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बेअदबी प्रकरण के विरोध में कांग्रेस नहीं लड़ेगी उप चुनाव

Wed, 27 Jan 2016 08:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 27 Jan 2016 08:21 PM IST
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captain said, congress will not fight for Khadoor Sahib elections

कांग्रेस ने खडूर साहिब उप चुनाव में उम्मीदवार न उतारने का फैसला लिया है। पीपीसीसी अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मुद्दे पर बुधवार को कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी चुनाव से कहीं ऊपर है। अभी तक इस मामले के असल दोषी सामने नहीं आ सके हैं। इसके विरोध स्वरूप ही पार्टी ने उप चुनाव न लड़ने का फैसला किया है।

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कैप्टन ने कहा कि हालांकि पार्टी प्रदेश प्रभारी शकील अहमद ने सिक्की के नाम की सिफारिश कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से की थी, लेकिन पार्टी अध्यक्ष ने उम्मीदवार उतारने का फैसला लेने के लिए उन्हें (कैप्टन) को ही अधिकृत किया था।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक रमनजीत सिंह सिक्की ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटना के असल दोषियों को नहीं पकड़े पाने के रोष स्वरूप इस्तीफा दिया था।  लिहाजा इसी कारण पार्टी ने उप चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया।
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उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत हार का सवाल नहीं है, बल्कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के दोषियों को सामने लाना पीपीसीसी की प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि बेअदबी की घटना के कारण रोष स्वरूप  प्रदर्शन कर रहे सिखों पर गोली चलाने का आदेश बादल परिवार ने दिया था।

सरकार बनीं तो बेनकाब होंगे बेअदबी करने वाले असल चेहरे:

पीपीसीसी अध्यक्ष ने कहा है कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने पर बड़े स्तर पर जांच कर बेअदबी के असल दोषियों के चेहरे बेनकाब किए जाएंगे।

उपचुनाव से भागने के लग रहे आरोपों को सिरे से नकारते हुए कैप्टन ने कहा कि पार्टी हार जीत से नहीं डरती, लेकिन गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और इसके बाद बहबल कलां में गोली चलना तथा ऐसी घटना के बावजूद सरकार की ओर से पुलिस के खिलाफ कार्रवाई न होना, अपने आप में चुनाव से अधिक महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि उपचुनाव न लड़ने का यह फैसला पंजाब कांग्रेस के अनेक बड़े नेताओं के साथ मंत्रणा के बाद ही लिया गया है।

चुनाव न लड़ना कांग्रेस और शिअद के बीच मिलीभगत का प्रमाण
दूसरी ओर आप सांसद भगवंत मान ने कांग्रेस पर शिअद के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है। मान ने यहां जारी बयान में कहा है कि चुनाव न लड़ने का फैसला शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस की मिलीभगत को दर्शाता है। उन्होंने शक जाहिर किया है कि दोनों दलों में एक रात पहले ही कोई डील हुई है, अन्यथा नामांकन के अंतिम दिन उम्मीदवार न उतारने का फैसला लेने का औचित्य ही नहीं बनता।

मान ने कहा कि कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने दो दिन पहले बयान दिया था कि पार्टी ने खडूर साहिब से रमनजीत सिंह सिक्की की उम्मीदवारी पर मुहर लगा दी है। जल्द नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। वहीं सुच्चा सिंह छोटेपुर ने कहा है कि अंतिम छड़ों में उम्मीदवार न उतारने का फैसला लेकर कांग्रेस ने पंजाब के लोगों के शक को हवा दी है।


इससे जाहिर है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और बादल पिता-पुत्र में अंदरूनी समझौता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने भी कैप्टन पर शिअद के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है।

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