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सावधान हो जाएं, अफसरों के घर में काम कर रहे कर्मचारी अब नहीं चेते तो कर दिए जाएंगे बाहर
Thu, 13 Jun 2019 12:01 PM IST
खुशबू गोयल
नवदीप मिश्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 13 Jun 2019 12:01 PM IST
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फाइल फोटो
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अफसरों के घरों में काम कर रहे कर्मचारी अगर अभी सावधान नहीं हुए तो नौकरी से बाहर कर दिए जाएंगे। एमओएच की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में बिना काम किए सैलरी लेने वाले कर्मचारियों का खुलासा होने के बाद कमिश्नर केके यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। कमिश्नर ने अफसरों के साथ बैठक कर कहा कि जो कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं या यूटी से बाहर जा चुके हैं, वे अफसरों के यहां काम कर रहे हैं। उन्हें किसी भी हाल में सैलरी नहीं दी जाएगी। इसके अलावा उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि एमओएच की ओर से जारी एक रिपोर्ट में बताया गया था कि लगभग 25 प्रतिशत कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आते हैं, जबकि सैलरी पूरी लेते हैं। रिपोर्ट आने के बाद कमिश्नर ने निर्देश जारी किया था कि जो ठेके पर सफाई कर्मचारी हैं व ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं, उन्हें नौकरी से बाहर कर दिया जाए। वहीं, पक्के कर्मचारियों पर जुर्माना लगाकर कार्रवाई की जाए। कमिश्नर ने कहा कि चाहे कोई यूनियन का पदाधिकारी हो या सदस्य, नियम सब पर लागू हो। लापरवाही करने वाला कोई भी व्यक्ति नहीं बचना चाहिए।
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बता दें कि एमओएच की ओर से जारी एक रिपोर्ट में बताया गया था कि लगभग 25 प्रतिशत कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आते हैं, जबकि सैलरी पूरी लेते हैं। रिपोर्ट आने के बाद कमिश्नर ने निर्देश जारी किया था कि जो ठेके पर सफाई कर्मचारी हैं व ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं, उन्हें नौकरी से बाहर कर दिया जाए। वहीं, पक्के कर्मचारियों पर जुर्माना लगाकर कार्रवाई की जाए। कमिश्नर ने कहा कि चाहे कोई यूनियन का पदाधिकारी हो या सदस्य, नियम सब पर लागू हो। लापरवाही करने वाला कोई भी व्यक्ति नहीं बचना चाहिए।
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बिना आदेश अफसरों ने घर पर लगाए हैं कर्मचारी
कमिश्नर ने कहा कि कुछ अफसर ऐसे भी हैं, जिन्होंने बिना किसी आदेश के अपने घर कर्मचारियों को काम पर रखा हुआ है। जल्द सभी कर्मचारियों को मुक्त नहीं किया गया तो कर्मचारियों के साथ ही अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परिवार का एक ही सदस्य आता है ड्यूटी पर
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ठेकेदार ने एक ही परिवार के चार से पांच सदस्यों को नौकरी दे दी है। घर से सिर्फ एक ही व्यक्ति काम पर आता है, लेकिन सैलरी महीने पर सभी लेते हैं। ठेकेदार की मिलीभगत से रिश्तेदारों को काम पर रखा जा रहा है। ऐसे में सफाई व्यवस्था सुस्त और निगम पर रुपयों का दबाव बढ़ रहा है।
हर साल लगभग 12 करोड़ का घाटा
नगर निगम के पास वर्तमान में 2400 कर्मचारी हैं, जिनमें से 900 सफाई कर्मचारी स्थायी हैं। सूत्रों की मानें तो लगभग 25 प्रतिशत काम पर न आने वाले कर्मचारियों की सैलरी पर निगम हर माह लगभग एक करोड़ रुपये खर्च करता है। इस हिसाब से साल में 12 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। वहीं, लायंस कंपनी के600 कर्मचारी भी शहर में काम करते हैं। कमिश्नर ने कहा कि कंपनी के कर्मचारी भी लापरवाही करते दिखें तो कार्रवाई की जाएगी।
परिवार का एक ही सदस्य आता है ड्यूटी पर
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ठेकेदार ने एक ही परिवार के चार से पांच सदस्यों को नौकरी दे दी है। घर से सिर्फ एक ही व्यक्ति काम पर आता है, लेकिन सैलरी महीने पर सभी लेते हैं। ठेकेदार की मिलीभगत से रिश्तेदारों को काम पर रखा जा रहा है। ऐसे में सफाई व्यवस्था सुस्त और निगम पर रुपयों का दबाव बढ़ रहा है।
