फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Cases filed against farmers will be returned at different times

किसान आंदोलन: कोर्ट जा चुके केस अलग-अलग समय पर होंगे वापस, मृतक किसानों की सूची का पुलिस करेगी सत्यापन

Sun, 12 Dec 2021 10:07 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 12 Dec 2021 10:07 PM IST
सार

सालभर से अधिक चले किसान आंदोलन के दौरान हरियाणा में किसानों पर हजारों केस दर्ज किए गए। आंदोलन स्थगित करने के एलान से पहले सरकार व किसान संगठनों में केस वापसी और मृतक किसानों के परिवार को मुआवजा देने की सहमति बनी थी। इसपर हरियाणा सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विज्ञापन
Cases filed against farmers will be returned at different times
मुख्यमंत्री मनोहर लाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मामलों की वापसी के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। कोर्ट जा चुके केस वापस होने में समय लगेगा। राज्य सरकार किसानों की ओर से दी गई मृतकों की सूची का पुलिस सत्यापन करा रही है।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान जिन लोगों की मृत्यु हुई है, उनकी सूची किसान मोर्चा ने दी है, उसे पुलिस विभाग सत्यापित करेगा।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें ः खापों ने किया एलान: अब गांवों में कभी भी आ-जा सकेंगे भाजपा और जजपा नेता, नहीं किया जाएगा विरोध
विज्ञापन
विज्ञापन


सभी डीसी, एसपी व संबंधित अधिकारी मिलकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। वे बताएंगे कि कितने मुकदमे तुरंत वापस लिए जा सकते हैं। जो मुकदमे कोर्ट जा चुके हैं, उनका वर्गीकरण किया जाएगा। उन्हें अलग-अलग समय पर वापस लिया जाएगा। 

 264 में से संज्ञेय अपराध के चार मामले

किसानों पर 264 एफआईआर दर्ज हैं। इनमें चार संज्ञेय अपराध के मामले हैं। जिनमें पश्चिम बंगाल की युवती से दुष्कर्म, पंजाब के युवक की तड़पा-तड़पाकर हत्या इत्यादि शामिल हैं। एफआईआर में 1757 किसानों को नामजद करते हुए लगभग 48 हजार पर केस बनाए गए हैं। संज्ञेय अपराधों के केस सरकार खुद वापस नहीं ले सकती। इन्हें कोर्ट से वापस कराने का जिम्मा सरकार ने महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन को सौंपा है। आंदोलन के दौरान हरियाणा में जान गंवाने वाले किसानों और सरकार के पास अलग-अलग आंकड़ा है।

टोल दरों में कोई वृद्धि नहीं होगी

मनोहर ने किसानों के धरने हटाने का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान आंदोलन समाप्त होने के बाद अब दर्ज मुकदमों को वापस लेने पर बातचीत चल रही है। किसान आंदोलन के कारण बंद टोल पर वसूली जल्द सुचारु हो जाएगी। टोल की दरों में कोई वृद्धि नहीं होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed