउंसिल
पीयू प्रशासन ने विद्यार्थियों की फीस वृद्धि की जायज मांग को सुनने की बजाय सिक्योरिटी के माध्यम से उनके साथ ही धक्केशाही करवाई। विद्यार्थियों के साथ इस तरह का रवैया को विद्यार्थी सहन नहीं करेंगे। - मनप्रीत माहल, पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी, स्टूडेंट काउंसिल
