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SYL: 'हलफनामे पर नैतिक जिम्मेदारी लें और माफी मांगें केजरीवाल'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 11 Apr 2016 01:00 PM IST
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बेटे रणइंदर सिंह पर लगे आरोपों को कैप्टन ने नकारा
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि एसवाईएल के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे पर दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल नैतिक जिम्मेवारी लें। दिल्ली सरकार ने हरियाणा के हक में हलफनामा दिया है, इसके लिए केजरीवाल को पंजाब के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।
कैप्टन ने कहा कि सिर्फ यह कहकर कि कानूनी अफसर ने अपने स्तर पर यह किया, केजरीवाल अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते। क्योंकि वह सरकार के मुखिया हैं। कोई भी कानूनी अफसर अपने स्तर पर कुछ नहीं करता, वह सरकार की ओर से पूरी जानकारी देने के बाद ही अदालत में पेश होता है।
कैप्टन ने कहा कि सीएम प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल ने कानून विधानसभा में पास करवाए, पर मामले में राज्यपाल की मंजूरी लेने में दोगली भूमिका निभाई। इससे केंद्र और हरियाणा को सुप्रीम कोर्ट जाने केलिए काफी समय मिल गया।
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उन्होंने कहा कि केजरीवाल इस मामले में पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। केजरीवाल को पता होगा कि उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा है। फिर भी वे अपने चरित्र की विशेषता के मुताबिक वह बचने की कोशिश कर रहे हैं। बात उलटी पड़ने पर उन्होंने सारा आरोप कानूनी सलाहकार पर लगा दिया। वह पंजाब में कहते थे कि पंजाब के पास एक बूंद पानी फालतू नहीं है। उसी शाम दिल्ली जाकर उन्होंने पाला बदल लिया। कहा कि पानी पर सभी राज्यों का बराबर अधिकार है।
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कैप्टन ने कहा कि सिर्फ यह कहकर कि कानूनी अफसर ने अपने स्तर पर यह किया, केजरीवाल अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते। क्योंकि वह सरकार के मुखिया हैं। कोई भी कानूनी अफसर अपने स्तर पर कुछ नहीं करता, वह सरकार की ओर से पूरी जानकारी देने के बाद ही अदालत में पेश होता है।
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कैप्टन ने कहा कि सीएम प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल ने कानून विधानसभा में पास करवाए, पर मामले में राज्यपाल की मंजूरी लेने में दोगली भूमिका निभाई। इससे केंद्र और हरियाणा को सुप्रीम कोर्ट जाने केलिए काफी समय मिल गया।
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उन्होंने कहा कि केजरीवाल इस मामले में पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। केजरीवाल को पता होगा कि उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा है। फिर भी वे अपने चरित्र की विशेषता के मुताबिक वह बचने की कोशिश कर रहे हैं। बात उलटी पड़ने पर उन्होंने सारा आरोप कानूनी सलाहकार पर लगा दिया। वह पंजाब में कहते थे कि पंजाब के पास एक बूंद पानी फालतू नहीं है। उसी शाम दिल्ली जाकर उन्होंने पाला बदल लिया। कहा कि पानी पर सभी राज्यों का बराबर अधिकार है।