कांग्रेस पर भड़के कैप्टन: पंजाब में हार पर कांग्रेस के बयान से नाराज पूर्व सीएम बोले-ये कभी नहीं सीखेंगे
कैप्टन ने यह टिप्पणी कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला के बयान पर की जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाब में कांग्रेस को हार कैप्टन सरकार की साढ़े चार साल की एंटी इनकंबेसी के कारण मिली।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व कभी नहीं सीखेगा। यूपी में कांग्रेस की शर्मनाक हार का जिम्मेदार कौन है? मणिपुर, गोवा, उत्तराखंड के बारे में क्या? कैप्टन ने कहा कि दीवार पर बड़े अक्षरों में उत्तर लिखा हुआ है लेकिन हमेशा की तरह मुझे लगता है कि वे इसे पढ़ने से बचेंगे।
कैप्टन ने यह टिप्पणी कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला के बयान पर की जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाब में कांग्रेस को हार कैप्टन सरकार की साढ़े चार साल की एंटी इनकंबेसी के कारण मिली। सुरजेवाला ने कहा था कि पंजाब में कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी के माध्यम से एक नया नेतृत्व प्रस्तुत किया, जो जमीन से जुड़े नेता हैं। लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार विरोधी लहर को दूर नहीं किया जा सका और इसलिए लोगों ने बदलाव के लिए आप को वोट दिया।
पटियाला से हार चुके हैं कैप्टन
कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब विधानसभा चुनाव में अपने ही गढ़ में हार गए। कैप्टन को पटियाला शहर सीट से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी पूर्व मेयर अजीतपाल सिंह कोहली ने 19873 मतों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। कोहली को 48104 वोट पड़े, वहीं कैप्टन को 28231 मत ही हासिल हो सके। इस सीट से अकाली दल (बादल) के हरपाल जुनेजा को 11835, कांग्रेस के पूर्व मेयर व प्रत्याशी विष्णु शर्मा को 9871 वोट मिले। जिसके बाद कैप्टन के बतौर सीएम रहते पंजाब की राजनीति का केंद्र बिंदु रहे मोती महल में सन्नाटा पसर गया।
कैप्टन के हक में खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह ने भी पटियाला पहुंचकर वोट मांगे। कैप्टन ने अपनी जीत की कामना को लेकर मोती महल में विशेष पूजा कराई। जिसमें भैंस के बच्चे को दान किया गया। जिससे शनि देवता प्रसन्न रहें और देवी मां की कृपा हासिल हो सके। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई।