{"_id":"586921be4f1c1b255eeed91b","slug":"captain-amarinder-singh-on-pm-modi-notebandi","type":"story","status":"publish","title_hn":"'अगर इतनी ही किसानों की चिंता है तो कर्ज माफ करें पीएम मोदी'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'अगर इतनी ही किसानों की चिंता है तो कर्ज माफ करें पीएम मोदी'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 01 Jan 2017 10:48 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि अगर पीएम नरेंद्र मोदी नोटबंदी से परेशान किसानों के प्रति गंभीर हैं, तो उनका कर्ज माफ कर देना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा।
कैप्टन ने कहा कि नोटबंदी के चलते भारी संकटों से घिरे किसानों का कर्ज माफ करने में मोदी का विफल रहना निराशाजनक है। नव वर्ष पर मोदी की ओर से घोषित प्रतीकात्मक फायदे नोटबंदी के चलते पैदा संकट से किसानों को बचाने को उपयुक्त नहीं हैं। कांग्रेस ने हाल ही में पंजाब व यूपी से एक करोड़ किसानों के फार्म सौंपे थे, पर पीएम कर्ज माफी का एलान करने में विफल रहे। मोदी को किसानों को बैंकों व अन्य संस्थाओं से लोन की प्राप्ति को आसान करने के बजाय कर्ज माफी का एलान करना चाहिए था।
हर साल देश में सैकड़ों किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं और पंजाब सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से है। कभी भारत के फूड बाउल कहलाने वाले पंजाब के किसानों को नोटबंदी के चलते अपना उत्पादन बेचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। टमाटर जैसी फसल की सही कीमत न मिलने पर उसे नष्ट करना पड़ रहा है। पहले खरीद में देरी, फिर एमएसपी पर अदायगी नहीं होने ने किसानों को दीवालियापन के कगार पर पहुंचा दिया है।
विज्ञापन
अब नोटबंदी ने उनकी समस्याएं इतनी बढ़ दी हैं कि उन्हें अपना उत्पादन बहुत कम कीमत पर बेचना पड़ रहा है। बचत तो दूर, उनके पास अपना अस्तित्व बचाए रखने को पैसे नहीं हैं। किसानों के पास खेत मजदूरों की अदायगी को भी पैसे नहीं हैं। उन्हें मजबूरी में ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री के वादे के मुताबिक 50 दिन बीतने के बावजूद लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
कैप्टन ने कहा कि नोटबंदी के चलते भारी संकटों से घिरे किसानों का कर्ज माफ करने में मोदी का विफल रहना निराशाजनक है। नव वर्ष पर मोदी की ओर से घोषित प्रतीकात्मक फायदे नोटबंदी के चलते पैदा संकट से किसानों को बचाने को उपयुक्त नहीं हैं। कांग्रेस ने हाल ही में पंजाब व यूपी से एक करोड़ किसानों के फार्म सौंपे थे, पर पीएम कर्ज माफी का एलान करने में विफल रहे। मोदी को किसानों को बैंकों व अन्य संस्थाओं से लोन की प्राप्ति को आसान करने के बजाय कर्ज माफी का एलान करना चाहिए था।
विज्ञापन
हर साल देश में सैकड़ों किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं और पंजाब सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से है। कभी भारत के फूड बाउल कहलाने वाले पंजाब के किसानों को नोटबंदी के चलते अपना उत्पादन बेचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। टमाटर जैसी फसल की सही कीमत न मिलने पर उसे नष्ट करना पड़ रहा है। पहले खरीद में देरी, फिर एमएसपी पर अदायगी नहीं होने ने किसानों को दीवालियापन के कगार पर पहुंचा दिया है।
विज्ञापन
अब नोटबंदी ने उनकी समस्याएं इतनी बढ़ दी हैं कि उन्हें अपना उत्पादन बहुत कम कीमत पर बेचना पड़ रहा है। बचत तो दूर, उनके पास अपना अस्तित्व बचाए रखने को पैसे नहीं हैं। किसानों के पास खेत मजदूरों की अदायगी को भी पैसे नहीं हैं। उन्हें मजबूरी में ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री के वादे के मुताबिक 50 दिन बीतने के बावजूद लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।