{"_id":"58640c0b4f1c1b425ceeb72c","slug":"cec-ugc-film-festival-documentary-chandigarh-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टिवल का आगाज, पहले दिन दिखाईं गई 4 फिल्में ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टिवल का आगाज, पहले दिन दिखाईं गई 4 फिल्में
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 29 Dec 2016 12:31 AM IST
विज्ञापन
डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टिवल का आगाज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ सेक्टर-26 स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआईटीटीटीआर) में बुधवार से सीईसी-यूजीसी (शैक्षिक संचार संकाय) के नेशनल डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टिवल का शानदार आगाज हुआ। तीन दिवसीय फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) चेयरमैन प्रो. वेद प्रकाश ने किया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों की यूनिवर्सिटीज के 10 से अधिक कुलपति और एजुकेशनल सेंटर के डायरेक्टर ने भी शिरकत की।
चंडीगढ़ में पहली बार एनआईटीटीटीआर के सहयोग से आयोजित फिल्म फेस्टिवल में देश से चुनिंदा 20 डॉक्यूमेंटरी फिल्मों को दिखाया जाएगा। पहले दिन दोपहर बाद सत्र में विभिन्न थीम पर चार डॉक्यूमेंटरी फिल्में दिखाई गईं। फिल्म फेस्टिवल में श्रीनगर से लेकर कर्नाटक तक देश के विभिन्न राज्यों से डॉक्यूमेंटरी फिल्म तैयार करने वाले निर्देशक भी लोगों से रूबरू होने पहुंचे। मुख्य अतिथि प्रो. वेद प्रकाश ने कहा कि सीईसी द्वारा डॉक्यूमेंटरी फिल्म आयोजित करना एक बेहतर कदम है।
पहले दिन फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा लेने ट्राइसिटी के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के अलावा हरियाणा-पंजाब की विभिन्न यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स और प्रोफेसर भी पहुंचे। फिल्म फेस्टिवल के मुख्य संयोजक प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि पहली बार फिल्म निर्माताओं के साथ ऑडियंस को रूबरू होने का मौका दिया जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि फिल्म फेस्टिवल को ट्राइसिटी में काफी अच्छा रिस्पांस मिला है। 29 और 30 दिसंबर को भी पर्यावरण,ह्यूमन राइट्स और डेवलेपमेंट थीम पर फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। एनआईटीटीटीआर ऑडिटोरियम में विभिन्न सत्र में फिल्मों को दिखाया जाएगा।
विज्ञापन
चंडीगढ़ में पहली बार एनआईटीटीटीआर के सहयोग से आयोजित फिल्म फेस्टिवल में देश से चुनिंदा 20 डॉक्यूमेंटरी फिल्मों को दिखाया जाएगा। पहले दिन दोपहर बाद सत्र में विभिन्न थीम पर चार डॉक्यूमेंटरी फिल्में दिखाई गईं। फिल्म फेस्टिवल में श्रीनगर से लेकर कर्नाटक तक देश के विभिन्न राज्यों से डॉक्यूमेंटरी फिल्म तैयार करने वाले निर्देशक भी लोगों से रूबरू होने पहुंचे। मुख्य अतिथि प्रो. वेद प्रकाश ने कहा कि सीईसी द्वारा डॉक्यूमेंटरी फिल्म आयोजित करना एक बेहतर कदम है।
विज्ञापन
पहले दिन फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा लेने ट्राइसिटी के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के अलावा हरियाणा-पंजाब की विभिन्न यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स और प्रोफेसर भी पहुंचे। फिल्म फेस्टिवल के मुख्य संयोजक प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि पहली बार फिल्म निर्माताओं के साथ ऑडियंस को रूबरू होने का मौका दिया जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि फिल्म फेस्टिवल को ट्राइसिटी में काफी अच्छा रिस्पांस मिला है। 29 और 30 दिसंबर को भी पर्यावरण,ह्यूमन राइट्स और डेवलेपमेंट थीम पर फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। एनआईटीटीटीआर ऑडिटोरियम में विभिन्न सत्र में फिल्मों को दिखाया जाएगा।
30 दिसंबर तक चलेगा डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टिवल
डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टिवल का आगाज
- फोटो : अमर उजाला
इस मौके पर पंजाब यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति और लखनऊ स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. आरसी सोबती, पीयू के डीयूआई प्रो. दिनेश गुप्ता, पीयू स्थित स्कूल ऑफ कम्यूनिकेशनल स्टडीज चेयरपर्सन प्रो. अर्चना आर सिंह, प्रो. संजय वडवालकर, प्रो. जयंत पेटकर सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित थे। एनआईटीटीआर डायरेक्टर डॉ. एमपी पुनिया ने कहा कि फिल्म फेस्टिवल को पहली बार नार्थ रीजन में होस्ट करने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन किए जाएंगे। दोपहर बाद के सत्र में जानी मानी थिएटर आर्टिस्ट नीलम मान सिंह विशेष अतिथि के तौर पर फिल्म फेस्टिवल में पहुंची।
फिल्मों ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया ..
