{"_id":"58e9e45d4f1c1b9d385b460a","slug":"captain-amrinder-singh-book-on-saragarhi-war-released","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश का ये CM बन गया इतिहासकार, लिखी सारागढ़ी के युद्ध की अनकही कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश का ये CM बन गया इतिहासकार, लिखी सारागढ़ी के युद्ध की अनकही कहानी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 09 Apr 2017 01:06 PM IST
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह की किताब का विमोचन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के एक मुख्यमंत्री इतिहासकार बन गए हैं। उन्होंने सारागढ़ी के युद्ध की अनकही कहानी शब्दों में बयां कर दी, जो काफी दिलचस्प है। दरअसल, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की किताब ‘सारागढ़ी एंड दि डिफेंस ऑफ द समाना फोर्ट्स’ का विमोचन शनिवार को राजनीतिज्ञ और मीडिया दिग्गजों की मौजूदगी में हुआ।
इस मौके पर अनेक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और पंजाब के राज्यपाल वीपी बदनौर भी मौजूद थे। कैप्टन ने पुस्तक की एक प्रति राज्यपाल को भेंट की। सीनियर पत्रकार शेखर गुप्ता, वीर सांघवी और सिख रेजिमेंट के ब्रिगेडियर इंद्रजीत सिंह गाखल के बीच पैनल डिस्कशन के दौरान भी उपस्थित रहे। सारागढ़ी पर आधारित आगामी फिल्म में अभिनय कर रहे अभिनेता रणदीप हुड्डा भी इस मौके पर मौजूद थे।
राज्यपाल वीपी बदनौर ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार को चंडीगढ़ में एक साहित्यिक फेस्टिवल शुरू करना चाहिए, जो केवल डिफेंस और युद्ध पर केंद्रित हो। कैप्टन अमरिंदर ने तुरंत राज्यपाल के इस सुझाव को स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस साल 27 अक्तूबर को डिफेंस साहित्य पर अंतरराष्ट्रीय फेस्टिवल का आयोजन करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस मौके पर अनेक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और पंजाब के राज्यपाल वीपी बदनौर भी मौजूद थे। कैप्टन ने पुस्तक की एक प्रति राज्यपाल को भेंट की। सीनियर पत्रकार शेखर गुप्ता, वीर सांघवी और सिख रेजिमेंट के ब्रिगेडियर इंद्रजीत सिंह गाखल के बीच पैनल डिस्कशन के दौरान भी उपस्थित रहे। सारागढ़ी पर आधारित आगामी फिल्म में अभिनय कर रहे अभिनेता रणदीप हुड्डा भी इस मौके पर मौजूद थे।
विज्ञापन
राज्यपाल वीपी बदनौर ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार को चंडीगढ़ में एक साहित्यिक फेस्टिवल शुरू करना चाहिए, जो केवल डिफेंस और युद्ध पर केंद्रित हो। कैप्टन अमरिंदर ने तुरंत राज्यपाल के इस सुझाव को स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस साल 27 अक्तूबर को डिफेंस साहित्य पर अंतरराष्ट्रीय फेस्टिवल का आयोजन करेगी।
विज्ञापन