दाखा में दिलचस्प होगा मुकाबला: अमरिंदर सिंह के दो पूर्व ओएसडी आमने-सामने, एक को कांग्रेस तो दूसरे को कैप्टन ने उतारा
दाखा विधानसभा सीट पर शिरोमणि अकाली दल ने मनप्रीत सिंह अयाली और आम आदमी पार्टी ने केएनएस कंग को उतारा है। मनप्रीत सिंह अयाली मौजूदा विधायक हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब की दाखा विधानसभा सीट पर इस बार पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के दो पूर्व ओएसडी कैप्टन संदीप संधू और दमनजीत सिंह मोही आमने-सामने होंगे। अपनी नई पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस की पहली लिस्ट में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दाखा से दमनजीत सिंह मोही को टिकट दिया है। कैप्टन संदीप संधू और दमनजीत सिंह मोही को पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का दायां और बायां हाथ कहा जाता था। उनके मुख्यमंत्री रहते सीएम हाउस चंडीगढ़ मे दोनों अधिकारियों की तूती बोलती थी।
सीएम हाउस में अधिकतर काम ये दोनों ही संभालते थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में दाखा विधानसभा सीट से जीते आप के एचएस फूलका के इस्तीफा देने के बाद इस सीट पर उपचुनाव हुआ था। मुख्यमंत्री रहते कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तब अपने सबसे वफादार ओएसडी कैप्टन संदीप संधू को दाखा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा था और ताबड़तोड़ प्रचार भी किया लेकिन कैप्टन संदीप संधू अकाली दल के मनप्रीत सिंह अयाली से हार गए थे।
सैन्य पृष्ठभूमि होने की वजह से पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और कैप्टन संदीप संधू में अच्छी पटती रही है लेकिन अमरिंदर सिंह के कांग्रेस छोड़ने के बाद कैप्टन संदीप संधू ने भी उनसे आंखें फेर लीं और कांग्रेस के वफादार बने रहे। हालांकि अमरिंदर सिंह से नजदीकी और कांग्रेस नेता परगट सिंह से तल्खी के चलते कैप्टन संदीप संधू का टिकट कटने की अफवाह चल रही थी लेकिन कांग्रेस ने उन पर भरोसा जताकर एक बार फिर दाखा से प्रत्याशी बना दिया। अब अपने खास साथी रहे दमनजीत सिंह मोही से उनका मुकाबला होगा।
दमनजीत सिंह मोही हलका दाखा के टकसाली कांग्रेस परिवार का युवा चेहरा हैं, जो यूथ कांग्रेस से लेकर पार्टी के मुख्य संगठन में उच्च पदों पर रह चुके हैं। उनके पिता आंनद सरूप सिंह मोही भी पीपीसीसी के सीनियर उपाध्यक्ष रह चुके हैं। इसलिए उनका भी हलका दाखा में खासा जनाधार है, लेकिन अब दमनजीत सिंह मोही अपने ही पुराने कांग्रेस के साथी कैप्टन संधू के खिलाफ पंजाब लोक कांग्रेस की तरफ से चुनाव लड़ रहे हैं ऐसे में कांग्रेस का नुकसान होना लाजमी माना जा रहा है। दाखा सीट से अकाली दल-बसपा की तरफ से मनप्रीत सिंह अयाली और आप ने केएनएस कंग को मैदान में उतारा है।
कोटकपूरा सीट कैप्टन के खाते में जाने से भाजपाई निराश
कोटकपूरा विधानसभा सीट पर 30 साल के लंबे अंतराल के बाद इस बार भाजपा के चुनाव मैदान में उतरने की उम्मीद थी और प्रदेश भाजपा सचिव सुनीता गर्ग समेत कई नेताओं ने टिकट की दावेदारी भी की लेकिन रविवार को यह सीट भाजपा की अगुवाई वाले गठबंधन में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस के खाते में जाने के बाद भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं में निराशा है। हालांकि अभी तक पंजाब लोक कांग्रेस ने कोटकपूरा से अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है और किसी का नाम भी चर्चा में नहीं है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा गठबंधन में सीटों के बंटवारे के समय फरीदकोट की तीनों सीटों में से गठबंधन में शामिल तीनों पार्टियों के हिस्से में एक-एक सीट आई थी और पहले तय हुआ था कि कोटकपूरा सीट पर भाजपा अपना उम्मीदवार उतारेगी, जबकि फरीदकोट से पंजाब लोक कांग्रेस और जैतो से शिअद संयुक्त का उम्मीदवार मैदान में उतरेगा लेकिन इस समझौते के बीच भाजपा ने फरीदकोट सीट से गौरव कक्कड़ को उम्मीदवार घोषित कर दिया, जिसके बाद संभावना जताई जा रही थी कि अब पंजाब लोक कांग्रेस कोटकपूरा सीट पर अपना उम्मीदवार उतारा जाएगा जिसकी रविवार को जारी सूची से पुष्टि भी हो गई।