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कैट ने दिए जेबीटी पर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी को नौकरी देने के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 21 Mar 2017 09:42 AM IST
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Central Administrative Tribunal
- फोटो : File Photo
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केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने ओबीसी कोटे से जनरल कोटे में तब्दील की गई जेबीटी आवेदक को राहत देते हुए यूटी प्रशासन को उसे जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) के पद पर तैनाती के आदेश दिए हैं। धनास निवासी कोमल की याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने कहा है कि अगर वह मेरिट और योग्यता के आधार पर फिट पाई जाती है तो उसे एक माह के अंदर जेबीटी के तौर पर नियुक्ति दी जाए।
कोमल की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया था कि यूटी प्रशासन ने 2015 में जेबीटी की 489 और नर्सरी के लिए 103 पोस्ट पर आवेदन मांगे थे। इनमें से जेबीटी की 177 पोस्ट आरक्षित वर्ग के लिए थी। उन्होंने आरक्षित वर्ग से होने के कारण ओबीसी कोटे से इसके लिए आवेदन किया था।
आरक्षित वर्ग के लिए भर्ती प्रक्रिया सही तरीके से भरे जाने के बावजूद उन्हें बिना किसी कारण ओबीसी कोटे से सामान्य श्रेणी में बदल दिया। उसने एसडीओ की ओर से जारी आरक्षित वर्ग का सर्टिफिकेट भी आवेदन के साथ संलग्न किया था। कोमल कश्यप राजपूत समुदाय से थी, जो कि केंद्र सरकार की ओर से पिछड़ी जाति वर्ग में मानी जाती है।
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याचिका में कोमल ने कहा था कि भर्ती प्रक्रिया समाप्त होने के बाद उसे ओबीसी कैटेगरी से सामान्य कैटगरी में बदल दिया गया। प्रोसेस में कोमल ने 113 अंक हासिल किए थे। इसके बावजूद उसे ओबीसी कोटे के तहत सीट नहीं मिली। वहीं उससे कम अंक जिनके 111 और 112 अंक थे उन्हें अप्वाइंटमेंट दे दिया गया। उसके आवेदन को बिना किसी कारण बदलने के बाद उसने ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। इस पर ट्रिब्यूनल ने यूटी प्रशासन को उसे आदेश के एक महीने के भतर अप्वाइंटमेंट देने को कहा है।
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कोमल की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया था कि यूटी प्रशासन ने 2015 में जेबीटी की 489 और नर्सरी के लिए 103 पोस्ट पर आवेदन मांगे थे। इनमें से जेबीटी की 177 पोस्ट आरक्षित वर्ग के लिए थी। उन्होंने आरक्षित वर्ग से होने के कारण ओबीसी कोटे से इसके लिए आवेदन किया था।
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आरक्षित वर्ग के लिए भर्ती प्रक्रिया सही तरीके से भरे जाने के बावजूद उन्हें बिना किसी कारण ओबीसी कोटे से सामान्य श्रेणी में बदल दिया। उसने एसडीओ की ओर से जारी आरक्षित वर्ग का सर्टिफिकेट भी आवेदन के साथ संलग्न किया था। कोमल कश्यप राजपूत समुदाय से थी, जो कि केंद्र सरकार की ओर से पिछड़ी जाति वर्ग में मानी जाती है।
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याचिका में कोमल ने कहा था कि भर्ती प्रक्रिया समाप्त होने के बाद उसे ओबीसी कैटेगरी से सामान्य कैटगरी में बदल दिया गया। प्रोसेस में कोमल ने 113 अंक हासिल किए थे। इसके बावजूद उसे ओबीसी कोटे के तहत सीट नहीं मिली। वहीं उससे कम अंक जिनके 111 और 112 अंक थे उन्हें अप्वाइंटमेंट दे दिया गया। उसके आवेदन को बिना किसी कारण बदलने के बाद उसने ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। इस पर ट्रिब्यूनल ने यूटी प्रशासन को उसे आदेश के एक महीने के भतर अप्वाइंटमेंट देने को कहा है।