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पांचवें चंडीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल की शुरूआत, 13 तक चलेगा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 11 Nov 2016 09:25 AM IST
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पांचवें चंडीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल की शुरूआत
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चंडीगढ़ क्लब में वीरवार को तीन दिवसीय पांचवें चंडीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल की शुरूआत हुई। इसमें लेखक, साहित्यकार और फि ल्माें से जुड़े लोग शिरकत कर रहे हैं। फेस्टिवल 13 नवंबर तक चलेगा। इसका आयोजन अदब फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है।
चेयरमैन मितुल दीक्षित और प्रख्यात लेखिका एवं सीएलएफ-2016 की डायरेक्टर एनी जैदी ने समारोह के बारे में बताते हुए इसकी शुरूआत की। इस मौके पर प्रसिद्ध उपन्यासकार, नाटक, अंग्रेजी, मराठी लेखक 74 वर्षीय किरण नागरकर को साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा गया। इन्हें एक लाख 50 हजार रुपये की इनामी राशि देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर ‘फ्रीडम एंड दि राइटर’ विषय पर एक पैनल डिस्कशन हुआ, जिसमें कार्तिक वीके, किरण नागरकर, मीनल बघेल एवं नयनतारा सहगल जैसे लेखकों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान किरण नागरकर ने कहा कि वह इस चंडीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल में तीन साल पहले शिरकत कर चुके हैं।
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उन्होंने अपने लेखन और सरकार के खिलाफ बोलने की प्रवृति पर कहा कि आज यहां सम्मान मिला है, मुझे याद है कि रावण एंड एडी लिखी तो उसकी मात्र हजार कॉपियां ही बिक पाई। उसके बाद ही शायद कुछ कमाल हुआ जो लोग उसे खरीदने लगे। हालांकि जब यह किताब लिखी तो इसके साथ ही एकस्ट्रा किरदारों पर काम करने लगा। इसमें मीरा बाई की जिंदगी भी शामिल थी।
विशिष्ट पुरस्कार से सम्मानित है नागरकर
किरण नागरकर ने छह उपन्यासों के अलावा कईं नाटक एवं पटकथाओं की रचना की है। उन्हें सर्वश्रेष्ठ पहले उपन्यास के लिए एचएन आप्टे अवार्ड मिल चुका है। साहित्य के माध्यम से सौहार्द्र का वातावरण पैदा करने के लिए साहित्य का विशिष्ट पुरस्कार डालमिया अवार्ड भी मिल चुका है। यह पुरस्कार उन्हें भारतीय साहित्य को समृद्ध करने के लिए दिया गया है।
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चेयरमैन मितुल दीक्षित और प्रख्यात लेखिका एवं सीएलएफ-2016 की डायरेक्टर एनी जैदी ने समारोह के बारे में बताते हुए इसकी शुरूआत की। इस मौके पर प्रसिद्ध उपन्यासकार, नाटक, अंग्रेजी, मराठी लेखक 74 वर्षीय किरण नागरकर को साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा गया। इन्हें एक लाख 50 हजार रुपये की इनामी राशि देकर सम्मानित किया गया।
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इस मौके पर ‘फ्रीडम एंड दि राइटर’ विषय पर एक पैनल डिस्कशन हुआ, जिसमें कार्तिक वीके, किरण नागरकर, मीनल बघेल एवं नयनतारा सहगल जैसे लेखकों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान किरण नागरकर ने कहा कि वह इस चंडीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल में तीन साल पहले शिरकत कर चुके हैं।
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उन्होंने अपने लेखन और सरकार के खिलाफ बोलने की प्रवृति पर कहा कि आज यहां सम्मान मिला है, मुझे याद है कि रावण एंड एडी लिखी तो उसकी मात्र हजार कॉपियां ही बिक पाई। उसके बाद ही शायद कुछ कमाल हुआ जो लोग उसे खरीदने लगे। हालांकि जब यह किताब लिखी तो इसके साथ ही एकस्ट्रा किरदारों पर काम करने लगा। इसमें मीरा बाई की जिंदगी भी शामिल थी।
विशिष्ट पुरस्कार से सम्मानित है नागरकर
किरण नागरकर ने छह उपन्यासों के अलावा कईं नाटक एवं पटकथाओं की रचना की है। उन्हें सर्वश्रेष्ठ पहले उपन्यास के लिए एचएन आप्टे अवार्ड मिल चुका है। साहित्य के माध्यम से सौहार्द्र का वातावरण पैदा करने के लिए साहित्य का विशिष्ट पुरस्कार डालमिया अवार्ड भी मिल चुका है। यह पुरस्कार उन्हें भारतीय साहित्य को समृद्ध करने के लिए दिया गया है।