फिल्म फेस्टिवल में पहले दिन पेश डॉक्यूमेंटरी फिल्मों ने दर्शकों को काफी प्रभावित किया। पर्यावरण पर आधारित डीजीडब्ल्यूटी-ए फिल्म यूनिवर्सिटी ऑफ मैसूर के सईद कलीन द्वारा तैयार की गई है। फिल्म में कर्नाटक के एक गांव में 50 सालों में गिरते जलस्तर के बाद की भयानक स्थिति को पेश किया गया। डॉ. दिनेेश कुमार द्वारा निर्देशित मक्कू फिल्म में प्लास्टिक के प्रयोग के हानिकारक प्रभावों को दिखाया गया। फिल्म में एक लड़की खाने में पॉलिथीन को खा जाती है, जिससे उसकी जान खतरे में पड़ जाती है। वार्मिंग विद टरोंब वॉल ..में लद्दाख में नई तकनीक से बनने वाले मकानों से लोगों की सरल होती जिंदगी के बारे में दिखाया गया। मैसूर के द ग्रीन मैन के नाम से मशहूर गोपानाथ द्वारा कई सालों से पेड़ लगाने के अभियान पर आधारित फिल्म ने सभी को प्रभावित किया।
अगले साल से बेस्ट डॉक्यूमेंटरी को मिलेगा पुरस्कार : प्रो. राजबीर
सीईसी डायरेक्टर प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि देश में डिजिटल टेक्नोलॉजी का काफी बड़े स्तर पर प्रयोग हो रहा है। सिंह के अनुसार अगले साल फिल्म फेस्टिवल में ओर अधिक फिल्मों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले साल फिल्म फेस्टिवल में नए थीम को जोड़ा जाएगा। लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए बेस्ट डॉक्यूमेंटरी फिल्म को पुरस्कृत करने का प्रपोजल भी तैयार किया जा रहा है।
फिल्मों ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया ..
फिल्म फेस्टिवल में पहले दिन पेश डॉक्यूमेंटरी फिल्मों ने दर्शकों को काफी प्रभावित किया। पर्यावरण पर आधारित डीजीडब्ल्यूटी-ए फिल्म यूनिवर्सिटी ऑफ मैसूर के सईद कलीन द्वारा तैयार की गई है। फिल्म में कर्नाटक के एक गांव में 50 सालों में गिरते जलस्तर के बाद की भयानक स्थिति को पेश किया गया। डॉ. दिनेेश कुमार द्वारा निर्देशित मक्कू फिल्म में प्लास्टिक के प्रयोग के हानिकारक प्रभावों को दिखाया गया। फिल्म में एक लड़की खाने में पॉलिथीन को खा जाती है, जिससे उसकी जान खतरे में पड़ जाती है। वार्मिंग विद टरोंब वॉल ..में लद्दाख में नई तकनीक से बनने वाले मकानों से लोगों की सरल होती जिंदगी के बारे में दिखाया गया। मैसूर के द ग्रीन मैन के नाम से मशहूर गोपानाथ द्वारा कई सालों से पेड़ लगाने के अभियान पर आधारित फिल्म ने सभी को प्रभावित किया।
अगले साल से बेस्ट डॉक्यूमेंटरी को मिलेगा पुरस्कार : प्रो. राजबीर
सीईसी डायरेक्टर प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि देश में डिजिटल टेक्नोलॉजी का काफी बड़े स्तर पर प्रयोग हो रहा है। सिंह के अनुसार अगले साल फिल्म फेस्टिवल में ओर अधिक फिल्मों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले साल फिल्म फेस्टिवल में नए थीम को जोड़ा जाएगा। लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए बेस्ट डॉक्यूमेंटरी फिल्म को पुरस्कृत करने का प्रपोजल भी तैयार किया जा रहा है।