250 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटालाः करनाल के दो शिक्षण संस्थानों में सीबीआई की छापेमारी से हड़कंप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल जिले के दो बड़े प्राइवेट शिक्षा संस्थानों पर सीबीआई की दो टीमों ने एक साथ सोमवार शाम को दबिश दी। जिससे मंगलवार को पूरे जिले के प्राइवेट संस्थानों में हड़कंप मच गया।
हर कोई यह जानना चाहता था कि सीबीआई ने किन संस्थानों पर दबिश दी है। हालांकि उन संस्थानों का नाम भी सामने आ चुका है, लेकिन उन संस्थानों के मालिक सीबीआई की टीम आने की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। सीबीआई की टीमों ने दोनों संस्थानों के दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं।
हिमाचल प्रदेश में 250 करोड़ रुपये का छात्रवृत्ति घोटाला सामने आया है। इस मामले में सोमवार को सीबीआई की टीमों ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ सहित 22 निजी शिक्षा संस्थानों पर रेड कर उनके दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। किस शिक्षण संस्थान में सीबीआई की टीम आई और रिकॉर्ड ले गई, इस बारे में पुलिस, प्रशासनिक तथा सीआईडी की टीम जानकारी करने में जुटी रही, लेकिन इनको भी कानोकान पता नहीं चल सका।
ये है मामला
हिमाचल प्रदेश में शिक्षा विभाग की जांच में पता चला है कि निजी शिक्षा संस्थान फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिमला के अधिकारियों की मिली भगत से छात्रवृत्ति के करीब 250 करोड़ रुपये डकार गए हैं। क्योंकि 2013-14 और 2016-17 तक 924 निजी संस्थानों के विद्यार्थियों को करीब 210 करोड़ रुपये और 18682 सरकारी संस्थानों के विद्यार्थियों को 56.35 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति के लिए दिए थे।
जांच में सामने आया है कि कई वर्षों तक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति ही नहीं मिली है और जो बांटी गई है वह भी गलत तरीके से बांटी गई है। हिमाचल प्रदेश में छात्रवृत्ति और शुल्क क्षतिपूर्ति के 250 करोड़ रुपये डकारने के पीछे मुख्य कारण यह रहा है कि यहां पर छात्रवृत्ति की रकम कॉलेज प्रबंध तंत्र के माध्यम से छात्रों को प्रदान की जाती है।
जिसमें प्रबंध तंत्र ने गोलमाल कर लिया। कागजों में छात्रवृत्ति का वितरण दिखा दिया, जबकि हरियाणा सरकार की ओर से छात्रवृत्ति की राशि प्रबंधन के स्थान पर विद्यार्थी के खातों में हस्तांतरित की जाती है।
कई घंटे तक खंगाले टीम ने संस्थान में दस्तावेज
सीबीआई की टीमों ने कई घंटों तक इन दो शिक्षा संस्थानों में दस्तावेज खंगाले हैं। इसके साथ ही टीम ने संस्थान के कंप्यूटरों का डाटा भी अपने कब्जे में लिया है। टीम सभी दस्तावेजों की जांच करेगी और उसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।