48 हजार फ्लैट धारकों के लिए राहत भरी खबर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
48 हजार हाउसिंग बोर्ड के मकान धारकों के लिए एक राहत वाली खबर है। बोर्ड जल्द ही उन्हें नीड बेस्ड चेजेंज (जरूरत के अनुसार बदलाव) करने की मंजूरी देने जा रहा है। अभी तक इन बदलावों को प्रशासन और हाउसिंग बोर्ड वायलेशन मानता रहा है।
सीएचबी की ओर से शहर में बने मकानों का सर्वे करने के बाद डेढ़ दर्जन बड़े बदलाव तय किए गए हैं। इसके अलावा वास्तुकार विभाग की ओर से अलग अलग कैटेगरी के मकानों के करीब 150 नक्शे तैयार किए गए हैं। जिसके मुताबिक मालिक अपने मकानों में बदलाव कर सकते हैं।
इन नक्शों को हाउसिंग बोर्ड की सरकारी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। सीएचबी की ओर से यह नक्शे और जरूरत के अनुसार बदलाव मंजूरी के लिए प्रशासन को भेज दिए गए हैं। जिस पर हाउसिंग बोर्ड और प्रशासन के अधिकारियों की बैठक भी हो चुकी है।
उम्मीद है कि प्रशासन की ओर से अगले सप्ताह इन बदलावों संबंधी नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। इस समय शहर के 80 प्रतिशत से ज्यादा हाउसिंग बोर्ड के मकानों में रहने वाले लोग जरूरत के अनुसार बदलाव की मंजूरी की मांग कर रहे हैं। इन सभी को वायलेशन के नोटिस भी जारी हो चुके हैं।
बरामदों में कमरा बनाने की मंजूरी मिलेगी
सूत्रों का कहना है कि सीएचबी की ओर से जो डेढ़ दर्जन नीड बेस्ड चेजेंज तय किए गए हैं उनमें सबसे बड़ी राहत उन लोगों को है जिन्होंने अपने मकान के परिसर के बरामदों में कमरे का निर्माण कर लिया है। बोर्ड इसे रेगुलर करने जा रहा है। इसके साथ ही ऊपर की मंजिल के मकानों के टैरेस को भी कवर करने की मंजूरी नीड बेस्ड चेजेंज में शामिल है। मकान के भीतर किए गए बदलाव को भी नीड बेस्ड चेजेंज में शामिल किया गया है। जबकि ऊपर की फ्लोर में रहने वाले लोगों को बालकनी बनाने की भी मंजूरी दी जा रही है।
सरकारी जमीन पर कब्जा बर्दाश्त नहीं होगा
लेकिन उन मकानों को कोई राहत नहीं मिलेगी जिन्होंने सरकारी जमीन पर निर्माण किया है। ऐसे मकानों को बोर्ड वायलेशन के दायरे में ही रखेगा। जरूरत के अनुसार बदलाव की नोटिफिकेशन के बाद ऐसे मकानों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जिन्होंने एक सीमा के बाद बहुमंजिला इमारत का निर्माण किया है उन पर भी कार्रवाई की जाएगी क्योंकि ऐसी इमारतें सेफ नहीं हैं।
वायलेशन के साथ मकान ट्रांसफर करने की मंजूरी
हाउसिंग बोर्ड ने छह माह पहले ही मकान ट्रांसफर करने की मंजूरी दी है। अब जिन मकानों में वायलेंशन है उन्हें भी ट्रांसफर किया जा रहा है। अब प्रतिदिन एक दर्जन से ज्यादा निवासी अपने मकानों के ट्रांसफर के लिए आवेदन कर रहे हैं। निवासी इन वायलेशन को ही जरूरत के अनुसार बदलाव कहते हैं।
साल 2010 में छह माह की समय की गई थी तय
साल 2010 में भी छिट पुट 52 जरूरत के अनुसार परिवर्तन करने की मंजूरी मिली थी लेकिन यह सिर्फ छह माह का समय ही दिया गया था जो समय काफी कम था लेकिन जरूर बदलाव करने की मंजूरी दी भी गई थी उससे 10 प्रतिशत लोगों को भी राहत नहीं मिली थी।
सीएचबी फेडरेशन के प्रवक्ता रजत मल्होत्रा का कहना है कि मकान के प्लाट एरिया में जो भी निर्माण हुआ है उसे जरूरत के अनुसार बदलाव में शामिल किया जाए। उनका कहना है कि मकान के भीतर ऐसे बदलाव समय की मांग है।
सलाहकार विजय देव का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड के मकान में रहने वाल लोगों को जरूर राहत मिलेगी उनका कहना है कि वित सचिव जल्द ही नीड बेस्ड चेजेंज को मंजूरी के लिए पेश करने जा रहे हैं।