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Chandigarh: पीएनबी व यूको बैंक से 115 करोड़ की धोखाधड़ी, CBI ने सात के खिलाफ दाखिल किया आरोपपत्र
Thu, 30 Mar 2023 09:04 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 30 Mar 2023 09:04 PM IST
सार
सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 420, 467, 468, 471 व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2), 13(1)(डी) भी जोड़ी है। सीबीआई की विशेष अदालत ने मामले में आरोपियों को 25 मई को पेश होने का आदेश दिया है। अब इनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद इस केस का ट्रायल शुरू किया जाएगा।
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CBI
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और यूको बैंक से की गई 115 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई ने आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। जिला अदालत स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में जांच एजेंसी ने दिल्ली की कंपनी विष्णु ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विष्णु भगवान मित्तल, सत नारायण मित्तल, योगेश मित्तल, विनोद गर्ग, रवि रश्मि धर के अलावा पीएनबी के उप महाप्रबंधक (डीजीएम) और यूको बैंक के मुख्य महाप्रबंधक नरेश कुमार जैन को आरोपी बनाया है।
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सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 420, 467, 468, 471 व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2), 13(1)(डी) भी जोड़ी है। सीबीआई की विशेष अदालत ने मामले में आरोपियों को 25 मई को पेश होने का आदेश दिया है। अब इनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद इस केस का ट्रायल शुरू किया जाएगा।
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पीएनबी से 95 और यूको बैंक से लिया था 20 करोड़ का लोन
सीबीआई ने जनवरी 2020 में पीएनबी की सेक्टर-17 स्थित कारपोरेट ब्रांच के मुख्य प्रबंधक की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने कहा था कि दिल्ली में संबंधित कंपनी का दफ्तर है और इसकी हरियाणा में एक फैक्टरी है। कंपनी चावल की प्रोसेसिंग और बिक्री करती है। कंपनी ने अपने विस्तार के लिए दोनों बैंकों से 115 करोड़ रुपये का लोन लिया था लेकिन कंपनी लोन वापस करने में फेल रही और इसके खाते एनपीए में आ गए। जब कंपनी की तरफ से लोन के समय बैंक को दी गई वित्तीय स्टेटमेंट और ऑडिट रिपोर्ट की जांच की गई तो वह फर्जी पाई गई। कंपनी ने पीएनबी को 95 करोड़ रुपये और यूकों बैंक से 20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।
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