चंडीगढ़: कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी शुरू, खुले रहेंगे मिनी कोविड सेंटर
शहर के प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस बार पूरी तैयारी है और जरूरत पड़ेगी तो बनाए गए सभी मिनी कोविड केयर सेटरों को खुला रखेंगे।
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कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहे चंडीगढ़ को तीसरी लहर की आशंका सताने लगी है। केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने भी बैठक कर प्रशासन को तीसरी लहर के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं, शहर के प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस बार पूरी तैयारी है और जरूरत पड़ेगी तो बनाए गए सभी मिनी कोविड केयर सेटरों को खुला रखेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष सितंबर और अक्तूबर में कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि तीसरी लहर कम उम्र वालों और बच्चों को ज्यादा प्रभावित करेगी। तीसरी लहर की चुनौतियों पर प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने कहा कि शहर में पर्याप्त संख्या में बेड उपलब्ध हैं। किसी भी अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।
चंडीगढ़ शायद देश का इकलौता केंद्र शासित प्रदेश है, जहां अभी तक बेड की समस्या खड़ी नहीं हुई है बल्कि शहर में 200 से ज्यादा बेड खाली हैं। उन्होंने कहा कि पीजीआई, जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 में बेड की संख्या बढ़ा दी गई है। वहीं, 9 मिनी कोविड केयर सेंटर बनाए जा रहे हैं। इनमें से तीन शुरू भी हो चुके हैं। ऑक्सीजन का प्लांट हमने पहले ही लगा दिया था इसलिए चंडीगढ़ तीसरी लहर के लिए तैयार है। हालांकि अगर प्रशासन को लगेगा कि आने वाले समय में मरीजों की संख्या बढ़ सकती है, तो मिनी कोविड केयर सेंटर को खुला रखा जा सकता है।
टीकाकरण और एसओपी का पालन ही रोक सकता है तीसरी लहर : परिदा
प्रशासक के सलाहकार ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए जरूरी है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण किया जाए। वहीं, केंद्र सरकार ने जो दिशानिर्देश जारी किए हैं, उनका सख्ती से पालन किया जाए। अगर शहर की जनता ये सब करेगी तो तीसरी लहर का खास असर नहीं होगा।
एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बीते कई दिनों से शहर में नए केसों की संख्या स्थिर है। ऐसे में यह कह सकते हैं कि कोरोना के केस शहर में पीक पर या उसके आसपास हैं इसलिए प्रशासन को अंदाजा है कि तीसरी लहर अगर आती है, तो हमें कितनी सुविधाओं की जरूरत होगी। दूसरी लहर से सबक लेते हुए मेडिकल ऑक्सीजन आदि की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर ही की जा रही है। हालांकि उन्होंने भी टीकाकरण को बढ़ाने पर ही जोर देने की बात कही।
केंद्र ने कहा, अस्पतालों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर करें काम
यूटी प्रशासन के अधिकारियों की स्वास्थ्य मंत्रालय, नीति आयोग, गृह मंत्रालय व कैबिनेट सचिव के साथ समीक्षा बैठकें होती रहती हैं। बीते दिनों वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए हुई एक बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा था कि शहर में परीक्षण, गहन कार्रवाई और वैश्विक महामारी की स्थानीय स्तर पर रोकथाम, अस्पताल के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, मानव संसाधनों को बढ़ाने, ऑक्सीजन के तर्कसंगत उपयोग आदि को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने टीकों के बेहतर प्रतिरक्षण के लिए टीकाकरण की दोनों खुराक लेने के महत्व पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया था। गौरतलब है कि भारत सरकार के ही मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार ने कहा था कि तीसरी लहर का आना निश्चित है और इसमें बच्चों पर ज्यादा असर हो सकता है। एक्सपर्ट्स की सलाह के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र सरकार से तीसरी लहर को लेकर चिंता व्यक्त की है।