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चंडीगढ़ में जिनके मकान लीज होल्ड हैं, उनके लिए बड़ी राहत भरी खबर देखिए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 19 Aug 2017 04:39 PM IST
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Kirron Kher
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ के उन हजारों लोगों के लिए राहत की खबर है, जिनके मकान लीज होल्ड हैं। गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद प्रशासन ने एक अधिसूचना जारी की। शुक्रवार को जारी इस अधिसूचना के तहत शहर की सभी रिहायशी लीज होल्ड प्रापर्टी को फ्री होल्ड की जाएंगी। वर्षों से लीज पर रह रहे लोगों को अब मालिकाना हक मिल सकेगा। लेकिन कामर्शियल और इंडस्ट्रियल प्रापर्टी को लीज से फ्री होल्ड में तब्दील कराने के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा।
सांसद किरण खेर ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। इस फैसले से एस्टेट आफिस व चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा शहर में तैयार किए गए 30 हजार मकान धारकों को फायदा मिल सकेगा। सांसद खेर ने जानकारी देते हुए बताया कि रेजिडेंशियल प्रापर्टी को लीज से फ्री होल्ड किए जाने के लिए कन्वर्जन चार्ज देने होंगे। इसके लिए प्रशासक ने एस्टेट आफिस को निर्देश जारी कर कलेक्टर रेट के हिसाब से कन्वर्जन चार्ज तय करने के लिए कहा है। सांसद का दावा है कि अब उनका अगला प्रयास कामर्शियल प्रापर्टी के लिए होगा।
गृह मंत्रालय ने अर्बन डेवलपमेंट फंड बनाने को कहा
खेर ने बताया कि केंद्र ने यूटी प्रशासन को अर्बन डेवलपमेंट फंड तैयार करने के लिए कहा है। लीज को फ्री होल्ड करने पर प्रशासन द्वारा लोगों से जो कन्वर्जन चार्ज लिए जाएंगे, उस कन्वर्जन फीस को इस फंड में जमा कराने के लिए कहा गया है। कन्वर्जन फीस को अर्बन डेवलपमेंट फंड में जमा कराया जाएगा। केंद्र ने यूटी प्रशासन को इस फंड का इस्तेमाल हाउसिंग स्कीम और शहरी विकास योजनाओं के तहत शुरू किए गए प्रोजेक्ट पर खर्च करने के निर्देश दिए हैं। इस फंड के देखरेख का जिम्मेदारी निगम कमिश्नर की होगी। लेकिन प्रशासन के बिना मंजूरी के इस फंड का इस्तेमाल नहीं किया जा सके गा।
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कोऑपरेटिव सोसायटियों को भी फायदा
सांसद खेर ने कहा एमएचए ने जो आर्डर जारी किए हैं, उसमें कोऑपरेटिव सोसायटी को भी शामिल किया गया है। शहर में इस समय 200 के करीब कोऑपरेटिव सोसायटी हैं। सेक्टर-48 से 51 तक में करीब 120 कोऑपरेटिव सोसाइटी है। जिन्हें इस फैसले से राहत मिलेगी।
50 स्क्वायर मीटर से नीचे के प्लाट पर क न्वर्जन फीस नहीं
खेर ने बताया कि 50 स्क्वायर मीटर से नीचे के प्लाट व घरों को लीज टू फ्री होल्ड किए जाने पर कन्वर्जन चार्ज नहीं देने पड़ेंगे। इसके अलावा ईडब्लयूएस, गरीबों के लिए बनाए गए घरों और इंडस्ट्रियल हाउसिंग में यह लागू होगा।
इनको होगा फायदा
आर्मी वेलफेयर हाउसिंग सोसाइटी, एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी, ईडब्लयूएस फ्लैट, सेल्फ फाइनेंस हाउसिंग स्कीम, सेंट्रल स्टेट गवर्नमेंट, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड व अन्य ली होल्ड रेजिडेंशियल प्रापर्टी में यह फैसला लागू होगा।
जीपीए व कंवेंस डीड पर हो सकेगा कन्वर्जन
खेर ने घोषणा करते हुए कहा कि जीपीए, कंवेंस डीड, पावर आफ अटार्नी या एग्रीमेंट पर एक से दूसरे को ट्रांसफर या बेची गई रेजिडेंशियल प्रापर्टी भी लीज टू फ्री होल्ड हो सकेगी। लेकिन इसके लिए प्रापर्टी धारक को कन्वर्जन चार्ज के अलावा 33.5 प्रतिशत फीस अधिक देनी होगी। जो कि एस्टेट आफिस की ओर से तय किए जाएंगे।
वास्तविक अलॉटी को 25 प्रतिशत छूट
गृह मंत्रालय जारी आर्डर के मुताबिक ओरिजनल अलॉटी व एप्लीकेंट को कन्वर्जन फीस में 25 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी। इसके अलावा टेनेमेंट्स या बने पड़े मकानों को लीज होल्ड टू फ्री होल्ड किए जाने में 33.5 प्रतिशत तक कन्वर्जन फीस में छूट दी जाएगी।
पूर्व एडवाइजर पर साधा निशाना
सांसद किरण खेर ने जहां मौजूदा एडवाइजर परिमल राय की तारीफ की, वहीं पूर्व एडवाइजर विजय कुमार देव पर बातों ही बातों में निशाना भी साधा। सांसद खेर ने कहा कि बहुत से लोग आए, बड़े टोर से शहर के मुआयने करते रहे, लेकिन फाइलों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
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सांसद किरण खेर ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। इस फैसले से एस्टेट आफिस व चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा शहर में तैयार किए गए 30 हजार मकान धारकों को फायदा मिल सकेगा। सांसद खेर ने जानकारी देते हुए बताया कि रेजिडेंशियल प्रापर्टी को लीज से फ्री होल्ड किए जाने के लिए कन्वर्जन चार्ज देने होंगे। इसके लिए प्रशासक ने एस्टेट आफिस को निर्देश जारी कर कलेक्टर रेट के हिसाब से कन्वर्जन चार्ज तय करने के लिए कहा है। सांसद का दावा है कि अब उनका अगला प्रयास कामर्शियल प्रापर्टी के लिए होगा।
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गृह मंत्रालय ने अर्बन डेवलपमेंट फंड बनाने को कहा
खेर ने बताया कि केंद्र ने यूटी प्रशासन को अर्बन डेवलपमेंट फंड तैयार करने के लिए कहा है। लीज को फ्री होल्ड करने पर प्रशासन द्वारा लोगों से जो कन्वर्जन चार्ज लिए जाएंगे, उस कन्वर्जन फीस को इस फंड में जमा कराने के लिए कहा गया है। कन्वर्जन फीस को अर्बन डेवलपमेंट फंड में जमा कराया जाएगा। केंद्र ने यूटी प्रशासन को इस फंड का इस्तेमाल हाउसिंग स्कीम और शहरी विकास योजनाओं के तहत शुरू किए गए प्रोजेक्ट पर खर्च करने के निर्देश दिए हैं। इस फंड के देखरेख का जिम्मेदारी निगम कमिश्नर की होगी। लेकिन प्रशासन के बिना मंजूरी के इस फंड का इस्तेमाल नहीं किया जा सके गा।
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कोऑपरेटिव सोसायटियों को भी फायदा
सांसद खेर ने कहा एमएचए ने जो आर्डर जारी किए हैं, उसमें कोऑपरेटिव सोसायटी को भी शामिल किया गया है। शहर में इस समय 200 के करीब कोऑपरेटिव सोसायटी हैं। सेक्टर-48 से 51 तक में करीब 120 कोऑपरेटिव सोसाइटी है। जिन्हें इस फैसले से राहत मिलेगी।
50 स्क्वायर मीटर से नीचे के प्लाट पर क न्वर्जन फीस नहीं
खेर ने बताया कि 50 स्क्वायर मीटर से नीचे के प्लाट व घरों को लीज टू फ्री होल्ड किए जाने पर कन्वर्जन चार्ज नहीं देने पड़ेंगे। इसके अलावा ईडब्लयूएस, गरीबों के लिए बनाए गए घरों और इंडस्ट्रियल हाउसिंग में यह लागू होगा।
इनको होगा फायदा
आर्मी वेलफेयर हाउसिंग सोसाइटी, एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी, ईडब्लयूएस फ्लैट, सेल्फ फाइनेंस हाउसिंग स्कीम, सेंट्रल स्टेट गवर्नमेंट, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड व अन्य ली होल्ड रेजिडेंशियल प्रापर्टी में यह फैसला लागू होगा।
जीपीए व कंवेंस डीड पर हो सकेगा कन्वर्जन
खेर ने घोषणा करते हुए कहा कि जीपीए, कंवेंस डीड, पावर आफ अटार्नी या एग्रीमेंट पर एक से दूसरे को ट्रांसफर या बेची गई रेजिडेंशियल प्रापर्टी भी लीज टू फ्री होल्ड हो सकेगी। लेकिन इसके लिए प्रापर्टी धारक को कन्वर्जन चार्ज के अलावा 33.5 प्रतिशत फीस अधिक देनी होगी। जो कि एस्टेट आफिस की ओर से तय किए जाएंगे।
वास्तविक अलॉटी को 25 प्रतिशत छूट
गृह मंत्रालय जारी आर्डर के मुताबिक ओरिजनल अलॉटी व एप्लीकेंट को कन्वर्जन फीस में 25 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी। इसके अलावा टेनेमेंट्स या बने पड़े मकानों को लीज होल्ड टू फ्री होल्ड किए जाने में 33.5 प्रतिशत तक कन्वर्जन फीस में छूट दी जाएगी।
पूर्व एडवाइजर पर साधा निशाना
सांसद किरण खेर ने जहां मौजूदा एडवाइजर परिमल राय की तारीफ की, वहीं पूर्व एडवाइजर विजय कुमार देव पर बातों ही बातों में निशाना भी साधा। सांसद खेर ने कहा कि बहुत से लोग आए, बड़े टोर से शहर के मुआयने करते रहे, लेकिन फाइलों पर कोई कार्रवाई नहीं की।