Punjab News: करोड़ों का मुआवजा हड़पने की साजिश का खुलासा, बीडीपीओ, सरपंच, पटवारी समेत सात के खिलाफ मुकदमा
गांव लील के किसान लखवंत सिंह की शिकायत की जांच के बाद लुधियाना (ग्रामीण) एसएसपी नवनीत सिंह बैंस के आदेश पर सात आरोपियों के खिलाफ साजिश और धोखाधड़ी की धारा 120-बी, 420, 465, 467, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के हलवारा में भारत माला प्रोजेक्ट के अंतर्गत अधिग्रहण की जा रही जमीनों के मुआवजे को हड़पने की साजिश का खुलासा हुआ है। इस मामले में अमरगढ की विकास एवं पंचायत अफसर (बीडीपीओ) रुपिंदरजीत कौर समेत सात आरोपियों के खिलाफ थाना सुधार में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मुकदमे में गांव लील की महिला सरपंच सतवंत कौर, ब्लाक समिति डेहलों के पटवारी दलजीत सिंह, पंच प्रेमजीत कौर, पंच इंदरजीत कौर, पंच जगदेव सिंह और पंच हरविंदर सिंह को भी नामजद किया गया है।
गांव लील के किसान लखवंत सिंह की शिकायत की जांच के बाद लुधियाना (ग्रामीण) एसएसपी नवनीत सिंह बैंस के आदेश पर सात आरोपियों के खिलाफ साजिश और धोखाधड़ी की धारा 120-बी, 420, 465, 467, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पक्खोवाल ब्लाक के गांव लील के छह से अधिक किसानों की करीब 170 कनाल जमीन को फर्जी कागजात और धोखाधड़ी के साथ पंचायत की जमीन दिखाकर मुआवजे के करोड़ों रुपये हड़पने की साजिश रची गई थी। इसके बाद थाना सुधार के प्रभारी अमृतपाल सिंह को शिकायत की जांच सौंपी गई। इंस्पेक्टर अमृतपाल सिंह ने शुरूआती जांच में पाया कि ब्लाक अमरगढ़ की मौजूदा बीडीपीओ रुपिंदरजीत कौर के पास पिछले वर्ष दिसंबर में जिला विकास पंचायत अधिकारी के साथ पक्खोवाल ब्लाक का भी अतिरिक्त चार्ज था।
रुपिंदरजीत कौर ने अपने पद और रूतबे का दुरूपयोग करते हुए पंचायत का प्रस्ताव पास होने के दो दिन पहले ही छह से अधिक किसान परिवारों की 170 कनाल निजी मालिकाना जमीन को पंचायत की जमीन घोषित कर दिया। रुपिंदरजीत कौर ने साजिश के तहत पिछले वर्ष 30 दिसंबर को जिला माल अफसर को पत्र लिखकर पक्खोवाल की कोटक महिंद्रा बैंक का खाता दर्ज करते हुए उक्त जमीन का मुआवजा हड़पने की कोशिश की।
थाना सुधार के प्रभारी अमृतपाल सिंह की रिपोर्ट के अनुसार गांव की सरपंच सतवंत कौर, पंच प्रेमजीत कौर, इंदरजीत कौर, जगदेव सिंह, हरविंदर सिंह और पटवारी दलजीत सिंह भी साजिश में शामिल मिले और जांच में कोई सहयोग नहीं किया। कई बार तलब करने के बावजूद आरोपी जांच में शामिल नहीं हुए।
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नवदीप कौर द्वारा जिला ग्रामीण पुलिस को एक नवंबर को लिखे पत्र ने इस सनसनीखेज घोटाले की साजिश का पर्दाफाश किया। मुकदमे के जांच अधिकारी और थाना प्रभारी अमृतपाल सिंह ने बताया कि सभी आरोपी फरार हो गए हैं, उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। गांव लील के कई अन्य किसानों ने बताया कि जिस जमीन को पंचायत की जमीन दिखाकर करोड़ों रुपये हड़पने की साजिश रची गई, वहां दूर दूर तक पंचायती जमीन है ही नहीं।