{"_id":"59bf86d04f1c1b19688b526d","slug":"chandigarh-municipal-corporation-cleaning-campaign-city-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नया कारनामा: खुद ही कूड़ा गिराकर निगम के एप पर फोटो अपलोड पर रहे हैं लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नया कारनामा: खुद ही कूड़ा गिराकर निगम के एप पर फोटो अपलोड पर रहे हैं लोग
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 19 Sep 2017 09:12 AM IST
विज्ञापन
अब कचरा ही नहीं मलबा गिराने पर भी 10500 तक का जुर्माना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब कूड़ा-करकट के साथ मलबा गिराने को भी गंदगी में शामिल किया गया है। ऐसा करने वालों का भी 5500 से 10500 का चालान कटेगा। इंजीनियरिंग विंग के जेई और एसडीओ स्तर के अधिकारियों के पास रिहायशी और कामर्शियल एरिया में चालान काटने के अधिकार दिए जा रहे हैं।
ऐसा इसलिए भी किया जा रहा क्योंकि कई लोग अपने ही घर की गंदगी और मलबा गिराकर खुद ही तस्वीर खींच कर स्वच्छता एप में ही अपलोड करके चंडीगढ़ नगर निगम की किरकिरी कर रहे हैं। नगर निगम के अधिकारियों ने ऐसे लोगों की पहचान भी की है जिन्हें चेतावनी भी दी गई है। नगर निगम के ऐसे लोगों की पहचान के लिए जो मलबा गली में गिरा हुआ था और इस गिरे हुए मलबे को रिपेयर होने वाले मलबे के साथ मिलाया गया जो एक जैसे थे। उसके बाद उन लोगों ने भी माना कि उन्होंने ही मलबा गिरा कर पोस्ट किया। केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत एप बना है।
मालूम हो कि नगर निगम ने पिछले माह ही रिहायशी इलाके में गंदगी फैलाने का जुर्माना 500 से बढ़ाकर 5500 और कामर्शियल एरिया के लिए 10 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। रविवार को ही कमिश्नर बी पुरुषार्था ने नए जुर्माने के चालान की कापियां प्रिंट करवाने के निर्देश दिए हैं। यह चालान की कापियां एमओएच के सब इंस्पेक्टरों के साथ इंजीनियरिंग विंग को भी दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऐसा इसलिए भी किया जा रहा क्योंकि कई लोग अपने ही घर की गंदगी और मलबा गिराकर खुद ही तस्वीर खींच कर स्वच्छता एप में ही अपलोड करके चंडीगढ़ नगर निगम की किरकिरी कर रहे हैं। नगर निगम के अधिकारियों ने ऐसे लोगों की पहचान भी की है जिन्हें चेतावनी भी दी गई है। नगर निगम के ऐसे लोगों की पहचान के लिए जो मलबा गली में गिरा हुआ था और इस गिरे हुए मलबे को रिपेयर होने वाले मलबे के साथ मिलाया गया जो एक जैसे थे। उसके बाद उन लोगों ने भी माना कि उन्होंने ही मलबा गिरा कर पोस्ट किया। केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत एप बना है।
विज्ञापन
मालूम हो कि नगर निगम ने पिछले माह ही रिहायशी इलाके में गंदगी फैलाने का जुर्माना 500 से बढ़ाकर 5500 और कामर्शियल एरिया के लिए 10 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। रविवार को ही कमिश्नर बी पुरुषार्था ने नए जुर्माने के चालान की कापियां प्रिंट करवाने के निर्देश दिए हैं। यह चालान की कापियां एमओएच के सब इंस्पेक्टरों के साथ इंजीनियरिंग विंग को भी दी जाएगी।
विज्ञापन
