{"_id":"5d531df28ebc3e6d0a3e0a15","slug":"chandigarh-in-first-time-chandigarh-news-pkl3474451177","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ में शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 35 लोगों के खिलाफ कार्रवाई, प्रति व्यक्ति 10 हजार जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ में शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 35 लोगों के खिलाफ कार्रवाई, प्रति व्यक्ति 10 हजार जुर्माना
Wed, 14 Aug 2019 12:11 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Aug 2019 12:11 PM IST
विज्ञापन
शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले की जांच करता पुलिसकर्मी
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संसद में मोटर व्हीकल्स संशोधन विधेयक कानून पास होने के बाद लापरवाही व शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू हो गया है। संशोधित कानून के तहत जिला अदालत ने शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 35 लोगों के खिलाफ पहली बार 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जबकि पहले दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता था। कई बार तो कोर्ट में पूरे दिन खड़ा होने के बाद छोड़ दिया जाता था। भारी-भरकम जुर्माना राशि लगने से चालकों के होश उड़े रहे हैं।
पहले तो चरचा चली कि आखिर इतना ज्यादा जुर्माना क्यों लगा दिया। बाद में पता चला कि यह सब नए कानून के तहत हुआ है। पहले दिन मात्र छह से सात लोगों ने ही जुर्माने की राशि जमा की है। राज्य सभा से कानून पास होने के बाद नौ अगस्त को राष्ट्रपति ने इस संशोधित विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए थे। उसके बाद यह कानून पूरे देश में लागू हो गया है। हालांकि, चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि उसके पास इस संबंध में नोटिफिकेशन नहीं आया है। नए कानून के पास होने के बाद अब लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर शिकंजा कसना तय है।
विज्ञापन
पहले तो चरचा चली कि आखिर इतना ज्यादा जुर्माना क्यों लगा दिया। बाद में पता चला कि यह सब नए कानून के तहत हुआ है। पहले दिन मात्र छह से सात लोगों ने ही जुर्माने की राशि जमा की है। राज्य सभा से कानून पास होने के बाद नौ अगस्त को राष्ट्रपति ने इस संशोधित विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए थे। उसके बाद यह कानून पूरे देश में लागू हो गया है। हालांकि, चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि उसके पास इस संबंध में नोटिफिकेशन नहीं आया है। नए कानून के पास होने के बाद अब लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर शिकंजा कसना तय है।
विज्ञापन
कानून में किए गए हैं ये बड़े बदलाव
- हिट एंड रन के मामले में मृतक के परिजनों को सरकार की ओर से दो लाख रुपये की राहत राशि दी जाएगी। फिलहाल, महज 25,000 रुपये का ही प्रावधान है।
- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पर देनदारी की सीमा को समाप्त किया जाएगा। इससे पहले 2016 में तैयार प्रस्ताव में मौत पर 10 लाख और गंभीर घायल पर 5 लाख रुपये का प्रावधान था।
- सड़क हादसा अगर किसी नाबालिग की वजह से हुआ तो हादसे के लिए नाबालिग के माता पिता या गाड़ी के मालिक को दोषी माना जाएगा। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन तो रद्द होगा ही 25 हजार रुपये जुर्माने के साथ-साथ 3 साल के लिए जेल भी जाना पड़ सकता है। परिजनों को बचने के लिए यह साबित करना होगा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी या फिर उन्होंने ऐसा करने से रोकने का प्रयास किया था। नाबालिग पर जुवेनाइल जस्टिस ऐक्ट के तहत केस चलेगा।
- शराब पीकर गाड़ी चलाने पर न्यूनतम जुर्माने को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये तक कर दिया गया है। रैश ड्राइविंग पर फाइन भी 1,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 कर दिया गया है। बिना लाइसेंस के फाइन पर 5,000 रुपये तक का फाइन देना होगा, फिलहाल यह 500 रुपये है।
- बिना सीट बेल्ट पहने चालान पर 100 रुपये की बजाय 1,000 देना होगा। इसके अलावा तय लिमिट से अधिक स्पीड से चलाने पर 400 के स्थान पर 1,000 से 2,000 रुपये तक फाइन देना होगा।
- मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग करने पर 5,000 रुपये तक फाइन देना होगा। फिलहाल यह महज 1,000 ही है।
- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पर देनदारी की सीमा को समाप्त किया जाएगा। इससे पहले 2016 में तैयार प्रस्ताव में मौत पर 10 लाख और गंभीर घायल पर 5 लाख रुपये का प्रावधान था।
- सड़क हादसा अगर किसी नाबालिग की वजह से हुआ तो हादसे के लिए नाबालिग के माता पिता या गाड़ी के मालिक को दोषी माना जाएगा। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन तो रद्द होगा ही 25 हजार रुपये जुर्माने के साथ-साथ 3 साल के लिए जेल भी जाना पड़ सकता है। परिजनों को बचने के लिए यह साबित करना होगा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी या फिर उन्होंने ऐसा करने से रोकने का प्रयास किया था। नाबालिग पर जुवेनाइल जस्टिस ऐक्ट के तहत केस चलेगा।
- शराब पीकर गाड़ी चलाने पर न्यूनतम जुर्माने को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये तक कर दिया गया है। रैश ड्राइविंग पर फाइन भी 1,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 कर दिया गया है। बिना लाइसेंस के फाइन पर 5,000 रुपये तक का फाइन देना होगा, फिलहाल यह 500 रुपये है।
- बिना सीट बेल्ट पहने चालान पर 100 रुपये की बजाय 1,000 देना होगा। इसके अलावा तय लिमिट से अधिक स्पीड से चलाने पर 400 के स्थान पर 1,000 से 2,000 रुपये तक फाइन देना होगा।
- मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग करने पर 5,000 रुपये तक फाइन देना होगा। फिलहाल यह महज 1,000 ही है।
विश्व में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं
विश्व स्वास्थ्य संगठन की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं भारत में होती हैं। यहां तक कि सर्वाधिक आबादी वाला देश चीन भी इस मामले में हमसे पीछे है। लोकसभा में चर्चा के दौरान केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि सड़क सुरक्षा कानूनों को सही नीयत से लागू कर लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है। सड़कपरिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की 2017 की रिपोर्ट भारत में हर साल लगभग 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें 1 लाख से ज्यादा लोग बेमौत मारे जाते हैं। सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में अनाड़ी या नौसिखिए ड्राइवर, लापरवाही या शराब पी कर गाड़ी चलाना, घटिया सड़के और गाड़ी में खराबी शामिल है।
यह है नया कानून
चालान------------पहले----अब
ओवर स्पीडिंग------400----1000
बिना लाइसेंस------500----5000
डेंजरस ड्राइविंग----1000---5000
ड्रंकन ड्राइविंग-----2000---10,000
बिना हेलमेट-------100----1000
यह है नया कानून
चालान------------पहले----अब
ओवर स्पीडिंग------400----1000
बिना लाइसेंस------500----5000
डेंजरस ड्राइविंग----1000---5000
ड्रंकन ड्राइविंग-----2000---10,000
बिना हेलमेट-------100----1000