फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh Administration Clarified That There is No Provision to Increase the Laal Dora in City

चंडीगढ़: प्रशासक के सलाहकार ने किया साफ-लाल डोरा नहीं बढ़ेगा, हटाए जाएंगे अनधिकृत निर्माण

Fri, 17 Sep 2021 01:58 PM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 17 Sep 2021 01:58 PM IST
सार

चंडीगढ़ के 13 गांव नगर निगम में शामिल हो चुके हैं, वहां लोगों ने लाल डोरा से बाहर एग्रीकल्चर जमीन पर बड़ी कोठियां खड़ी कर दी हैं। सैकड़ों छोटे उद्योग चल रहे हैं। हालत ये हैं कि लाल डोरा के अंदर आबादी कम है, लेकिन बाहर उससे कहीं ज्यादा है। इन आशियानों को गिराना प्रशासन के लिए भी आसान नहीं होगा।

विज्ञापन
Chandigarh Administration Clarified That There is No Provision to Increase the Laal Dora in City
चंडीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

बीते कुछ महीने से चंडीगढ़ में लाल डोरे को बढ़ाने की काफी चर्चाएं थीं, लेकिन प्रशासन ने अब स्पष्ट किया है कि शहर में लाल डोरा बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है। यूटी प्रशासन ने बंगलूरू स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन सेटलमेंट (आईआईएचएस) के साथ जो समझौता किया है, उसमें लाल डोरे के अंदर के इलाकों का विकास करने के लिए नीति बनाने की बात कही गई है।

विज्ञापन


प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा है कि आईआईएचएस गांव व पेरीफेरी के विकास के लिए एक नीति तैयार कर रही है। इसका उन्होंने मसौदा तैयार कर लिया था, लेकिन प्रशासन ने कुछ बदलाव का सुझाव दिया है और एक महीने का समय दिया है। उन्होंने कहा कि आईआईएचएस द्वारा तैयार किए जाने वाले विकास योजना में लाल डोरा को दर्शाया जाएगा। वर्तमान में जो लाल डोरा है, योजना में भी वही रहेगा। इसे बढ़ाने को लेकर अभी कोई प्रावधान नहीं है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-  किसान आंदोलन: रास्ता खुलवाने की सरकारी कवायदों के बीच बोले किसान-हमने नहीं, दिल्ली पुलिस ने बंद किया है हाईवे  
विज्ञापन
विज्ञापन


सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि इसके बाद जो अनधिकृत निर्माण किया गया है, उसे हटाया जाएगा और जमीन को खाली कराने के बाद लैंड पूल पॉलिसी के तहत उसे विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हालांकि आईआईएचएस ये जरूर बताएगी कि लाल डोरे के बाहर के इलाकों का क्या किया जाए। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में इस योजना की बारीकियों पर चर्चा की जाएगी। 

प्रशासक के सलाहकार ने यूटी प्रशासन के नियोजन विभाग को भी प्रत्येक गांव के अनुसार उन्हें विकसित किए जाने की योजना पर काम करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विभाग लडार तकनीक का उपयोग करेगा। गौरतलब है कि 13 गांव जो नगर निगम में शामिल हो चुके हैं, वहां लोगों ने लाल डोरा से बाहर एग्रीकल्चर जमीन पर बड़ी कोठियां खड़ी कर दी हैं। सैकड़ों छोटे उद्योग चल रहे हैं। हालत ये हैं कि लाल डोरा के अंदर आबादी कम है, लेकिन बाहर उससे कहीं ज्यादा है। इन आशियानों को गिराना प्रशासन के लिए भी आसान नहीं होगा।


29 जनवरी 2021 से शुरु हुई थी लाल डोरे को बढ़ाने की चर्चा
शहर में लाल डोरे को बढ़ाने की चर्चा 29 जनवरी 2021 से शुरू हुई थी। तत्कालीन प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने इस दिन प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में प्रशासक ने कहा था कि लाल डोरा क्षेत्र के बाहर बहुत सारे निर्माण और विकास कार्य हुए हैं, इसलिए प्रशासन को इन विकास को नियमित करने के लिए एक योजना तैयार करनी चाहिए। 

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि 10 फरवरी को होने वाले एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में इस पर विस्तृत रूप से चर्चा की जाए। चर्चा हुई और बंगलूरू की आईआईएचएस के साथ समझौता किया गया लेकिन अब ये सामने आया है कि ये एजेंसी मास्टर प्लान-2031 ते तहत लाल डोरे के अंदर के इलाके को ही विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed