{"_id":"60585620fdf46219ea7648fc","slug":"cases-of-corona-increased-as-the-temperature-rises-in-haryana","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोना के रंग : तापमान के साथ बढ़ रहा संक्रमण का ग्राफ, सर्दी में शांत वायरस ने गर्मी में पकड़ी रफ्तार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना के रंग : तापमान के साथ बढ़ रहा संक्रमण का ग्राफ, सर्दी में शांत वायरस ने गर्मी में पकड़ी रफ्तार
Mon, 22 Mar 2021 02:07 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 22 Mar 2021 02:07 PM IST
विज्ञापन
कोरोना
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्दी के मौसम में शांत रहने के बाद बढ़ते तापमान के साथ हरियाणा में एक बार फिर कोरोना ने गति पकड़ ली है। फरवरी से मौसम में गर्मी महसूस की जा रही है, ऐसे में कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
एक मार्च से अब तक मामलों में रिकार्ड बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार की चिंता बढ़ा दी है, जिस कारण अब दोबारा से मास्क और नियमों को लेकर सख्ती की गई है। पिछले एक साल का आंकलन भी यही बता रहा है कि प्रदेश में सर्दी के समय में केस कम बढ़े और गर्मी के मौमस में कोरोना पीक पर रहा। न केवल मौतें ज्यादा हुईं, बल्कि संक्रमण के मामले भी अधिक सामने आए।
विज्ञापन
पिछले साल मार्च में कोरोना ने प्रदेश में दस्तक दी थी। 30 अप्रैल, 2020 को एक्टिव केसों की संख्या 100 थी, जो 31 मई तक 1023 पहुंच गई। जून की शुरुआत में 1842 से शुरू हुए एक्टिव केस 30 जून तक बढ़कर 4340 तक पहुंच गए। जुलाई में इनकी संख्या 6117 और अगस्त माह में 11371 तक पहुंच गई। 18 सितंबर, 2020 को कोरोना के एक्टिव केसों का रिकार्ड 21291 बना।
विज्ञापन
इसके बाद कोरोना संक्रमण कुछ कम हुआ और अक्तूबर माह में आंकड़ा 13442 तक घट गया। 27 नवंबर को 20400 एक्टिव मरीज होने के बाद से कोरोना घटता चला गया। जैसे जैसे सर्दी बढ़ी तो कोरोना के केस कम होते चले गए। एक दिसंबर को यह संख्या 7744 थी, जो 31 दिसंबर को 3567 रह गई।
इसी प्रकार, नए साल में 3 हजार के मुकाबले 31 जनवरी को मात्र 1115 केस रह गए। फरवरी में भी कोरोना कम रहा और आंकड़ा 816 रह गया। जैसे ही मार्च में गर्मी शुरू हुई तो कोरोना संक्रमण ने गति पकड़ी। एक मार्च को प्रदेश में एक्टिव केस बढ़कर 1288 थी। रोजाना नए केसों की संख्या बढ़ने से यह आंकड़ा चार गुना 4830 हो गया है।
तापमान से घटने बढ़ने का कोई प्रमाण नहीं : डॉ. चौधरी
कोविड-19 के प्रदेश के नोडल अधिकारी डा. ध्रुव चौधरी कहना है कि तक इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है कि तापमान बढ़ने और घटने से वायरस पर असर पड़ता है। यह वायरस संक्रमित इंसान के छींकने या खांसने के दौरान निकलने वाले ड्रॉपलेट्स से फैलता है। जहां तक सर्दी की बात है तो क्योंकि सर्दी में लोग घरों में ज्यादा रहते हैं और बाहर कम निकलते हैं, इसलिए केस कम हुए होंगे। फिलहाल वैक्सीनेशन और सावधानी ही इससे बचाव है।
इसी प्रकार, नए साल में 3 हजार के मुकाबले 31 जनवरी को मात्र 1115 केस रह गए। फरवरी में भी कोरोना कम रहा और आंकड़ा 816 रह गया। जैसे ही मार्च में गर्मी शुरू हुई तो कोरोना संक्रमण ने गति पकड़ी। एक मार्च को प्रदेश में एक्टिव केस बढ़कर 1288 थी। रोजाना नए केसों की संख्या बढ़ने से यह आंकड़ा चार गुना 4830 हो गया है।
तापमान से घटने बढ़ने का कोई प्रमाण नहीं : डॉ. चौधरी
कोविड-19 के प्रदेश के नोडल अधिकारी डा. ध्रुव चौधरी कहना है कि तक इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है कि तापमान बढ़ने और घटने से वायरस पर असर पड़ता है। यह वायरस संक्रमित इंसान के छींकने या खांसने के दौरान निकलने वाले ड्रॉपलेट्स से फैलता है। जहां तक सर्दी की बात है तो क्योंकि सर्दी में लोग घरों में ज्यादा रहते हैं और बाहर कम निकलते हैं, इसलिए केस कम हुए होंगे। फिलहाल वैक्सीनेशन और सावधानी ही इससे बचाव है।