{"_id":"593ed82a1126f4c70b8b4bef","slug":"chahat-over-weight-highcourt-issued-notice-to-pgi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"9 महीने की बच्ची का वजन 20 किलो, मदद के लिए हाईकोर्ट आया सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
9 महीने की बच्ची का वजन 20 किलो, मदद के लिए हाईकोर्ट आया सामने
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 12 Jun 2017 11:36 PM IST
विज्ञापन
'चाहत' के लिए हाईकोर्ट का संज्ञान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महज 9 महीने की चाहत का वजन लगभग 20 किलो से अधिक हो चुका है। उसके गरीब मां-बाप उसका इलाज करवाने में असमर्थ हैं। अब हाईकोर्ट इस मामले में आगे आया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नौ महीने की चाहत के मामले में पंजाब सरकार, पीजीआई व अन्य को नए सिरे से नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इससे पहले हाईकोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेकर पंजाब सरकार और पीजीआई को नोटिस जारी किया था, लेकिन सोमवार को बताया गया था कि नोटिस प्रतिवादियों को नहीं मिला है। इस कारण नए सिरे से नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए।
जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू ने इस मामले में संज्ञान लेकर पीजीआई की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए थे। चाहत के गरीब माता-पिता उसका इलाज कराने में असमर्थ हैं। इस मामले के समाचार पत्रों में प्रकाशित होने पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे पहले हाईकोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेकर पंजाब सरकार और पीजीआई को नोटिस जारी किया था, लेकिन सोमवार को बताया गया था कि नोटिस प्रतिवादियों को नहीं मिला है। इस कारण नए सिरे से नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए।
विज्ञापन
जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू ने इस मामले में संज्ञान लेकर पीजीआई की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए थे। चाहत के गरीब माता-पिता उसका इलाज कराने में असमर्थ हैं। इस मामले के समाचार पत्रों में प्रकाशित होने पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया था।
विज्ञापन
PGI ने नहीं दिखाई कुछ खास दिलचस्पी
'चाहत' के लिए हाईकोर्ट का संज्ञान
बता दें कि, चाहत के माता-पिता अमृतसर में रहते हैं। उसके पिता एक केबल ऑपरेटर की दुकान पर काम करते हैं। चाहत जब पैदा हुई थी, तब उसका वजन मात्र दो किलो था, लेकिन धीरे-धीरे उसका वजन बढ़ने लगा और अब नौ माह में 19 किलो से अधिक हो गई है।
उसके माता-पिता ने पहले अमृतसर के गुरु नानक देव हॉस्पिटल में इलाज करवाने की कोशिश की थी। हॉस्पिटल ने प्रयास तो किया, लेकिन बाद में उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। चाहत के माता-पिता ने बताया की पीजीआई ने इस मामले में कुछ खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस मामले में कुछ दिन पहले समाचार प्रकाशित हुआ था। जिस पर अब हाईकोर्ट ने संज्ञान ले लिया है।
उसके माता-पिता ने पहले अमृतसर के गुरु नानक देव हॉस्पिटल में इलाज करवाने की कोशिश की थी। हॉस्पिटल ने प्रयास तो किया, लेकिन बाद में उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। चाहत के माता-पिता ने बताया की पीजीआई ने इस मामले में कुछ खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस मामले में कुछ दिन पहले समाचार प्रकाशित हुआ था। जिस पर अब हाईकोर्ट ने संज्ञान ले लिया है।