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हुड्डा के प्रमुख सचिव रहे तायल पर CBI का शिकंजा, आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 06 Sep 2017 09:12 AM IST
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Bhupinder Singh Hooda & Murari Lal Tayal
- फोटो : File Photo
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रमुख सचिव रहे एमएल तायल पर सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति होेने का केस दर्ज किया है। एफआईआर में तायल के परिवार वालों को भी आरोपी बनाया गया है।
तायल हुड्डा से संबंधित जमीन आवंटन में गड़बड़ी के मामले में भी सीबीआई के घेरे में हैं। एफआईआर में तायल के परिवार वालों सविता तायल, कार्तिक तायल और मालविका तायल को भी उनके साथ आरोपी बनाया गया है। एफआईआर में इनकी कंपनी काप्पेक फार्मा लिमिटेड का भी नाम है।
मामले की जांच इंस्पेक्टर किशन चंद्र को सौंपी गई है। मालूम हो कि इस मामले में गुड़गांव के मानेसर थाने में शिकायत दर्ज थी। इसके बाद हरियाणा सरकार ने यह मामला सीबीआई के सुपुर्द कर दिया था। सीबीआई चंडीगढ़ ने इस मामले में यहां केस दर्ज किया।
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तायल हुड्डा से संबंधित जमीन आवंटन में गड़बड़ी के मामले में भी सीबीआई के घेरे में हैं। एफआईआर में तायल के परिवार वालों सविता तायल, कार्तिक तायल और मालविका तायल को भी उनके साथ आरोपी बनाया गया है। एफआईआर में इनकी कंपनी काप्पेक फार्मा लिमिटेड का भी नाम है।
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मामले की जांच इंस्पेक्टर किशन चंद्र को सौंपी गई है। मालूम हो कि इस मामले में गुड़गांव के मानेसर थाने में शिकायत दर्ज थी। इसके बाद हरियाणा सरकार ने यह मामला सीबीआई के सुपुर्द कर दिया था। सीबीआई चंडीगढ़ ने इस मामले में यहां केस दर्ज किया।
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क्या है आरोप
Murari Lal Tayal
- फोटो : File Photo
क्या है आरोप
आरोप है कि तायल ने 2006 से 2014 के बीच करीब 10 करोड़ रुपये कमाए जिसके स्रोत के बारे में वह जांच एजेंसी को संतुष्ट नहीं कर पाए। गौरतलब है कि पिछले साल सीबीआई ने गुड़गांव के करीब 1500 करोड़ के जमीन घोटाले के मामले में हुड्डा समेत राज्य सरकार के अन्य अधिकारियों के 24 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इनमें तायल भी शामिल थे।
कई अहम पदों पर रहे हैं तायल
1976 बैच के आईएएस अधिकारी तायल हरियाणा काडर के आईएएस अधिकारी हैं। वे कई अहम पदों पर रहे। हुड्डा सरकार के कार्यकाल में तायल को मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया था। मार्च 2005 से अक्तूबर 2009 तक तायल इस पद पर आसीन रहे। इसके बाद 31 अक्तूबर 2009 को वे रिटायर हुए। हुड्डा के करीबी होने के कारण सभी प्रशासनिक निर्णयों में तायल की भूमिका अहम होती थी।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई मानेसर भूमि घोटाले के जिस मामले की जांच कर रही है, वह निर्णय तायल के प्रमुख सचिव रहने के कार्यकाल के दौरान हुआ। हुड्डा के करीबी होने के कारण ही सरकार ने उन्हें रिटायरमेंट के बाद भी कंपटीशन कमीशन आफ इंडिया के पद से नवाजा था।
आरोप है कि तायल ने 2006 से 2014 के बीच करीब 10 करोड़ रुपये कमाए जिसके स्रोत के बारे में वह जांच एजेंसी को संतुष्ट नहीं कर पाए। गौरतलब है कि पिछले साल सीबीआई ने गुड़गांव के करीब 1500 करोड़ के जमीन घोटाले के मामले में हुड्डा समेत राज्य सरकार के अन्य अधिकारियों के 24 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इनमें तायल भी शामिल थे।
कई अहम पदों पर रहे हैं तायल
1976 बैच के आईएएस अधिकारी तायल हरियाणा काडर के आईएएस अधिकारी हैं। वे कई अहम पदों पर रहे। हुड्डा सरकार के कार्यकाल में तायल को मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया था। मार्च 2005 से अक्तूबर 2009 तक तायल इस पद पर आसीन रहे। इसके बाद 31 अक्तूबर 2009 को वे रिटायर हुए। हुड्डा के करीबी होने के कारण सभी प्रशासनिक निर्णयों में तायल की भूमिका अहम होती थी।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई मानेसर भूमि घोटाले के जिस मामले की जांच कर रही है, वह निर्णय तायल के प्रमुख सचिव रहने के कार्यकाल के दौरान हुआ। हुड्डा के करीबी होने के कारण ही सरकार ने उन्हें रिटायरमेंट के बाद भी कंपटीशन कमीशन आफ इंडिया के पद से नवाजा था।