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पटियाला में चुनावी बिगुल: सियासी अखाड़े से दूर धुरंधर; क्रिकेट में बिजी नवजोत सिद्धू, कैप्टन भी प्रचार से दूर
Fri, 19 Apr 2024 03:06 PM IST
निवेदिता वर्मा
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 19 Apr 2024 03:06 PM IST
सार
पटियाला से भाजपा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी और चार बार की सांसद परनीत कौर को प्रत्याशी बनाया है, पर कैप्टन अभी तक प्रचार में नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं लोकसभा चुनाव से ठीक पहले क्रिकेट कमेंटरी में फिर से एंट्री मारने वाले कांग्रेस के बड़े नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने भी चुनाव से दूर हैं।
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नवजोत सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह।
- फोटो : official twitter handle
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विस्तार
लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने के बाद पंजाब में सियासी गर्माहट बढ़ने लगी है। हॉट सीट पटियाला से चारों प्रमुख पार्टियों ने अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। लेकिन इस संसदीय क्षेत्र से तालुक रखने वाले दो बड़े राजनीतिक चेहरे पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और फायर ब्रांड नेता नवजोत सिंह सिद्धू सियासी परिदृश्य से गायब हैं।
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कैप्टन की पत्नी परनीत कौर पटियाला संसदीय क्षेत्र के विभिन्न हलकों में लगातार चुनावी बैठकें कर रहीं हैं, लेकिन कैप्टन एक बार भी इस दौरान नहीं आए। हालांकि, परनीत कौर इस संबंध में पूछने पर कहती हैं कि कैप्टन उनके चुनाव प्रचार के लिए आएंगे। साथ ही पार्टी हाइकमान जहां चुनाव प्रचार के लिए कैप्टन की ड्यूटी लगाएगी, वहां वह जाएंगे।
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लोकसभा चुनाव के लिए बिगुल बजने से पहले तक सिद्धू भी पटियाला में पूरी तरह से सक्रिय थे। वह आए दिन पटियाला स्थित अपने आवास पर मीडिया को आमंत्रित करके मान सरकार के खिलाफ हमले बोलते रहते थे।
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अपने खेमे के पंजाब कांग्रेस के नेताओं-कार्यकर्ताओं को बुलाकर बैठकें भी करते थे। माना जा रहा था कि कांग्रेस सिद्धू को पटियाला से टिकट देकर परनीत के खिलाफ मैदान में उतार सकती है, लेकिन सिद्धू ने इन अटकलों को विराम लगाते साफ कर दिया था कि वह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसी बीच, अचानक से उन्होंने दोबारा से आईपीएल के लिए कमेंट्री करने की घोषणा करके सभी को चौंका दिया। इसे लेकर सिद्धू पार्टी में अपने विरोधियों के निशाने पर भी आए, जिन्होंने कहा कि सिद्धू ने एक बार फिर से धोखा दे दिया। हालांकि, सिद्धू कह रहे हैं कि राहुल गांधी व प्रियंका गांधी जहां उनकी ड्यूटी लगाएंगे, वह प्रचार करने जाएंगे।
हाल ही में सिद्धू की पत्नी ने कैंसर के इलाज के लिए दूसरा ऑपरेशन कराया है। इन दिनों वह पटियाला में है। सिद्धू पटियाला आए थे। वीरवार को उनके आवास पर पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान शमसेर सिंह, पूर्व विधायक सुरजीत सिंह धीमान, महेश इंद्र सिद्धू व अन्य कईं नेता पहुंचे। सिद्धू इस दौरे के दौरान भी चुनावी गतिविधियों से दूरी बनाए रखी। उधर, कैप्टन के बारे में कहा जा रहा है कि फिलहाल पंजाब में मतदान होने में काफी समय पड़ा है। ऐसे में जब चुनाव प्रचार पूरे शिखर पर होगा, तभी कैप्टन सक्रिय होंगे। बढ़ती उम्र भी इसका एक कारण बताया जा रहा है।
पार्टी में ही विरोध का सामना कर रहे थे सिद्धू
पार्टी मंच से हटकर अपने स्तर पर रैलियां करने को लेकर नवजोत सिंह सिद्धू लगातार पंजाब कांग्रेस में विरोध का सामना कर रहे थे। प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और सीएलपी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने उनके खिलाफ जुबानी जंग छेड़ रखी थी। यही वजह रही कि सिद्धू पंजाब में मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम में भी शामिल नहीं हुए थे।
कैप्टन ने खोया आधार तो सिद्धू की पंजाब कांग्रेस से नहीं बनती : प्रो. टिवाणा
पंजाबी यूनिवर्सिटी से जाने-माने राजनीतिक मामलों के माहिर प्रोफेसर बलविंदर सिंह टिवाणा के मुताबिक अभी चुनावों में काफी समय पड़ा है, लेकिन कैप्टन व सिद्धू के चुनाव प्रचार में सक्रिय होने की संभावना कम है। आयु के कारण भी कैप्टन की मूवमेंट कम हुई है। उनका सियासी रुतबा भी पहले से कम हुआ है। नवजोत सिंह सिद्धू की पंजाब कांग्रेस के प्रधान व अन्य आला नेताओं से ही नहीं बनती है। वैसे भी किसी राजनीतिक दल में अगर कोई नेता अपनी नीतियों को पार्टी की नीतियों के बराबर खड़ा करने की कोशिश करता है तो उसके लिए टिका रहना मुश्किल हो जाता है। सिद्धू के केस में ऐसा ही हुआ है।