कीर्तिमान: चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल ने ढाई महीने में उगाए डेढ़ लाख पौधे, लिम्का बुक रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज
जेल में 10 किस्म के पौधे उगाए गए। इनमें पैंसी, कैलेंडुला, एलिसम, साल्विया, पेटुनिया, डाहलिया, वर्बेना, केल, डायनथस समेत गुलदाउदी का पौधा शामिल था।
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चंडीगढ़ की बुड़ैल मॉडल जेल देशभर में सबसे ज्यादा पौधे लगाने वाली जेल बन गई है। ढाई महीने में डेढ़ लाख से ज्यादा अलग अलग दस किस्म के फूल के पौधों को उगाया गया है। इसका श्रेय बुड़ैल मॉडल जेल के डीएसपी अमनदीप सिंह और पर्यावरण प्रेमी राहुल महाजन को जाता है। उनके प्रयास से जेल का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है। देश में ऐसा पहली बार हुआ है किसी जेल का नाम लिम्का बुक में दर्ज हो।
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जेल डीएसपी अमनदीप सिंह ने कहा कि वह अपने जानकार पर्यावरण प्रेमी राहुल महाजन के साथ थे। इस दौरान उनके मन में कुछ नया करने का ख्याल आया। तभी से उन्होंने अलग अलग किस्म के फूलों के बीज लेकर उगाना शुरू किया। इसके बाद एक टीम गठित की गई जो शहर के विभिन्न संस्थानों से संपर्क करता था। इस दौरान स्कूल, सरकारी शिक्षण संस्थान, धार्मिक स्थल, रेसीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) समेत कॉलेजों में पौधे बांटे गए। इसके अलावा जिसे पौधों की जरूरत होती थी संपर्क कर जेल से ले जाता था। जेल में 1 जनवरी से 15 मार्च 2020 के बीच डेढ़ लाख पौधे उगाए।
10 किस्म के फूलों के पौधे उगाए
जेल में 10 किस्म के पौधे उगाए गए। इनमें पैंसी, कैलेंडुला, एलिसम, साल्विया, पेटुनिया, डाहलिया, वर्बेना, केल, डायनथस समेत गुलदाउदी का पौधा शामिल था। जिसे शहर के अलग अलग शिक्षण संस्थाओं समेत अन्य जगहों पर लगाया गया है। फूलों के पौधों व बीज बांटने का मकसद था कि सिटी ब्यूटीफुल हरियाली से भरा रहे।
ढाई महीने में डेढ़ लाख फूलों के पौधों को उगाकर बांटा गया है। जिस कारण जेल का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस में दर्ज किया गया है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि चंडीगढ़ की जेल का नाम पहली बार लिम्का बुक में दर्ज हुआ है। -ओमवीर सिंह, डीआईजी जेल