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Highcourt: राज्य सरकार पर मदद के लिए किसी विशेष अधिकारी की नियुक्ति का दबाव नहीं डाल सकती सीबीआई

Thu, 18 Jul 2024 11:39 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 18 Jul 2024 11:39 AM IST
सार

हरियाणा के विभिन्न सरकारी स्कूलों में लगभग चार लाख छात्रों के फर्जी प्रवेश कर धन की हेराफेरी से संबंधित कथित घोटाले से संबंधित मामले की जांच कर रही सीबीआई ने जनशक्ति की भारी कमी का हवाला दिया था।

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CBI cannot put pressure on state government to appoint special officer to help, says Highcourt
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि सीबीआई राज्य सरकार पर यह दबाव नहीं डाल सकती कि वह जांच में केंद्रीय एजेंसी की मदद के लिए किसी विशेष अधिकारी को नियुक्त करे। 

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हाईकोर्ट के अनुसार, सीबीआई की सहायता के लिए किस अधिकारी को नियुक्त किया जाए और किसको भेजा जाए, यह निर्णय लेने का अधिकार राज्य सरकार के पास है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायाधीश जगमोहन बंसल की खंडपीठ ने सीबीआई द्वारा दायर एक अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किए।
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हरियाणा के विभिन्न सरकारी स्कूलों में लगभग चार लाख छात्रों के फर्जी प्रवेश कर धन की हेराफेरी से संबंधित कथित घोटाले से संबंधित मामले की जांच कर रही सीबीआई ने जनशक्ति की भारी कमी का हवाला देते हुए मामले के लिए हरियाणा पुलिस से प्रतिनियुक्ति पर पुलिसकर्मी उपलब्ध कराने के निर्देश मांगे थे। 
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सीबीआई ने एसीबी भिवानी में तैनात डीएसपी विजय नेहरा, इंस्पेक्टर विजय, हांसी में तैनात एसआई नरेश कुमार, फतेहाबाद पुलिस के एसआई नरेश, गोहाना के एसआई नीरज, साइबर सेल पंचकुला में तैनात एसआई कुलदीप और फतेहाबाद जिले के टोहाना में तैनात एसआई रामबीर समेत सात अधिकारियों की मांग की थी। इसके अलावा, एजेंसी ने जांच अधिकारियों की सहायता के लिए कांस्टेबल रैंक के 10 पुलिसकर्मी की भी मांग की है।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार को इस बाबत जवाब देने का निर्देश दिया। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 जुलाई की तारीख तय करते हुए कहा कि अदालत यह स्पष्ट करना चाहती है कि सीबीआई जांच में सीबीआई की मदद के लिए हरियाणा राज्य पर किसी विशेष अधिकारी को नियुक्त करने का दबाव नहीं डाल सकती। सीबीआई की सहायता के लिए किस अधिकारी को नियुक्त किया जाए और भेजा जाए, यह निर्णय लेने का विवेक हरियाणा राज्य के विशेष अधिकार क्षेत्र में है। 


सीबीआई ने 2019 में पारित निर्देशों के बाद सात मामलों से जुड़े इस मामले की जांच शुरू की है। एजेंसी के अनुसार, सीबीआई के संसाधन सीमित हैं और अगर एजेंसी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुसार वर्तमान मामले की जांच के लिए अपने स्वयं के प्रशिक्षित कर्मचारियों को लगाएगी, तो कर्मियों की बड़ी कमी पैदा होगी, जिसका संगठन के कुशल कामकाज पर असर पड़ेगा। इसलिए यदि आवश्यक हो तो राज्य से अधिकारियों को शामिल किया जाना चाहिए, सीबीआई ने हाई कोर्ट के समक्ष दावा किया है।

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