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चंडीगढ़ के अस्पताल का हाल, भूख से तड़पने लगी कोरोना मरीज, पिता को किया फोन, तब मिला खाना
Wed, 16 Sep 2020 05:46 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 16 Sep 2020 05:46 AM IST
सार
- मोहाली में भर्ती मरीज के पिता के अनुरोध पर डायरेक्टर प्रिंसिपल ने करवाई भोजन की व्यवस्था
- सोमवार की रात तबीयत बिगड़ने पर बेटी को जीएमसीएच-32 में किया गया था भर्ती
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कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में भर्ती एक कोरोना संक्रमित भूख से तड़पने लगी। भूख के बारे में उसने अपने पिता को जानकारी दी। पिता ने जीएमसीएच के डायरेक्टर प्रिंसिपल को संदेश भेजकर भोजन उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया। इसके बाद डायरेक्टर प्रिंसिपल के निर्देश पर मरीज को भोजन की व्यवस्था की गई।
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सेक्टर-29 निवासी एक युवती अपनी मां के साथ कोरोना पॉजिटिव आने के बाद 10 सितंबर से सूद धर्मशाला में भर्ती थी। सोमवार देर रात सांस लेने में अचानक परेशानी बढ़ी तो आनन-फानन में जीएमसीएच-32 इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। वहां ऑक्सीजन देने के बाद स्थिति में कुछ सुधार हुआ।
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हैरानी की बात है कि अस्पताल प्रशासन ने भर्ती करते समय महिला के एडमिशन चार्ट पर डाइट नोट नहीं किया। उसे सुबह नाश्ता भी नहीं मिला। दोपहर 12 बज गए तो उसने अपने पिता को इसकी सूचना दी। पिता भी कोरोना पॉजिटिव हैं और उनका मोहाली के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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युवती भूख से तड़प रही थी। पिता का कहना है कि कोरोना के मरीजों की देखभाल और भोजन पर सरकार करोड़ों खर्च कर रही है, इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों की स्थिति बदतर है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी बेटी ने सूचना न दी होती तो वह न जाने कब तक भूख से तड़पती रहती।