फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh administration decided to review electronic vehicle policy after Diwali

Chandigarh: ईवी पॉलिसी पर प्रशासन का यू-टर्न, अब दिवाली के बाद रिव्यू होगी नीति, 27 नवंबर तक खुला रहेगा पोर्टल

Thu, 09 Nov 2023 10:58 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 09 Nov 2023 10:58 AM IST
सार

कुछ ऑटोमोबाइल डीलरों ने वाहनों पर कैपिंग लगाने के मामले को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है, जिसकी हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। बताया जा रहा है कि इसे देखते हुए ई व्हीकल पालिसी में कैपिंग हटाने को लेकर प्रशासन हाईकोर्ट के बाहर ही निपटारा करने की तैयारी में है।

विज्ञापन
Chandigarh administration decided to review electronic vehicle policy after Diwali
Electric Vehicle

विस्तार

ईवी पॉलिसी पर चंडीगढ़ प्रशासन ने यू टर्न ले लिया है। यूटी प्रशासन ने दिवाली के बाद इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल पॉलिसी को रिव्यू करने का फैसला किया है। इस बीच आगामी 27 नवंबर गुरुपर्व तक वाहनों के पंजीकरण पोर्टल को खुला रखने का भी निर्णय लिया गया है। इससे पेट्रोल-डीजल वाहन खरीदारों और खासकर ऑटोमोबाइल डीलरों को बड़ी राहत मिलने वाली है।

विज्ञापन


चौतरफा दबाव और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में मामला पहुंचने पर प्रशासन ईवी पॉलिसी की कैपिंग हटाने को लेकर हरकत में आया है। बुधवार को शहर के प्रशासक एवं पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित की अध्यक्षता में हितधारकों समेत शहर के भाजपा नेताओं की पंजाब के राजभवन में एक अहम बैठक बुलाई गई। सूत्रों के अनुसार बैठक में पेट्रोल-डीजल वाहनों के पंजीकरण से फिलहाल अस्थायी तौर पर कैपिंग हटाने पर सहमति बनी है। हालांकि, प्रशासन ने दिवाली के बाद इसकी पुनर्समीक्षा करने की बात कही है। 

विज्ञापन

 

यह भी पढ़ें: Haryana: अदालत में झूठ मामले में हाईकोर्ट में पेश हुए 2015 से अब तक के शिक्षा महानिदेशक, मांगी माफी

विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट पहुंचे थे ऑटोमोबाइल डीलर
कुछ ऑटोमोबाइल डीलरों ने वाहनों पर कैपिंग लगाने के मामले को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है, जिसकी हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। बताया जा रहा है कि इसे देखते हुए ई व्हीकल पालिसी में कैपिंग हटाने को लेकर प्रशासन हाईकोर्ट के बाहर ही निपटारा करने की तैयारी में है। जिसके लिए प्रशासन की ओर से 27 नवंबर को रिव्यू मीटिंग की बुलाई गई है। सूत्र बताते हैं कि बैठक में प्रशासन की ओर से डीलरों को अदालत में दायर की गई याचिकाएं वापस लेने को भी कहा गया।

पुरोहित की अध्यक्षता में पंजाब राजभवन में प्रशासन के साथ हुई इस बैठक में ऑटोमोबाइल डीलरों के साथ भाजपा चंडीगढ़ के पूर्व अध्यक्ष संजय टंडन, चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र मल्होत्रा, मेयर अनूप गुप्ता मौजूद थे। वहीं, प्रशासक के कार्यकारी सलाहकार नितिन यादव, उपायुक्त विनय प्रताप सिंह और आरएलए के अधिकारी भी शामिल रहे। प्रशासन की ओर से डीलरों को कुछ शर्तों के साथ 27 नवंबर तक छूट देने का आश्वासन दिया गया है।

फेडरेशन ऑफ आटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन ने रखा पक्ष
ई व्हीकल पालिसी पर कैपिंग हटाने को लेकर आयोजित बैठक में फेडरेशन ऑफ आटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों कैपिंग के मसले को उठाया। सूत्रों के अनुसार इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी चर्चा के बाद कैपिंग के मामले को रिव्यू करने को कहा है। गौरतलब है कि चंडीगढ़ प्रशासन ने 2022 में ईवी नीति जारी की थी। वहीं केंद्र के दिशा निर्देश गैर ईवी वाहनों के पंजीकरण पर रोक से जुड़े नहीं थे। यह इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए थे। इसमें चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना भी शामिल था। त्योहार के सीजन में बड़ी संख्या में लोगों ने गैर-इलेक्ट्रिक वाहनों की बुकिंग की हैं, लेकिन प्रशासन की नीति के चलते उनकी डिलीवरी लंबित है। वहीं, प्रशासन को गैर-पंजीकरण के कारण कर और अन्य राजस्व का नुकसान हो चुका है।


शहर में बाहर से आते हैं पचास फीसदी वाहन
फेडरेशन ऑफ आटो मोबाइल डीलर्स एसोसिएशन चंडीगढ़ के वित्त सचिव आरके गर्ग ने कहा कि प्रशासन की खुद की रिपोर्ट को देखा जाए तो शहर में आने वाले 50 प्रतिशत से अधिक वाहन पड़ोसी राज्यों से हैं। उन्होंने कहा कि आसपास के किसी भी क्षेत्र खासतौर पर पंचकूला और मोहाली में इस तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी नीति से उद्देश्य की पूर्ति नहीं हो सकती है। दूसरी ओर, सूत्रों के अनुसार धनतेरस के लिए ट्राइसिटी में लगभग 700 वाहनों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है।

वाहन खरीदने के लिए उपभोक्ता भी कोर्ट की शरण में
चंडीगढ़ में वाहन खरीदने के लिए उपभोक्ता भी कोर्ट का रुख कर रहे हैं। चंडीगढ़ के रहने वाले संजय कुमार ने कई और लोगों के साथ मिलकर दोपहिया वाहन खरीदने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने दोपहिया वाहन की बुकिंग करा रखी है, प्रशासन इसके पंजीकरण की मंजूरी नहीं दे रहा है। इस कारण वह अपना वाहन नहीं खरीद पा रहे हैं। अदालत उन्हें वाहन खरीदने की मंजूरी दे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed