{"_id":"61701f7b36af245ad120f659","slug":"captain-amarinder-singh-talks-about-his-political-agenda-in-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर बोले अमरिंदर: सिद्धू को पार्टी के लिए बताया खतरनाक, कहा-पंजाब में मेरी लड़ाई कांग्रेस, शिअद और आप से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर बोले अमरिंदर: सिद्धू को पार्टी के लिए बताया खतरनाक, कहा-पंजाब में मेरी लड़ाई कांग्रेस, शिअद और आप से
Wed, 20 Oct 2021 07:24 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 20 Oct 2021 07:24 PM IST
सार
संभावना जताई जा रही है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह अगले हफ्ते कांग्रेस को अलविदा कहकर पंजाब में नई पार्टी बना लेंगे। इसी के साथ पंजाब में सियासी समीकरण बदलने लगे हैं। कैप्टन की नजर पंजाब के तमाम सियासी दलों के नाराज नेताओं पर है, जिसको लेकर वह अपनी नई फौज तैयार करेंगे। कैप्टन कांग्रेस में भी सेंध लगाने की तैयारी में हैं और जिन नेताओं की टिकट कटती है वे कैप्टन की पार्टी में आ सकते हैं।
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह।
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी नई पार्टी बनाने की तैयारी में हैं। वे पंजाब में अपना प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी को ही मान रहे हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ कर दिया कि वे पंजाब के लिए काम करते रहेंगे। इसी के साथ उन्होंने एक बार नवजोत सिंह सिद्धू पर हमला बोला। कैप्टन ने सिद्धू को कांग्रेस पार्टी के लिए खतरनाक बताया।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - सवाल पूछना मना है: पठानकोट में जनसभा में सवाल करने पर विधायक ने युवक को पीटा, वीडियो वायरल
विज्ञापन
कैप्टन ने अपनी पार्टी में कांग्रेस को छोड़ बाकी सभी दलों से गठबंधन का स्वागत किया है लेकिन प्रदेश के सीनियर कांग्रेसी नेता यह मानकर चल रहे हैं कि पंजाब कांग्रेस की कलह खत्म न हुई तो संभव है कि कई मौजूदा विधायक और साइडलाइन किए जा चुके सीनियर कांग्रेसी नेता सीधे तौर पर कैप्टन की पार्टी से जुड़ सकते हैं। जिस तरह से कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाया गया है, वे खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं।
विज्ञापन
कैप्टन कांग्रेस को इसका सबक सिखाना चाहते हैं और उन्होंने एलान कर रखा है कि वे किसी सूरत में सिद्धू को सीएम नहीं बनने देंगे। कैप्टन ने यह भी कहा है कि वह किसानी मुद्दों पर हल निकालने का पूरा प्रयास करेंगे। अगर कैप्टन इसमें सफल हो जाते हैं तो वे निश्चित तौर उन्हें पंजाब में एक मजबूत जमीन मिल जाएगी। साथ ही वे किसान आंदोलन की चुनौती से भाजपा को निकाल सकते हैं, क्योंकि उनके किसानों के साथ बेहतर संबंध हैं।
कैप्टन की नई पार्टी को लेकर प्रदेश कांग्रेस की चिंता साफ दिखाई देने लगी है। बुधवार को खेल मंत्री परगट सिंह ने कैप्टन के नई पार्टी बनाने के एलान पर कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा नई पार्टी बनाकर भाजपा से गठजोड़ करने के एलान ने सब कुछ स्पष्ट कर दिया है। वह ढाई साल से कहते रहे हैं कि कैप्टन भाजपा और बादलों के साथ मिले हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब का सबसे ज्यादा नुकसान बादलों और कैप्टन ने किया है। वहीं गृह मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि कैप्टन ने हमेशा निजी हितों के लिए राजनीति की है।