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Chandigarh News: 300 किलो वजनी तोप चाेरी फिर भी लापरवाही, पीएपी की सुरक्षा रामभरोसे
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चंडीगढ़। सेक्टर-एक स्थित पंजाब सिविल सचिवालय के पिछली तरफ बने पंजाब आर्म्ड पुलिस के 82 बटालियन की जीओ मेस के गेट के पास रखी करीब तीन फुट लंबी और 300 किलो वजनी पीतल की हेरिटेज तोप चोरी होने के बाद भी यहां सुरक्षा राम भरोसे है। अमर उजाला की टीम ने अपनी पड़ताल में पाया कि शनिवार दोपहर 12.30 से एक बजे तक मेस परिसर के गेट पर कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितनी आसानी से कोई दाखिल होकर किसी वारदात को अंजाम दे सकता है। यहां पर पंजाब आर्म्ड पुलिस की 13 और 82 बटालियन की ऑफिसर्स मेस व दफ्तर मौजूद हैं। जानकारी के मुताबिक चोरी हुई तोप देश की आजादी से पहले की थी और इसे प्रदर्शन के लिए गेट के पास रखा गया था। यहां पर यह करीब एक दशक से मौजूद थी। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 379 के तहत केस दर्ज कर तोप और चोरों की तलाश शुरू कर दी है। वहीं हेरिटेज तोप के चोरी होने के बाद अब यहां सीसीटीवी कैमरा लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यहां पांच मजदूर भूमिगत तारें डालने के लिए खोदाई कर रहे हैं। यह काम आगामी 10 दिनों में पूरा हो जाएगा। पता चला है कि पूरे परिसर में 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यहां पर सर्विलांस के लिए सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। सुरक्षा के नाम पर केवल गार्ड तैनात रहते हैं।
कैसे चुराई इतनी भारी तोप
पुलिस का कहना है कि तोप काफी भारी थी। इसे कोई एक व्यक्ति चुराकर नहीं ले जा सकता। इसमें संभवतः चार से पांच लोगों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस मेस के आसपास सरकारी संस्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लेकर जांच को आगे बढ़ा सकती है। शनिवार को शहर में उप-राष्ट्रपति की विजिट के चलते पुलिस फोर्स सुरक्षा में व्यस्त थी। इस वजह से केस की जांच आगे नहीं बढ़ सकी। अब पुलिस रविवार को पीएपी की जीओ मेस के अफसरों-कर्मियों से भी पूछताछ करेगी।
स्टोर में शिफ्ट कर फिर गेट पर रखा था
यह तोप पंजाब आर्म्ड पुलिस की धरोहर थी। इसे लगभग डेढ़ वर्ष पहले 82 बटालियन के स्टोर रूम में शिफ्ट कर दिया गया था। इसके बाद एक बार फिर प्रदर्शन के लिए गेट पर रखा गया था। जिस जगह यह तोप रखी गई थी, वहां पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था। यहां पर सर्विलांस के लिए भी सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। तोप चोरी की घटना बीते 5 और 6 मई की रात की है। चोरी होने की जानकारी लगभग 15 दिन पहले सब इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार को लगी थी। उन्होंने इसकी सूचना 82 बटालियन के पीपीएस अफसर कमांडेंट बलविंदर सिंह को दी थी।
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कैसे चुराई इतनी भारी तोप
पुलिस का कहना है कि तोप काफी भारी थी। इसे कोई एक व्यक्ति चुराकर नहीं ले जा सकता। इसमें संभवतः चार से पांच लोगों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस मेस के आसपास सरकारी संस्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लेकर जांच को आगे बढ़ा सकती है। शनिवार को शहर में उप-राष्ट्रपति की विजिट के चलते पुलिस फोर्स सुरक्षा में व्यस्त थी। इस वजह से केस की जांच आगे नहीं बढ़ सकी। अब पुलिस रविवार को पीएपी की जीओ मेस के अफसरों-कर्मियों से भी पूछताछ करेगी।
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स्टोर में शिफ्ट कर फिर गेट पर रखा था
यह तोप पंजाब आर्म्ड पुलिस की धरोहर थी। इसे लगभग डेढ़ वर्ष पहले 82 बटालियन के स्टोर रूम में शिफ्ट कर दिया गया था। इसके बाद एक बार फिर प्रदर्शन के लिए गेट पर रखा गया था। जिस जगह यह तोप रखी गई थी, वहां पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था। यहां पर सर्विलांस के लिए भी सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। तोप चोरी की घटना बीते 5 और 6 मई की रात की है। चोरी होने की जानकारी लगभग 15 दिन पहले सब इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार को लगी थी। उन्होंने इसकी सूचना 82 बटालियन के पीपीएस अफसर कमांडेंट बलविंदर सिंह को दी थी।
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