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चंडीगढ़ में नई पार्किंग पॉलिसी लागू, प्लॉट के बाहर गाड़ी खड़ी करने पर जुर्माना, पढ़ें- 15 अहम बिंदु
Tue, 08 Dec 2020 02:06 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 08 Dec 2020 02:06 AM IST
सार
- स्कूल-कॉलेज को भी बनाना होगा पिक एंड ड्रॉप जोन, व्यस्ततम समय में पार्किंग महंगी
- शहर में समारोह-मेले की मंजूरी तभी, जब आयोजक लोगों को लाएंगे और छोड़कर आएंगे
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ में बढ़ रहे वाहनों के दबाव को कम करने के लिए प्रशासन ने पार्किंग पॉलिसी लागू कर दी है। नई पॉलिसी में साइक्लिंग को बढ़ावा देने और कारों का कम इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल ज्यादा लोग करें, इसके लिए भी कई सुझाव दिए गए हैं।
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कई कमियों के चलते पार्किंग पॉलिसी करीब तीन साल से अधर में लटकी थी। इसे लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भी चंडीगढ़ प्रशासन को फटकार लगाई थी। इस पॉलिसी का मकसद शहर में बढ़ती गाड़ियों की संख्या पर लगाम लगाना है।
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अब प्रशासन ने इस पॉलिसी को शहर में लागू कर दिया है। इसके तहत अब जिस कंपनी में 50 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, उन्हें अपने कर्मचारियों के लिए अलग से शटल बस सेवा शुरू करनी होगी। इसमें सरकारी विभाग भी शामिल हैं। पॉलिसी में चंडीगढ़ प्रशासन का भी जिक्र किया गया है।
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प्लॉट के बाहर गाड़ी खड़ी करने पर जुर्माना
पार्किंग पॉलिसी के ड्राफ्ट के मुताबिक, शहर में एक कनाल या उससे ऊपर के प्लॉट के बाहर सड़क पर या सड़क के किनारे गाड़ी खड़ी करने पर पाबंदी होगी। ऐसा करने पर वाहन जब्त कर चालान करने का प्रावधान होगा। गाड़ी खरीदते समय लोगों को पार्किंग स्पेस सर्टिफिकेट देना होगा।
वहीं, गाड़ी के पंजीकरण के समय यह प्रमाणपत्र देना जरूरी होगा कि इस गाड़ी को आप कहां खड़ी करेंगे, आपके पास इसे खड़ी करने के लिए जगह है या नहीं। अगर आपके पास गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं होगी तो पंजीकरण भी नहीं होगा।
पॉलिसी के अहम बिंदु
- सरकारी/पीएसयू संस्थाएं/इंडस्ट्रियल, आईटी कंपनियों आदि में 50 से ज्यादा कर्मचारी होने की स्थिति में शटल बस सेवा देनी होगी। इसमें चंडीगढ़ प्रशासन भी शामिल है।
- एक ही समय पर ज्यादा गाड़ियों को सड़क पर उतरने से रोकने के लिए पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के ऑफिस के समय में बदलाव करना होगा। साथ ही स्कूलों के समय को भी अलग-अलग करना होगा।
- विभिन्न बाजारों में पार्किंग की समस्या को सुलझाने के लिए मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को सक्रिय रूप से काम करना होगा।
- फुटपाथ पर गाड़ी खड़ी करने पर पाबंदी पहले की तरह जारी रहेगी। लोगों का चालान भी काटा जाएगा।
- आपातकालीन सेवाओं में लगी गाड़ियों, जिनमें एंबुलेंस, फायर टेंडर, पुलिस की गाड़ियों के लिए एक अलग से लेन की शुरुआत करनी होगी ताकि आपात स्थिति में यह गाड़ियां जाम में न फंस जाएं।
- जिन इलाकों में गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं है, वहां पर सड़क पर गाड़ी खड़ी करने की सुविधा शुरू की जाएगी। हालांकि, इसके लिए लोगों को अब पैसे चुकाने होंगे। ऐसा पार्किंग को लेकर लोगों के बीच होने वाले झगड़े को खत्म करने के लिए किया जाएगा।
- सभी सब-सेक्टर में कम्युनिटी पार्किंग की शुरुआत की जाएगी। यह नगर निगम द्वारा चलाया जाएगा और इसके लिए नियम नगर निगम आरडब्ल्यूए के सहयोग से तय करेगा।
- शहर के विभिन्न हिस्सों में पार्किंग की जगहों पर बैठे वेंडरों को वहां से हटाया जाएगा और उन्हें उनकी जगह पर शिफ्ट किया जाएगा, ताकि पार्किंग की जगह को खाली कराया जा सके।
- अब शहर में किसी कार्यक्रम, मेला, आयोजन की तभी मंजूरी मिलेगी जब आयोजक लोगों को लाने और ले जाने के लिए शहर के प्रमुख प्वाइंट से शटल बस सेवा की सुविधा देंगे। पॉलिसी में कहा गया है कि जहां भी ऐसे कार्यक्रम होते हैं, वहां आसपास पार्किंग की काफी समस्या हो जाती है।
- शहर के प्रत्येक मार्केट सरकारी व निजी दफ्तर, कंपनियां और कम्युनिटी सेंटर में साइकिल और ई-व्हीकल के पार्किंग की भी सुविधा देनी होगी।
- पंचकूला, मोहाली और जीरकपुर को जोड़ने के लिए चंडीगढ़ से एक बस कॉरिडोर की शुरुआत करने की सलाह दी गई है।
- चंडीगढ़ प्रशासन को चंडीगढ़ बिल्डिंग रूल्स (अर्बन) 2017 में संशोधन करने की अनुमति दी गई है, ताकि सभी प्लॉट में तीन मंजिल की मंजूरी दी जा सके। हालांकि, इसके लिए भी कई तरह के नियम व शर्तें लगाई गई हैं।
- कॉलेजों में विद्यार्थी कम से कम कारों का इस्तेमाल करें, इसके लिए भी कई सुझाव दिए गए हैं। गाड़ी से आने वाले छात्रों के यूजर फीस को बढ़ाने और पूरी तरह से रोकने की भी सलाह दी गई है। हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भी यह किया जा सकता है।
- शहर के सभी स्कूल, कॉलेज, सरकारी व प्राइवेट संस्थानों को पिक एंड ड्रॉप ऑफ जोन घोषित करने होंगे। जहां पर स्कूल के बच्चों को छोड़ा जाएगा और वहां से लाया जाएगा।
- भीड़ के अनुसार व्यस्ततम समय में पार्किंग फीस बढ़ाने की इजाजत दी गई है। इसके लिए नगर निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। गौरतलब है कि रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म की तर्ज पर ही इसे चलाया जाएगा। यानी जब पार्किंग में ज्यादा भीड़ होगी तो पार्किंग के दाम बढ़ा दिए जाएंगे।