फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh Draft Master Plan Issue

पढ़िये, ड्राफ्ट मास्टर प्लान पर किसने क्या कहा?

Tue, 01 Jul 2014 09:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 01 Jul 2014 09:03 AM IST
विज्ञापन
Chandigarh Draft Master Plan Issue

प्रशासक शिवराज पाटिल ने ड्राफ्ट मास्टर प्लान को आठ दिन में पूरा करने का निर्देश दिया है। सोमवार को यूटी गेस्ट हाउस में सलाहकार समिति की आठवीं बैठक में सभी सदस्यों के सुझाव सुनने के बाद पाटिल ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट को तय करने में पहले ही काफी देरी हो चुकी है और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से प्रशासन को कई बात फटकार पड़ चुकी है।

पाटिल ने कहा कि शहर के भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान में शहर के मूल कैरेक्टर को संरक्षित किया जाना चाहिए।  अब 4 अगस्त को इसकी अगली सुनवाई होनी है।
विज्ञापन


इस निर्देश के बाद अधिकारियों का पास काफी कम समय बचा है। मास्टर प्लान मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा और वहां से मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचना जारी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पाटिल ने बेहतर सुझाव देने के लिए सदस्यों का धन्यवाद किया। सोमवार को सलाहकार समिति की बैठक शुरू होने के बाद पाटिल ने पीएसएलवी-सी 23 के सफल प्रक्षेपण पर केंद्र सरकार और वैज्ञानिकों को बधाई दी।

मास्टर प्लान पर ऐसा बोले संजय टंडन

Chandigarh Draft Master Plan Issue

यूटी के सलाहकार समिति की बैठक में भाजपा चंडीगढ़ के अध्यक्ष संजय टंडन ने भी शहर के कई मुद्दे उठाए। टंडन ने नियमित तौर पर सलाहकार समिति की बैठक बुलाने और बैठक का एजेंडा समय से भेजने की बात कही। टंडन ने इन मुद्दों को रखा-

-चंडीगढ़ में एमएसएमई एक्ट को तुरंत लागू किया जाए
-चंडीगढ़ की प्लानिंग करते हुए गूगल मैपिंग के स्थान पर डिजिटल नक्शे का इस्तेमाल होना चाहिए
-शहर के प्रमुख मार्गों को एकतरफा यातायात के लिए रखा जाना चाहिए, ताकि ट्रैफिक की समस्या कम हो

-मास्टर प्लान को 2011 की जनगणना के आधार पर बनाया जाना चाहिए था न कि 2001 की
-मनीमाजरा से पीजीआई तक एलिवेटेड सड़क बननी चाहिए और मनीमाजरा को सेक्टोरल ग्रिड में लाते हुए यहां सेक्टर बनने चाहिए

पूर्व सांसद सत्यपाल जैन ने ये कहा

Chandigarh Draft Master Plan Issue

-मास्टर प्लान को बनाते समय इंटरस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल और पंचकूला, मोहाली, परवाणु को भी शामिल करना चाहिए
-शहर में शैक्षणिक संस्थानों को स्थान देना चाहिए ताकि हर श्रेणी के विद्यार्थियों को अपनी इच्छा के अनुसार दाखिला मिल सके

-शहर में यातायात की समस्या के निपटाने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण होना चाहिए
-शहर के रिहायशी और कामर्शियल इमारतों में चौथी मंजिल तक निर्माण की अनुमति दी जानी चाहिए

-चंडीगढ़ को अपना पावर प्लांट स्थापित करना चाहिए
-चंडीगढ़ के बच्चों को सरकारी स्कूलों के पार्कों में खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए

टंडन ने बैठक में लहराया अमर उजाला

Chandigarh Draft Master Plan Issue

यूटी के प्रशासक की सलाहकार समिति की सोमवार को हुई बैठक में अमर उजाला की ओर से शनिवार को आयोजित राउंड टेबल कांफ्रेंस में आई लोगों की राय को उठाया गया।

भाजपा चंडीगढ़ के अध्यक्ष और सलाहकार समिति के सदस्य संजय टंडन ने बैठक में अमर उजाला के रविवार के अंक में राउंड टेबल से संबंधित खबर ‘बाइबल नहीं हैं कार्बूजिए, जरूरी बदलाव किए जाएं’ को  प्रशासक शिवराज पाटिल के सामने रखते हुए कहा कि प्रशासन को लोगों के दिल की आवाज का सम्मान करना चाहिए।

एक समय था जब ली कार्बूजिए की बातें शहर के लिए उपयुक्त थीं। लेकिन, अब ऐसा समय नहीं है। अगर हम ली कार्बूजिए की बातों को ध्यान में रखेंगे तो शहर की जरूरतों को पूरा नहीं कर पाएंगे।

संजय टंडन की बात का जवाब देते हुए प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने कहा कि ली कार्बूजिए के खिलाफ किसी को नहीं होना चाहिए।

ध्यान रहे कि अमर उजाला के कार्यालय में शनिवार को हुई राउंड टेबल कांफ्रेंस में शहर के गणमान्य लोगों ने कहा था कि आम आदमी की जरूरतों पर फोकस करने की जगह मास्टर प्लान का ड्राफ्ट एक राजनीतिक खिलौना बन कर रह गया है। लोगों ने कहा था कि ली कार्बूजिए को प्रशासन बाइबल की तरह न ले और बढ़ते शहर के लिए कुछ नए आइडिया लाए।

नेहरू की सिटी और हेरीटैज सिटी में फंसे नगरवासी

Chandigarh Draft Master Plan Issue

फासवेक के चेयरमैन बलजिंद्र सिंह बिट्टू ने कहा कि शहरवासी इस शहर को जवाहर लाल नेहरू की सिटी बनाना चाहते हैं, जबकि प्रशासन इसे हैरीटैज सिटी बना रहा है। इससे यहां के निवासी लगातार परेशान हो रहे हैं।

बिट्टू ने अपार्टमेंट एक्ट का भी मामला उठाया। बिट्टू ने कहा कि प्रस्तावित मास्टर प्लान में अपार्टमेंट एक्ट को लागू नहीं किया जा रहा है, जबकि शहर में पहले से यह एक्ट है।

उन्होंने बताया कि तीन लोगों के नाम पर प्रापर्टी की रजिस्ट्री हो रही है। ऐसे में अपार्टमेंट एक्ट लागू न करके अदालती मामले बढ़ जाएंगे।  बिट्टू ने हाउसिंग बोर्ड में जरूरत के अनुसार बदलाव को रेगुलर करने की मांग की।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में अंडरपास को शामिल किया गया है। अंडरपास के निर्माण के लिए समय सीमा तय करनी चाहिए। इस पर प्रशासक शिवराज पाटिल ने बिट्टू से कहा कि अंडरपास का निर्माण करने का काम नगर निगम को सौंपा गया है।

अतिरिक्त फ्लोर बनाने की मंजूरी दी जाए

Chandigarh Draft Master Plan Issue

व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरणजीव सिंह ने कहा कि बूथों में अतिरिक्त फ्लोर का निर्माण करने की बात मास्टर प्लान में शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण की बात शामिल की गई है, लेकिन मास्टर प्लान में पार्किंग की जगह तय नहीं की गई है, जिसे शामिल किया जाना चाहिए। चरणजीव ने 500 रुपये स्कवायर फीट के हिसाब से आ रहे नोटिसों को वापस लेने की मांग की।

एमएसएमई एक्ट लागू हो

सीआईए के चेयरमैन दर्पण कपूर ने बैठक में कहा कि प्रशासन को एमएसएमई एक्ट पर पाबंदी नहीं लगानी चाहिए, इसे लागू करना चाहिए। साथ ही सोलर इंडस्ट्री में सुधार लाना चाहिए।

उन्होंने सेक्टर-17 के विकास पर विशेष ध्यान देने की बात मास्टर प्लान में शामिल करने की मांग की। इसके साथ ही विज्ञापन कंट्रोल एक्ट में संशोधन करने की बात कही।

व्यापारियों और गांववासियों को मिले राहत

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बीबी बहल ने प्रशासक से कहा कि जब भी हम लोग आपसे शहरवासियों की समस्याओं को लेकर मिलते हैं तो आप एक्ट और लीकार्बूजिए के नक्शे का हवाला दे देते हैं।

उन्होंने मास्टर प्लान में व्यापारियों और गांववासियों को राहत देने की बात कही। उन्होंने कहा कि गांव के लाल डोरे का विस्तार करना चाहिए। इसके साथ ही बहल ने औद्योगिक क्षेत्र के प्लाटों को फ्री होल्ड करने की बात भी उठाई।

प्रशासन की नौकरियों में लोकल का कोटा हो

Chandigarh Draft Master Plan Issue
पाटिल साहब, आपके महाराष्ट्र में मराठियों के लिए सरकारी नौकरियों में 16 प्रतिशत कोटा रखने का प्रस्ताव तैयार हुआ है, जबकि सिटी और गांव के युवाओं के लिए प्रशासन की नौकरियों में कोई कोटा नहीं है।

ऐसे में यहां के स्थानीय युवाओं के लिए भी कोटा तय किया जाए। यह बात प्रशासन की सलाहकार समिति की बैठक में भाजपा नेता भजन सिंह माडू ने कही।

भजन सिंह ने कहा कि गांव की जमीनों का पहले ही प्रशासन ने अधिग्रहण कर लिया है और जो लाल डोर के बाहर की इमारतें हैं उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं। गांव के युवा बेरोजगार हैं, ऐसे में उन्हें सरकारी नौकरियों में रिजर्वेशन मिलना चाहिए।

डेपुटेशन पर आए अधिकारियों का मामला उठा
बैठक में डेपुटेशन पर दूसरे राज्यों से आने वाले अधिकारियों का मामला भी भजन सिंह ने उठाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन के अधिकारी तीन साल के लिए आते हैं और चले जाते हैं।

उन्हें न तो शहर की जानकारी होती है और न ही शहरवासियों की। भाजपा नेता ने डेपुटेशन पर रोक लगाकर यहां के कर्मचारियों को प्रमोट करने की वकालत की।

तीन डीएसपी रहे सुरक्षा में तैनात
सलाहकार समिति की बैठक में सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन दर्जन से ज्यादा पुलिस कर्मचारी मौजूद रहे। इस मौके पर डीएसपी आशीष कपूर, डीएसपी कमलदीप और डीएसपी राजेश कालिया भी मौजूद रहे, जबकि एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी भी वहां मौजूद रहे। आईजी आरपी उपाध्याय भी सलाहकार समिति की बैठक में शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed