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चंडीगढ़ नहीं खर्च कर पाया बजट, केंद्र ने रिवाइज एस्टीमेट में लगाया 493 करोड़ का कट
Thu, 28 Jan 2021 11:38 AM IST
निवेदिता वर्मा
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 28 Jan 2021 11:38 AM IST
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चंडीगढ़ बजट
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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केंद्र सरकार ने रिवाइज्ड एस्टीमेट में चंडीगढ़ के कुल बजट में 493.19 करोड़ रुपये का कट लगा दिया। उस कट के बाद प्रशासन ने 31 दिसंबर तक बजट का 70.74 फीसदी पैसा खर्च कर दिया है। बजट का अधिकतर पैसा कर्मचारियों को तनख्वाह, भते, ग्रांट-इन-ऐड आदि में खर्च हुआ है। वहीं, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने के बजट में से एक प्रतिशत पैसा भी खर्च नहीं हुआ है।
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आम बजट में चंडीगढ़ को 384 करोड़ की बढ़ोतरी के साथ 5138.10 करोड़ रुपये मिले थे। केंद्र सरकार के कट के बाद प्रशासन के पास कैपिटल और रेवेन्यू हेड के तहत 2020-21 के लिए 4644.91 करोड़ रुपये बचे, जिसमें से प्रशासन 31 दिसंबर तक 3285.66 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसमें रेवेन्यू हेड के तहत मिले 4209.36 करोड़ में से 3073.51 करोड़ जबकि कैपिटल हेड के तहत मिले 435.55 करोड़ में से 212.15 करोड़ खर्च किए गए हैं। यह कुल बजट का 70.74 फीसदी है।
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प्रशासन को बजट में सबसे ज्यादा तनख्वाह, वेजेज, ग्रांट-इन-ऐड (जनरल) और ग्रांट-इन-ऐड (वेतन) के लिए कुल 2924.23 करोड़ रुपये मिले थे। प्रशासन ने इसमें से 2216.92 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। वेतन के बजट का 82.37 फीसदी, वेजेज का 69.61, ग्रांट इन ऐड (वेतन) का 63.25, सप्लाई व मैटीरियल का 73.63, ग्रांट इन ऐड (जनरल) का 61.18 फीसदी प्रशासन खर्च कर चुका है। वहीं, ऑफिस के खर्चे के नाम पर 95.70 करोड़ में से 54.35 करोड़ रुपये इस्तेमाल किया है।
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छात्रवृत्ति व वजीफे के लिए मिले थे 12.88 करोड़, खर्च हुए मात्र तीन लाख
कोरोना वायरस की वजह से कई महीनों तक यात्रा पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहा। हालांकि अनलॉक की प्रक्रिया के शुरू होने के बाद केंद्र सरकार ने अनुमति के आधार पर यात्राओं की मंजूरी दे दी थी, लेकिन प्रशासन की तरफ से की गई सख्तियों की वजह से इस साल विदेश यात्रा के लिए मिले 40 लाख रुपये के बजट में से एक रुपया भी खर्च नहीं किया जा सका।
घरेलू यात्रा के 1.59 करोड़ के बजट में से 46 लाख ही खर्च किया गया। यह 28.93 फीसदी है। प्रशासन को छात्रवृत्ति व वजीफे के लिए मिले 12.88 करोड़ के बजट में से तीन लाख रुपये खर्च हुए हैं, यानी महज 0.23 प्रतिशत। कैपिटल बजट में मोटर वाहन के लिए मिले 4.77 करोड़ में से 1.32 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रशासन ने कोरोना के दौरान नई गाड़ियों की खरीद पर प्रतिबंध लगा दिया था।
वित्त वर्ष 2021-22 के लिए चंडीगढ़ ने मांगे 5670.31 करोड़ रुपये
वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आम बजट एक फरवरी को पेश होगा। इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। यूटी प्रशासन भी बजट से काफी उम्मीदें लगाए बैठा है। इसलिए प्रशासन ने केंद्र सरकार से वित वर्ष 2021-22 के लिए 5670.31 करोड़ रुपये की मांग की है। कोरोना वायरस की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशासन ने पिछले साल से 532.21 करोड़ रुपये ज्यादा मांगे हैं ताकि कोरोना की चुनौतियों से निपटा जा सके।