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शिवालिक की पहाड़ी में मिला फाल्ट, कभी भी ला सकता है भूकंप

Wed, 20 Jan 2021 02:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा सुशील कुमार, चंडीगढ़
सुशील कुमार, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 20 Jan 2021 02:24 AM IST
सार

  • पीयू के भूगर्भ वैज्ञानिकों के शोध में खुलासा, सुखना लेक के सामने स्थित है शिवालिक पहाड़ी  
  • वैज्ञानिकों ने हिमालयन फ्रंटल फाल्ट का नाम दिया, भू विज्ञान मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट
  • पंजाब के रोपड़ और पठानकोट, पंचकूला में खेतपुराली, थापली में मिली फाल्ट लाइन

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Chandigarh news: Fault found in Shivalik hill earthquake can ever come
demo pic... - फोटो : self

विस्तार

सुखना लेक के सामने स्थित शिवालिक की पहाड़ी भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील है। वैज्ञानिकों को इस पहाड़ी में फाल्ट मिला है। इस फाल्ट के कारण कभी भी भूकंप आ सकता है। वैज्ञानिकों ने इस फाल्ट को हिमालयन फ्रंटल फाल्ट का नाम दिया है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा के भी कई हिस्सों में फाल्ट लाइन मिली हैं। वैज्ञानिकों ने इसकी पूरी रिपोर्ट भारत सरकार के भू विज्ञान मंत्रालय को भेज दी है।

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पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के भूगर्भ विज्ञान विभाग के प्रो. महेश ठाकुर ने यह शोध किया है। कई साल तक चले शोध के जरिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण व चौंकाने वाले तथ्य प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने रिमोर्ट सेंसिंग डेटा के जरिए विश्लेषण किया और उसके बाद परिणाम जारी किए। चंडीगढ़ की सुखना लेक के सामने ही शिवालिक की पहाड़ी है, जो बहुत नजदीक है। इसी पहाड़ी के कोने में फाल्ट मिला है।
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यानी यहां कभी न कभी भूकंप आया है, जिसके कारण पृथ्वी की आंतरिक संरचना प्रभावित हुई है। इसी संरचना प्रभाव के कारण भविष्य में कभी न कभी भूकंप आने की संभावना जागृत होती है। हालांकि 400 साल पहले पिंजौर, बद्दी क्षेत्र में भूकंप का केंद्र रहा था। उसका कनेक्शन भी इस फाल्ट लाइन से जोड़कर वैज्ञानिक देख रहे हैं।
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जमीन से तीन से चार मीटर नीचे ही मिली फाल्ट लाइन
इसी तरह पंजाब के रोपड़ और पठानकोट के पास व्यास नदी में फाल्ट लाइन पाई गई है। वहीं, पंचकूला के गांव खेतपुराली में भी बड़ी फाल्ट लाइन पाई गई है। इससे यह पता चल रहा है कि यहां कभी न कभी भूकंप का केंद्र रहा था। खास बात यह है कि यह फाल्ट लाइन जमीन से महज तीन से चार मीटर नीचे ही है।

वहीं, कालका के पास स्थित थापली में भी फाल्ट लाइन मिली है। पंचकूला में मिली सभी फाल्ट लाइन का आपसी मेल वैज्ञानिक देख रहे हैं। इसकी गोपनीय रिपोर्ट केंद्र सरकार के भू विज्ञान मंत्रालय को भेजी गई है। शोध का कार्य अभी चल रहा है। बताया जा रहा है कि कई चौंकाने वाले तथ्य अभी सामने आएंगे।


भूकंप आया तो सुखना का पानी कितना प्रभावित करेगा, इस पर करेंगे शोध’ 
डॉ. महेश ठाकुर कहते हैं कि वर्ष 2015 में नेपाल में जब भूकंप आया था तो स्वीमिंग पूल के पानी ने भी लोगों को काफी प्रभावित किया था। ऐसे में शिवालिक की पहाड़ियों में भूकंप आया तो सुखना लेक का पानी चंडीगढ़ शहर और लोगों को प्रभावित कर सकता है। इस पर शोध करने के लिए योजना बना रहे हैं। आसपास के आवासों को भी नुकसान हो सकता है या नहीं, यह भी देखेंगे। हालांकि यह इस शोध का दूसरा भाग होगा। सरकार की अनुमति के बाद ही इसे शुरू किया जाएगा।



सुखना लेक के सामने छोटी शिवालिक पहाड़ी में फाल्ट लाइन मिली है। इसके अलावा पंचकूला व पंजाब के कुछ हिस्सों में भी पहले भूकंप आने के संकेत मिले हैं। इन जगहों पर भी फाल्ट लाइनें मिली हैं। इसकी रिपोर्ट भू विज्ञान मंत्रालय को भेज दी गई है। कुछ शोध का कार्य अभी जारी है।
- डॉ. महेश ठाकुर, भूगर्भ विज्ञान विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़

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