लोगों की भागीदारी बढ़ाने का अलग से प्रयास
Municipal Corporation office Chandigarh
- फोटो : File Photo
स्वच्छता एप पर गंदगी और मलबा की तस्वीर अपलोड करने के बाद केंद्र सरकार की ओर से नगर निगम पर जल्द से जल्द उठवाने का दबाव आ जाता है। इसलिए कई लोगों ने जल्द सफाई करवाने के लिए इसमें तस्वीरें डालने का तरीका अपना लिया है। मालूम हो कि इस समय शहर में कई जगह इमारतों की रिपेयर और मरम्मत होती है। जिससे मलबा निकलता है। लोग यह मलबा अपनी इमारत के बाहर, पिछली तरफ या कुछ दूरी पर फिकवा देते हैं जबकि नगर निगम ने मलबा फेंकने के लिए शहर में 29 साइट भी तय की हुई है।
नगर निगम कमिश्नर बी पुरुषार्था का कहना है कि ऐसे मामले भी सामने आए हैं कि कई लोग अपनी ही गंदगी और मलबा की तस्वीर खींचकर स्वच्छ भारत मिशन के एप पर अपलोड कर रहे हैं ऐसे लोगों की पहचान करके जागरूक किया गया है। उन्होंने बताया कि शहर को स्वच्छ रखने के लिए अब तो कोई अगर किसी को कचरा गिराते हुए की तस्वीर भी खींचकर एप पर भेजेगा तो उसे एक हजार रुपये का ईनाम भी दिया जाएगा। कमिश्नर का कहना है कि एप पर जहां पर कचरा दिखता है उस जगह की भी जानकारी देनी चाहिए।
लोगों की भागीदारी बढ़ाने का अलग से प्रयास
अब नगर निगम शहरवासियों की भागीदारी भी ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 में लोगों के फीडबैक न मिलने के कारण जो शहर की रैंकिंग दूसरे से गिरकर 11वें तक पहुंच गई थी वह अगले साल के स्वच्छ में न हो सके। इसलिए जो स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, उसमें एप पर ज्यादा से ज्यादा फीडबैक देने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। पिछले प्रतियोगिता में सिटीजीन फीडबैक में सबसे कम अंक चंडीगढ़ को मिले हैं। इस कैटेगरी में 600 में से चंडीगढ़ को 379 अंक मिले हैं। जबकि नंबर-1 पर रहने वाली सिटी इंदौर को इस कैटेगरी में 497 अंक मिले हैं।
नगर निगम कमिश्नर बी पुरुषार्था का कहना है कि ऐसे मामले भी सामने आए हैं कि कई लोग अपनी ही गंदगी और मलबा की तस्वीर खींचकर स्वच्छ भारत मिशन के एप पर अपलोड कर रहे हैं ऐसे लोगों की पहचान करके जागरूक किया गया है। उन्होंने बताया कि शहर को स्वच्छ रखने के लिए अब तो कोई अगर किसी को कचरा गिराते हुए की तस्वीर भी खींचकर एप पर भेजेगा तो उसे एक हजार रुपये का ईनाम भी दिया जाएगा। कमिश्नर का कहना है कि एप पर जहां पर कचरा दिखता है उस जगह की भी जानकारी देनी चाहिए।
लोगों की भागीदारी बढ़ाने का अलग से प्रयास
अब नगर निगम शहरवासियों की भागीदारी भी ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 में लोगों के फीडबैक न मिलने के कारण जो शहर की रैंकिंग दूसरे से गिरकर 11वें तक पहुंच गई थी वह अगले साल के स्वच्छ में न हो सके। इसलिए जो स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, उसमें एप पर ज्यादा से ज्यादा फीडबैक देने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। पिछले प्रतियोगिता में सिटीजीन फीडबैक में सबसे कम अंक चंडीगढ़ को मिले हैं। इस कैटेगरी में 600 में से चंडीगढ़ को 379 अंक मिले हैं। जबकि नंबर-1 पर रहने वाली सिटी इंदौर को इस कैटेगरी में 497 अंक मिले हैं।