Ludhiana: गलत एमएलआर और झूठी गवाही पर काटी थी छह माह की सजा, 22 साल बाद अब दो डॉक्टरों समेत तीन पर हुआ केस
सिविल सर्जन डॉ. हतिंदर कौर कलेर की पुलिस को दी शिकायत के अनुसार मई 2001 में राजेश मेहता का अपने पड़ोसी राजेश जैन और उनके पिता से झगड़ा हो गया था। राजेश मेहता और उसके साथियों ने उन्हें पीट दिया। इसके बाद राजेश मेहता ने सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच करवाई और थाना डिजीवन-तीन में शिकायत दे दी।
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लुधियाना सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने गलत एमएलआर मेडिकल लीगल रिपोर्ट काटी और अदालत में झूठी गवाही भी दे दी। इसके चलते गुलचमन गली निवासी राजेश जैन को छह महीने की सजा काटनी पड़ी। उन्होंने इंसाफ के लिए लंबीकानूनी लड़ाई लड़ी। मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा और 22 साल बाद आरोपियों पर केस दर्ज हुआ।
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हाईकोर्ट के आदेश पर सिविल सर्जन लुधियाना की ओर से करवाई जांच के बाद आरोप सही पाए गए। 22 साल बाद थाना डिवीजन-दो पुलिस ने सिविल सर्जन डॉ. हतिंदर कौर की शिकायत पर 2001 में सिविल अस्पताल में तैनात डॉ. मनमोहन सिंह, डॉ. राजपाल सिंह ग्रेवाल और राजेश मेहता के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
मई 2001 में हुआ था झगड़ा
सिविल सर्जन डॉ. हतिंदर कौर कलेर की पुलिस को दी शिकायत के अनुसार मई 2001 में राजेश मेहता का अपने पड़ोसी राजेश जैन और उनके पिता से झगड़ा हो गया था। राजेश मेहता और उसके साथियों ने उन्हें पीट दिया। इसके बाद राजेश मेहता ने सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच करवाई और थाना डिजीवन-तीन में शिकायत दे दी।
राजेश मेहता ने डॉ. मनमोहन और डॉ. राजपाल सिंह ग्रेवाल की मिलीभगत से गलत एमएलआर कटवाई। कई चोटें ऐसी लिखवाईं जो लगी ही नहीं थी। ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. राजपाल सिंह ग्रेवाल और डॉ. मनमोहन के सुझाव पर पुलिस ने धाराएं और बढ़ा दीं। जून 2012 में राजेश जैन के पिता सतपाल जैन की मौत हो गई और मई 2013 में अदालत ने राजेश जैन को छह महीने की सजा सुना दी।
राजेश जैन ने सजा भुगतने के बाद पंजाब मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार के पास दोनों आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत की। जांच पंजाब सरकार के मेडिकल लीगल एडवाइजर डॉ. एएस थिंद के पास पहुंची। उन्होंने रिपोर्ट में साफ लिख दिया कि एमएलआर में जो चोटें दिखाई गई हैं वह गलत हैं। इसके बाद राजेश जैन ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।
सिविल सर्जन लुधियाना ने पांच डॉक्टरों पर आधारित बोर्ड बनाया गया। असिस्टेंट पब्लिक इंफॉर्मेशन अफसर लुधियाना ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा कि डॉ. राजपाल की तरफ से राजेश मेहता की सर्जरी करने के बारे में इंडोर पेशेंट रिकॉर्ड रजिस्टर में कोई एंट्री नहीं है। इसके बाद इसकी एक रिपोर्ट तैयार की गई और सिविल सर्जन ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश कर दी।