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चैत्र नवरात्र 28 मार्च से, इस शुभ मुहूर्त में करें कलश स्थापना, शुभ फलदायी रहेगा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 23 Mar 2017 01:41 PM IST
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दुर्गा पूजा
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चैत्र नवरात्र का शुभारंभ 28 मार्च दिन मंगलवार से शुरू हो रहे हैं। अगर आप कलश स्थापना करने जा रहे हैं तो इस शुभ मुहूर्त में कीजिएगा। चैत्र कृष्ण अमावस्या 28 मार्च को चंडीगढ़ में सुबह 8:27 बजे समाप्त होगी और 8:28 बजे से चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का शुभारंभ होगा। चैत्र शुक्ल एकम् को नवरात्र के प्रारंभ पर कलश स्थापना की जाती है।
यदि सूर्योदय के बाद एक मुहूर्त के लिए प्रतिपदा प्राप्त हो तो नवरात्र का प्रारंभ और कलश स्थापना उसी दिन सुबह करने की शास्त्र आज्ञा देता है। यह कहना है सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित श्री भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पं. बीरेंद्र नारायण मिश्र का। उन्होंने कहा कि यदि एक मुहूर्त से कम प्रतिपदा हो तो अमावस्या के दिन ही प्रतिपदा मानकर नवरात्र का प्रारंभ कलश स्थापना करने का शास्त्रों का आदेश है।
देवी पुराण का वाक्य है कि यदि प्रतिपदा का क्षय हो जाए तो अमावस्या के दिन ही प्रतिपदा का नवरात्र का पहले दिन मानकर कलश स्थापना का शास्त्र निर्देश देते हैं। इस वर्ष चैत्र प्रतिपदा का क्षय है। 28 मार्च, मंगलवार के दिन नवरात्र का प्रारंभ और कलश स्थापना का मुहूर्त है। बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि दोपहर तीन बजे से 4:30 बजे तक राहुकाल रहेगा। राहुकाल में कलश स्थापना और पूजन निषेध है।
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यदि सूर्योदय के बाद एक मुहूर्त के लिए प्रतिपदा प्राप्त हो तो नवरात्र का प्रारंभ और कलश स्थापना उसी दिन सुबह करने की शास्त्र आज्ञा देता है। यह कहना है सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित श्री भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पं. बीरेंद्र नारायण मिश्र का। उन्होंने कहा कि यदि एक मुहूर्त से कम प्रतिपदा हो तो अमावस्या के दिन ही प्रतिपदा मानकर नवरात्र का प्रारंभ कलश स्थापना करने का शास्त्रों का आदेश है।
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देवी पुराण का वाक्य है कि यदि प्रतिपदा का क्षय हो जाए तो अमावस्या के दिन ही प्रतिपदा का नवरात्र का पहले दिन मानकर कलश स्थापना का शास्त्र निर्देश देते हैं। इस वर्ष चैत्र प्रतिपदा का क्षय है। 28 मार्च, मंगलवार के दिन नवरात्र का प्रारंभ और कलश स्थापना का मुहूर्त है। बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि दोपहर तीन बजे से 4:30 बजे तक राहुकाल रहेगा। राहुकाल में कलश स्थापना और पूजन निषेध है।
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ये हैं पूजन के मुहूर्त
दुर्गा पूजा
- फोटो : अमर उजाला
जय श्रीराम ज्योतिष केंद्र-15 के प्रमुख स्वामी राम बहादुर मिश्र और देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष व सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे के अनुसार 28 मार्च को सुबह 11:49 मिनट से दोपहर 1:10 मिनट तक अमृत की चौघड़िया और अभिजीत मुहूर्त है।
यह सबसे शुभ मुहूर्त है। इसके पहले सुबह 10:28 से सुबह 11:43 मिनट तक मध्यम है। यह दोनों ही कलश स्थापना और पूजन के लिए शुभ मुहूर्त है। सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के प्रमुख पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री के अनुसार देवी पूजन में कन्या पूजन आवश्यक माना जाता है।
यह सबसे शुभ मुहूर्त है। इसके पहले सुबह 10:28 से सुबह 11:43 मिनट तक मध्यम है। यह दोनों ही कलश स्थापना और पूजन के लिए शुभ मुहूर्त है। सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के प्रमुख पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री के अनुसार देवी पूजन में कन्या पूजन आवश्यक माना जाता है।