पंजाबः हिंदू नेता पर फायरिंग के विरोध में धारीवाल रहा पूर्ण बंद, दो अज्ञात पर मामला दर्ज
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शिवसेना नेता हनी महाजन समेत एक अन्य युवक पर सोमवार को अंधाधुंध गोलियां चलाने वाले दो अज्ञात युवकों पर थाना धारीवाल की पुलिस ने मामला दर्जकर लिया है। मृतक अशोक कुमार के पिता जगदीश राज पुत्र मुंशी राम निवासी धारीवाल ने पुलिस को बताया कि वह और उनका बेटा अशोक कुमार व दुकान पर काम करने वाला लड़का राकेश मसीह सोमवार शाम 6.30 बजे डडवां रोड पर स्थित अपनी दुकान पर थे।
वह अपने कुछ घरेलू सामान लेकर दुकान से बाहर सड़क पर आए तो देखा कि उनकी दुकान से थोड़ा आगे एक सफेद रंग की कार खड़ी थी। उसमें दो युवक थे जिन्होंने अपने मुंह पर रुमाल बांधा हुआ था। उनकी दुकान के सामने आकर उन्होंने लड़के अशोक कुमार पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी। अशोक कुमार के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गोलियां लगने से वह खून से लथपथ हो गया।
हमलावरों ने दूसरी दुकान पर बैठे शिवसेना नेता हनी महाजन पुत्र विपन कुमार निवासी धारीवाल पर भी गोलियां चलाईं। इसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। शोर मचाने पर उक्त दोनों मौके पर से फरार हो गए।
जगदीश राज ने बताया कि अशोक कुमार और हनी महाजन को जब वह सिविल अस्पताल लेकर गए तो डॉक्टरों ने उनके बेटे को मृत घोषित कर दिया और हनी महाजन को अमृतसर रेफर कर दिया। थाना धारीवाल के प्रभारी मंजीत सिंह ने बताया कि जगदीश राज के बयान के आधार पर दो अज्ञात के खिलाफ मामला दर्जकर लिया गया है।
हत्या के विरोध में धारीवाल बंद
कस्बा धारीवाल में सोमवार देर रात दो अज्ञात युवकों की ओर से की गई अंधाधुंध फायरिंग में अशोक कुमार की मौत और शिवसेना नेता हनी महाजन के जख्मी हो जाने के रोष के चलते मंगलवार को धारीवाल शहर पूरी तरह बंद रहा। इस बंद में शिवसेना समेत कई अन्य संगठनों ने पंजाब पुलिस और सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकाल कर डडवा चौक धारीवाल में चार घंटे तक धरना दिया।
सभी ने सरकार से मांग की कि मृतक अशोक कुमार के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ साथ हनी महाजन का इलाज मुफ्त करवाने की मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि हिंदू संगठनों की मुलाकात मुख्यमंत्री से करवाई जाए।
रोष धरने में पहुंचे एडीसी (जनरल) तेजिंदर पाल संधू ने प्रदर्शनकारियों को विश्वास दिलाया कि उनकी मांगों को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री को लिखकर भेजेंगे, जिसके बाद धरना उठा दिया गया। वहीं मंगलवार को अशोक कुमार का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिसमें शहर वासियों ने नम आंखों से अशोक कुमार को विदाई दी।
अशोक कुमार की हत्या और हनी महाजन पर हुई फायरिंग के विरोध में सोमवार देर रात ही विभिन्न हिंदू संगठनों की ओर से शहर में बंद का आह्वान कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई। धरने के दौरान शिवसेना हिंदोस्तान के राष्ट्रीय प्रधान पवन गुप्ता ने कहा कि डीजीपी पंजाब के पास हिंदू भाईचारे के नेताओं पर हो रहे कातिलाना हमलों की बात तक सुनने का वक्त नहीं है।
यह कातिलाना हमला पुलिस प्रशासन और खुफिया विभाग की अनदेखी का नतीजा है। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब से बाहर किसी अन्य समुदाय के किसी व्यक्ति के साथ कोई घटना घटती है तो मुख्यमंत्री तुरंत बयानबाजी करके केंद्र सरकार को दखल देने की बात कहते हैं लेकिन हनी महाजन पर हुए कातिलाना हमले और अशोक कुमार की मौत के कई घंटों बाद भी मुख्यमंत्री या डीजीपी दिनकर गुप्ता का कोई बयान नहीं आया।
पवन गुप्ता ने कहा कि हनी महाजन और कई अन्य नेताओं को मिल रही कई तरह की धमकियों के संबंध में उन्होंने डीजीपी से मिलने के कई प्रयत्न किए लेकिन डीजीपी पंजाब के पास उनकी बात सुनने का वक्त ही नहीं है। इस मौके पर शिवसेना पंजाब के राष्ट्रीय प्रधान संजीव घनौली, शिवसेना टकसाली के राष्ट्रीय नेता संजीव सूरी, शिवसेना बाल ठाकरे के हरविंदर सोनी, रोहित महाजन, रवि शर्मा, रोहित मैगी, सतीश महाजन और जय प्रकाश लाली ने भी रोष धरने को संबोधित किया।