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चंडीगढ़ वासी पूछ रहे हैं- पार्कों में कुत्ते घूमेंगे तो हम लोग कहां जाएंगे?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 02 Mar 2017 09:58 AM IST
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आरडब्ल्यूए ने पार्कों में डाग्स के लिए खोलने के फैसले का किया विरोध
- फोटो : File Photo
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चंडीगढ़ के पार्कों को पेट डॉग्स के लिए खोलने के नगर निगम के निर्देश पर शहर की रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आरडब्ल्यूए का कहना है कि इससे तो शहर के लोगों को परेशानी और बढ़ जाएगी।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने कहा...
पार्क में पालतू कुत्ते नहीं आने चाहिए। इन्हें आम प्रयोग में न आने वाली जगहों पर ले जाया जाना चाहिए। ऐसे में तो हर पार्क में गंदगी भर जाएगी। चंडीगढ़ स्वच्छ कैसे रहेगा।
-हितेश पुरी, वाइस चेयरमैन फॉसवेक
पार्क में पेट डॉग्स को लाने की अनुमति किसी भी हालत में नहीं दी जानी चाहिए। लोग कहां जाएंगे। शहरवासी पहले से ही लावारिस कुत्तों से परेशान हैं।
वीएन शर्मा, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ सोशल वेलफेयर एसोसिएशन वार्ड नंबर-9
पार्क में बच्चे भी खेलते हैं। पेट डॉग्स को पार्क में आने पर दहशत बढ़ जाएगी। वातावरण खराब होगा। लोग घरों में पहले से ही काफी डॉग्स रखे हुए हैं। गंदगी का अंबार पार्क में भर जाएगा।
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डॉ ओपी वर्मा, अध्यक्ष आरडब्ल्यूए सेक्टर-20।
पेट डॉग्स को पार्क या गार्डेन में किसी भी हालत में नहीं आने देना चाहिए। ऐसे में कुत्तों का आतंक बढ़ जाएगा।
प्रमोद वालिया, प्रधान, आरडब्ल्यूए सेक्टर-40 डी
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आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने कहा...
पार्क में पालतू कुत्ते नहीं आने चाहिए। इन्हें आम प्रयोग में न आने वाली जगहों पर ले जाया जाना चाहिए। ऐसे में तो हर पार्क में गंदगी भर जाएगी। चंडीगढ़ स्वच्छ कैसे रहेगा।
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-हितेश पुरी, वाइस चेयरमैन फॉसवेक
पार्क में पेट डॉग्स को लाने की अनुमति किसी भी हालत में नहीं दी जानी चाहिए। लोग कहां जाएंगे। शहरवासी पहले से ही लावारिस कुत्तों से परेशान हैं।
वीएन शर्मा, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ सोशल वेलफेयर एसोसिएशन वार्ड नंबर-9
पार्क में बच्चे भी खेलते हैं। पेट डॉग्स को पार्क में आने पर दहशत बढ़ जाएगी। वातावरण खराब होगा। लोग घरों में पहले से ही काफी डॉग्स रखे हुए हैं। गंदगी का अंबार पार्क में भर जाएगा।
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डॉ ओपी वर्मा, अध्यक्ष आरडब्ल्यूए सेक्टर-20।
पेट डॉग्स को पार्क या गार्डेन में किसी भी हालत में नहीं आने देना चाहिए। ऐसे में कुत्तों का आतंक बढ़ जाएगा।
प्रमोद वालिया, प्रधान, आरडब्ल्यूए सेक्टर-40 डी
ये है पूरा मामला
chandigarh parks
- फोटो : File Photo
बता दें कि एनिमल वेलफेयर बोर्ड ने चंडीगढ़ नगर निगम को गाइडलाइन जारी निर्देश दिया है कि शहर की ग्रीन बेल्ट्स और पार्कों में पेट डाग्स के जाने पर पाबंदी हटाई जाए।
नगर निगम कमिश्नर को इस बारे में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का भी फोन आया है। इन्हें लागू करने के लिए उनके पास कोई आप्शन भी नहीं है। बोर्ड से आई गाइडलाइन की जानकारी कमिश्नर ने सदन को बताई जिसको सुनकर पार्षद भी हैरान हो गए। पार्षदों ने इन निर्देशों का विरोध करते हुए कहा कि ऐसा नहीं हो सकता है कि पार्क में कुत्ते और आदमी एक साथ रहें। गाइडलाइन लागू न किया जाए।
मालूम हो कि शहर में 1600 से ज्यादा ग्रीन बेल्ट्स और पार्क हैं। जिसमे कुत्तों को सैर करने वालों पर 500 रुपये जुर्माना लगाने का प्रावधान है। सभी प्रमुख पार्कों के बाहर इसके सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं। एनिमल वेलफेयर बोर्ड ने निर्देश में कहा है कि पार्कों के बाहर से ये बोर्ड हटाए जाएं। बोर्ड की ओर से आए निर्देश में यह भी कहा गया है कि पेट डाग्स द्वारा फैलाई गई गंदगी उठाने की जिम्मेवारी डाग के मालिक की होगी। ऐसा न करने पर मालिक पर जुर्माना लगाया जाएगा। सदन में अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद यह गाइडलाइन बोर्ड ने जारी की है। भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल ने कहा कि नगर निगम को एक ऐप लांच करना चाहिए जिससे अगर कोई पेट डाग गंदगी फैलाए तो उसकी फोटो खींचकर नगर निगम को भेजी जा सके।
नगर निगम कमिश्नर को इस बारे में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का भी फोन आया है। इन्हें लागू करने के लिए उनके पास कोई आप्शन भी नहीं है। बोर्ड से आई गाइडलाइन की जानकारी कमिश्नर ने सदन को बताई जिसको सुनकर पार्षद भी हैरान हो गए। पार्षदों ने इन निर्देशों का विरोध करते हुए कहा कि ऐसा नहीं हो सकता है कि पार्क में कुत्ते और आदमी एक साथ रहें। गाइडलाइन लागू न किया जाए।
मालूम हो कि शहर में 1600 से ज्यादा ग्रीन बेल्ट्स और पार्क हैं। जिसमे कुत्तों को सैर करने वालों पर 500 रुपये जुर्माना लगाने का प्रावधान है। सभी प्रमुख पार्कों के बाहर इसके सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं। एनिमल वेलफेयर बोर्ड ने निर्देश में कहा है कि पार्कों के बाहर से ये बोर्ड हटाए जाएं। बोर्ड की ओर से आए निर्देश में यह भी कहा गया है कि पेट डाग्स द्वारा फैलाई गई गंदगी उठाने की जिम्मेवारी डाग के मालिक की होगी। ऐसा न करने पर मालिक पर जुर्माना लगाया जाएगा। सदन में अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद यह गाइडलाइन बोर्ड ने जारी की है। भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल ने कहा कि नगर निगम को एक ऐप लांच करना चाहिए जिससे अगर कोई पेट डाग गंदगी फैलाए तो उसकी फोटो खींचकर नगर निगम को भेजी जा सके।