हर साल लगभग 12 करोड़ का घाटा
नगर निगम के पास वर्तमान में 2400 कर्मचारी हैं, जिनमें से 900 सफाई कर्मचारी स्थायी हैं। सूत्रों की मानें तो लगभग 25 प्रतिशत काम पर न आने वाले कर्मचारियों की सैलरी पर निगम हर माह लगभग एक करोड़ रुपये खर्च करता है। इस हिसाब से साल में 12 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। वहीं, लायंस कंपनी के600 कर्मचारी भी शहर में काम करते हैं। कमिश्नर ने कहा कि कंपनी के कर्मचारी भी लापरवाही करते दिखें तो कार्रवाई की जाएगी।
गिरता सफाई का स्तर, 20वें स्थान पर पहुंचा शहर
शहर में सफाई का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। यही वजह है कि स्वच्छता अभियान में चंडीगढ़ 20वें स्थान पर खिसक गया। कमिश्नर ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर में सफाई करने की बजाय इधर-उधर किसी सरकारी अधिकारी या वीआईपी के घरों में अवैध तरीके से काम कर रहे हैं, लेकिन अब शहर की सफाई व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा और सीधे कार्रवाई होगी।
जल्द थर्ड पार्टी टीम का होगा गठन
कमिश्नर ने कहा कि हर बार इस तरह की रिपोर्ट में खुलासे नहीं होते, इसलिए अब एक थर्ड पार्टी टीम का गठन किया जाएगा। जो समय-समय पर सफाई कर्मचारी और इंस्पेक्टरों पर नजर रखेगी। यदि किसी भी क्षेत्र में इंस्पेक्टर लापरवाही करते मिले तो थर्ड पार्टी की रिपोर्ट पर कार्रवाई की जाएगी।
आप खुद करें अपने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण
कमिश्नर ने लोगों से अपील की है कि अपने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था का आप खुद निरीक्षण करें। आपको लगता है कि सफाईकर्मी नहीं आया या सफाई नहीं की गई तो उसका फोटो खींचकर स्वच्छता अभियान के ऐप पर अपलोड करें। जल्द ही शहर के सभी सफाई कर्मचारियों की सूची, उनके मोबाइल नंबर और फोटो भी वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। इससे लोग आसानी से शिकायत कर सकेंगे। ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं है कि नगर निगम के सफाई कर्मचारी सुबह और शाम दो शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं।
काम न करने वालों पर जरूर हो कार्रवाई
मेयर राजेश कालिया ने कहा कि सख्ती जरूरी है। काम न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। क्योंकि लगातार शहर में सफाई की व्यवस्था चरमरा रही है। कमिश्नर ने जो निर्णय लिए हैं, वह सही हैं। काम करने वालों को उनका हक मिले और लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई हो।
जल्द थर्ड पार्टी टीम का होगा गठन
कमिश्नर ने कहा कि हर बार इस तरह की रिपोर्ट में खुलासे नहीं होते, इसलिए अब एक थर्ड पार्टी टीम का गठन किया जाएगा। जो समय-समय पर सफाई कर्मचारी और इंस्पेक्टरों पर नजर रखेगी। यदि किसी भी क्षेत्र में इंस्पेक्टर लापरवाही करते मिले तो थर्ड पार्टी की रिपोर्ट पर कार्रवाई की जाएगी।
आप खुद करें अपने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण
कमिश्नर ने लोगों से अपील की है कि अपने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था का आप खुद निरीक्षण करें। आपको लगता है कि सफाईकर्मी नहीं आया या सफाई नहीं की गई तो उसका फोटो खींचकर स्वच्छता अभियान के ऐप पर अपलोड करें। जल्द ही शहर के सभी सफाई कर्मचारियों की सूची, उनके मोबाइल नंबर और फोटो भी वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। इससे लोग आसानी से शिकायत कर सकेंगे। ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं है कि नगर निगम के सफाई कर्मचारी सुबह और शाम दो शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं।
काम न करने वालों पर जरूर हो कार्रवाई
मेयर राजेश कालिया ने कहा कि सख्ती जरूरी है। काम न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। क्योंकि लगातार शहर में सफाई की व्यवस्था चरमरा रही है। कमिश्नर ने जो निर्णय लिए हैं, वह सही हैं। काम करने वालों को उनका हक मिले और लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई हो।