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चंडीगढ़ एयरपोर्ट का रनवे चकाचक: फरवरी से अपग्रेड होगा आईएलएस, कोरिया से मंगाया गया सिस्टम

Fri, 14 Nov 2025 09:17 AM IST
निवेदिता वर्मा अरविंद वाजपेयी, अमर उजाला, चंंडीगढ़
अरविंद वाजपेयी, अमर उजाला, चंंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 14 Nov 2025 09:17 AM IST
सार

एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आईएलएस को अपग्रेड करने की तैयारी पूरी थी लेकिन विशेषज्ञों ने सलाह दी कि यदि अभी काम शुरू किया गया तो यह सर्दियों के मौसम में बाधित हो सकता है।

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Chandigarh Airport runway sparkling clean ILS to be upgraded from February
चंडीगढ़ एयरपोर्ट - फोटो : संवाद

विस्तार

शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट चंडीगढ़ का रनवे अब पूरी तरह चकाचक और सुरक्षित हो गया है लेकिन विजिबिलिटी की समस्या से राहत पाने के लिए अभी इंतजार करना होगा। 
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एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस साल ही इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) कैट-2 को अपग्रेड करने की योजना बनाई थी लेकिन सर्दियों के करीब आने और समय की कमी के चलते काम फरवरी तक टाल दिया गया है।
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एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आईएलएस को अपग्रेड करने की तैयारी पूरी थी लेकिन विशेषज्ञों ने सलाह दी कि यदि अभी काम शुरू किया गया तो यह सर्दियों के मौसम में बाधित हो सकता है। इससे विमानों की लैंडिंग और शेड्यूल पर असर पड़ता। इसी कारण निर्णय लिया गया कि अब यह काम फरवरी से शुरू किया जाएगा।
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अपग्रेड में देरी से यात्रियों को परेशानी

फिलहाल एयरपोर्ट पर कैट-2 आईएलएस काम कर रहा है जिसमें 1200 फीट से कम विजिबिलिटी में विमान उतर नहीं पाते। सर्दियों में घनी धुंध के दिनों में जब विजिबिलिटी 1000 फीट से भी कम हो जाती है तो विमानों को या तो डायवर्ट करना पड़ता है या रद्द। अपग्रेड के बाद विमान 750 फीट विजिबिलिटी में भी सुरक्षित लैंडिंग कर सकेंगे।

आईएलएस कैसे करता है काम

यह रेडियो सिग्नल का उपयोग करके विमान को रनवे के ठीक केंद्र में रखने में मदद करता है जिसे लोकलाइजर कहा जाता है। यह विमान को सही कोण पर नीचे उतरने में मार्गदर्शन करता है जिसे ग्लाइड स्लोप कहा जाता है। रेडियो सिग्नल पायलट के कॉकपिट में लगे उपकरणों पर प्रदर्शित होते हैं जिससे पायलट को पता चलता है कि वह रनवे में लैंडिंग के सही रास्ते पर है।

एक नजर में

कुल उड़ानें (आने-जाने वाली): 80
विदेशी उड़ानें: 2 (अबू धाबी और दुबई)
मासिक यात्री संख्या: 3.74 लाख

हमने इस साल आईएलएस कैट-2 को अपग्रेड करने की योजना बनाई थी लेकिन अब समय सर्दियां आ गई हैं। ऐसे में काम अधूरा रह सकता था इसलिए निर्णय लिया गया कि अब यह काम फरवरी से किया जाएगा। -अजय वर्मा, सीईओ, चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड
 
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