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आदेश के बावजूद रेगुलर नहीं किए प्रोफेसर, कर्मी हड़ताल पर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 17 Feb 2016 11:24 AM IST
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सीसीईटी सेक्टर- 26 के प्रिंसिपल प्रोफेसर एमएस गुजराल के वादा खिलाफ रवैए के खिलाफ कर्मचारियों ने कालेज में क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
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भूख हड़ताल में को-आर्डिनेशन कमेटी आफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंप्लाइज एंड वर्कर्स के संयोजक राकेश कुमार, जसवंत सिंह जस्सा, (सीटीयू), रमन गर्ग, (सीसीईटी) जेएस रंधावा, (पब्लिक हेल्थ प्रशासन) सरवन कुमार एजुकेशन डिपार्टमेंट, राजेश कुमार इलेक्ट्रिकल प्रशासन भूख हड़ताल पर बैठे और उन्होंने प्रशासक के सलाहकार से अपील की है कि वे दखलदांजी करे ताकि हड़ताल को रोका जा सके।
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को-आर्डिनेशन कमेटी आफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंप्लाइज एंड वर्कर्स की अगुवाई में कर्मचारियों ने इससे पहले आठ फ रवरी को कालेज में प्रिंसिपल का घेराव किया था। कमेटी के संयोजक राकेश कुमार ने बताया कि कालेज के प्रिंसिपल ने भरोसा दिलाया था कि निकाले गए कर्मचारियों को तीन फरवरी तक एडजस्ट करने के बारे में फैसला कर लिया जाएगा। उसके बाद कमेटी ने धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम को टाल दिया था लेकिन वादा खिलाफी करते हुए प्रिंसिपल ने साफ तौर उनसे मिलने और बात सुनने से भी इनकार कर दिया।
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राकेश कुमार ने बताया कि सचिव टेक्निकल एजुकेशन ने भी इस मसले में दो फ रवरी को बैठक बुलाई थी। इसके बाद ही धरने और प्रदर्शन को टालने का फैसला किया गया था। उन्होंने कहा था कि सलाहकार के कहने के बाद भी कालेज के प्रिंसिपल ने कांट्रैक्ट पर काम करने वाले पांच असिस्टेंट प्रोफेसरों को नौकरी पर बहाल नहीं किया जबकि सलाहकार ने पदों को मंजूर करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
राकेश कुमार ने कहा है कि इन कर्मचारियों को पहले नौकरी से निकाल दिया गया था और जब कमेटी ने प्रशासक के सलाहकार व शिक्षा सचिव के सामने मुद्दे को उठाया तो कालेज में पदों को मंजूर किया गया लेकिन कालेज के प्रिंसिपल द्वारा ढुलमुल रवैया अपनाया जा रहा था और कर्मचारियों को वापस नौकरी पर नहीं रखा जा रहा था जिसके विरोध में धरना व घेराव किया गया है।