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कोरोना ने दी चुनौती तो लोगों ने निकाला रास्ता, लाइब्रेरी की जगह अब ई-बुक्स, परीक्षाएं भी ऑनलाइन

Sun, 27 Sep 2020 05:56 PM IST
ajay kumar सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 27 Sep 2020 05:56 PM IST
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Chandigarh News in Hindi: Corona Pandemic changed the way of education
बच्चों को पढ़ाती शिक्षिका। - फोटो : फाइल फोटो

बहुत पुरानी कहावत है कि चुनौतियां हमेशा नवाचार को जन्म देती हैं और कोरोना में भी यही हुआ। कोरोना ने शिक्षा के क्षेत्र के सामने सबसे बड़ा संकट खड़ा कर दिया लेकिन रास्ते इंसान ने निकाल ही लिए। आज शिक्षा व्यवस्था पूरी की पूरी ऑनलाइन हो गई है। 

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पढ़ाई से लेकर परीक्षाएं तक ऑनलाइन हो रही हैं। चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के सभी विद्यार्थी अपने घर पर ही पढ़ाई कर रहे हैं और घर के एक हिस्से को क्लासरूम बना लिया है, जहां वह रोज ऑनलाइन कक्षाएं लगाकर अध्ययन करते हैं।
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पंजाब विश्वविद्यालय, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, डिग्री कॉलेज व रिसर्च सेंटरों का कार्य अभी तक मैनुअल होता था। कक्षा में उपस्थित होकर विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता था। हर दिन इन कक्षाओं में 60 फीसदी तक विद्यार्थी हाजिर होते थे लेकिन आज स्थिति अलग है। 
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ऑनलाइन कक्षाओं में विद्यार्थियों की हाजिरी 80 फीसदी तक पहुंच गई है। यही नहीं परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक भार भी इसके जरिए कम हुआ है। किताबें विद्यार्थियों को ऑनलाइन मिल रही हैं। ई-बुक्स शिक्षण संस्थान डाउनलोड कर रहे हैं। 

विद्यार्थियों को कक्षाएं लगाने के दूरस्थ केंद्रों पर नहीं जाना पड़ रहा है। हॉस्टल से लेकर अन्य खर्चे बच रहे हैं। स्कूलों का आलम भी यही है। बच्चे मोबाइल व कंप्यूटर पर कक्षाएं लगा रहे हैं और नोट्स भेज रहे हैं। हालांकि छोटे बच्चों को इस प्रक्रिया से परेशानी हो रही है लेकिन उसके भी रास्ते निकाले गए। अब कक्षा नौ से 12 तक मैनुअल कक्षाएं शुरू हो गई हैं। रिसर्च के कार्य भी ऑनलाइन शुरू हो गए। प्रयोगशालाओं के केमिकल व उपकरणों का आभास भी ऑनलाइन करवाया जाने लगा है।


कठिन समय ने शिक्षा के क्षेत्र को दी बड़ी उछाल
पीयू यूआईएचटीएम के प्रोफेसर प्रशांत गौतम कहते हैं कि इस कठिन समय ने शिक्षा क्षेत्र को बड़ी उछाल दी है, जो कार्य हम 2025 में करने वाले थे उसे 2020 में करने जा रहे हैं या कर रहे हैं। भारत के अध्यापकों ने और यहां के छात्रों ने जितनी शीघ्रता से अपने आप को परिवर्तित किया है, यह असाधारण है। और कहते भी हैं असाधारण स्थितियों का सामना हम साधारण तरीके से नहीं कर सकते हैं। 

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