डेंटिस्ट अपहरण मामला: चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर समेत 7 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर, CBI का एक्शन
डाॅ. मोहित धवन ने चंडीगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर सेखों और अन्य पुलिसकर्मियों पर अपहरण करने के आरोप लगाए थे। वह 7 जनवरी 2022 को जिला अदालत में पेश होने के लिए आए थे। उनका आरोप है कि अदालत के मेन गेट के बाहर उन्हें अगवा कर लिया गया था ताकि वे अदालत में पेश न हो सकें।
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सीबीआई ने चंडीगढ़ सेक्टर-21 निवासी डेंटिस्ट डाॅ. मोहित धवन के अपहरण मामले में चंडीगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर समेत सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
इनमें क्राइम ब्रांच में रह चुके इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों, सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, एएसआई अजमेर सिंह उर्फ अमितोज सिंह, हवलदार अनिल कुमार, सिपाही विकास हुड्डा, सिपाही सुभाष और सिपाही नीरज कुमार शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार सीबीआई की टीम बुधवार को चार पुलिसकर्मियों के घर पहुंची। वहीं, पूरा दिन पुलिस विभाग में इस बात की चर्चा रही कि आखिर सीबीआई किस मामले पुलिसकर्मियों के घरों पर जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इससे पहले भी सीबीआई ने इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों व अन्य पुलिसकर्मियों को पूछताछ के लिए सेक्टर-30 स्थित सीबीआई कार्यालय बुलाया था। सीबीआई ने उनसे कई घंटों तक पूछताछ की थी।
सात जनवरी को अदालत के बाहर से डॉक्टर को जबरन गाड़ी में उठाया
चंडीगढ़ पुलिस ने डाॅ. मोहित धवन के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस मामले में वह जमानत के लिए हाईकोर्ट गए। हाईकोर्ट ने मोहित को 7 जनवरी 2022 को 11 बजे तक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होने के आदेश दिए थे। डॉक्टर के अनुसार वे अदालत के मेन गेट पर पहुंचे तो बाहर से ही एएसआई अजमेर, विकास हुड्डा, अनिल और सुभाष ने जबरन उन्हें पकड़ लिया और गाड़ी में बिठाकर घुमाते रहे, जिसकी अदालत को भी जानकारी नहीं दी गई। अदालत में उनकी गैरमौजूदगी लगवाई गई। इस दौरान पुलिस ने मोहित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का तर्क था कि उनके खिलाफ सेक्टर-19 पुलिस थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था, जिसमें उन्हें गिरफ्तार किया गया था। डाॅक्टर के अपहरण का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने डाॅ. धवन के आरोपों की जांच के लिए सीबीआई को जांच करने के आदेश दिए थे।
सेखों पर आय से अधिक संपत्ति का मामला भी है दर्ज
इंस्पेक्टर सेखों का नाम पिछले साल रिश्वत मामले में सामने आया था, जिसमें सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस के दो कांस्टेबल और दो कारोबारियों को गिरफ्तार किया था। सीबीआई को सेखों के खिलाफ सबूत नहीं मिले थे। इस मामले के कुछ महीनों बाद सीबीआई ने सेखों और उनकी पत्नी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज कर लिया था। सीबीआई ने उनकी आय और खर्चों के संबंध में एक फरवरी 2017 से 28 फरवरी 2021 तक की अवधि की जांच की थी। सीबीआई जांच में सामने आया था कि इन चार वर्षों में उनकी संपत्ति में आय से 80.30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।