फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh gst bill, chandigarh administration vp badnaur

प्रशासक बदनौर बोले- जीएसटी में भी देश का पहला शहर बनेगा चंडीगढ़

Fri, 20 Jan 2017 12:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 20 Jan 2017 12:58 AM IST
विज्ञापन
Chandigarh gst bill, chandigarh administration vp badnaur
VP singh badnaur - फोटो : Amar Ujala
चंडीगढ़ के 16 हजार 500 डीलर्स में से 12 हजार जीएसटी पोर्टल पर रजिस्टर्ड हो चुके हैं। बाकी का रजिस्ट्रेशन भी अगले कुछ दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। 
विज्ञापन

वीरवार को होटल माउंटव्यू में आयोजित जीएसटी पर सेमीनार में प्रशासन की ओर से यह जानकारी दी गई। सेमीनार में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत की। सांसद किरण खेर, एडवाइजर परिमल राय, वित्त सचिव सर्वजीत सिंह, डीसी अजीत बालाजी जोशी भी इस मौकेपर मौजूद रहे। सेंट्रल एक्साइज के ज्वाइंट कमिश्नर राजन दत्ता,  नई दिल्ली सीबीईसी जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर रवनीत खुराना और एडवोकेट अजय जग्गा मुख्य वक्ता रहे।
विज्ञापन


इस मौके पर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कहा कि जीएसटी में भी चंडीगढ़ को देश की पहली सिटी बनाया जाएगा। इससे पहले एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर कम डीसी जोशी ने बताया कि जीएसटी के लिए अधिकारियों की ट्रेनिंग हो चुकी है। डीलर्स को भी अपडेट किया जा रहा है। रवनीत खुराना ने बताया कि जीएसटी के बाद एक छोटी सी जगह का व्यापारी भी देश में कहीं भी बड़ी आसानी से व्यापार कर सकेगा। उसे यह नहीं सोचना होगा कि कर्नाटक में टैक्स क्या है और ओडिशा में क्या लगेगा?
विज्ञापन
विज्ञापन

चंडीगढ़ के 12 हजार डीलर्स जीएसटी पोर्टल पर रजिस्टर्ड

Chandigarh gst bill, chandigarh administration vp badnaur
एक स्टडी के अनुसार देश में ट्रक चालकों का बहुत सा समय चेकपोस्ट नाकों पर बीतता है जिस कारण सामान की देरी से डिलीवरी होती है। जीएसटी के बाद ट्रक की जानकारी चलने से पहले ही ऑनलाइन डाल दी जाएगी। इसके बाद उसे बेवजह बीच में कहीं रुकना नहीं पड़ेगा। जीएसटी काउंसिल व्यापारियों की छोटी से छोटी बात को ध्यान में रखकर कानून बना रही है। 

रवनीत ने बताया कि कोई बिजनेस शुरू करने से पहले सिर्फ रजिस्ट्रेशन करवाने में ही 22-23 दिन लग जाते हैं, लेकिन जीएसटी के बाद यह महज 3 दिनों में हो जाएगा। ऐसा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। पहली बार देश में जीएसटी के बाद क्रेडिट कार्ड से भी पेमेंट हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि जीएसटी की सबसे बड़ी चुनौती इंटरनेट कनेक्टिविटी है। खासकर उन एरिया में जहां बिजली की व्यवस्था भी नहीं है। लेकिन इन सब दिक्कतों पर काम किया जा रहा है। ट्रेड एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के सवालों का जवाब भी वक्ताओं ने दिया। एडीशनल एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर आरके पोपली और असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर रविंद्र कौशिक भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed