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इंटरव्यूः कनाडाई सांसद बोले- खालिस्तान या रेफरेंडम 2020 को लेकर पंजाबी बदनाम नहीं होना चाहते
Sat, 29 Dec 2018 11:33 AM IST
खुशबू गोयल
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 29 Dec 2018 11:33 AM IST
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कनाडा सांसद रमेश संघा
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इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि कनाडा में बसे पंजाबी मूल के चंद लोग खालिस्तान को हवा दे रहे हैं, लेकिन सारी कम्यूनिटी इसके हक में नहीं है। यह बात पक्की है कि कनाडा की कानून व्यवस्था इतनी मजबूत है कि वह अपने तरीके से इसका हल करने में सक्षम है। कनाडा के लोग रेफरेंडम 2020 के पक्षधर हैं। कनाडा के ब्रैंप्टन से सांसद रमेश संघा इन दिनों पंजाब में निजी दौरे पर हैं और अमर उजाला के साथ उन्होंने कनाडा व पंजाब और मुद्दों को लेकर खास बातचीत की।
उन्होंने कहा कि सभी पंजाबी मूल के लोगों को बदनाम नहीं किया जा सकता। कनाडा की धरती पर बसे पंजाबी अधिकतर लोग खालिस्तानी पक्षधर नहीं है। रमेश संघा का कहना है कि भारत में लोकसभा चुनावों के बाद कनाडा में संसदीय चुनाव होने हैं। फिलहाल 20 सांसद पंजाबी मूल के हैं, जिससे 19 सांसद लिबरल पार्टी से है और इस बार भी चुनावों में अधिक पंजाबी सांसदों के पहुंचने की उम्मीद है।
कनाडा की तरक्की में भारतीय मूल के लोगों का खासा योगदान है, यही वजह है कि कनाडा के दरवाजे भारतीय विद्यार्थियों के लिए खुले हैं। विद्यार्थी कनाडा की विभिन्न यूनिवर्सिटी व कॉलेजों से पढ़कर वहीं नौकरी करते हैं। लिबरल सरकार ने स्टूडेंट्स की बेहतरी के लिए काफी अच्छी व्यवस्था की हुई है। कनाडा सरकार ने इसी कारण पांच लाख से अधिक नौकरियां पैदा की हैं।
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उन्होंने कहा कि सभी पंजाबी मूल के लोगों को बदनाम नहीं किया जा सकता। कनाडा की धरती पर बसे पंजाबी अधिकतर लोग खालिस्तानी पक्षधर नहीं है। रमेश संघा का कहना है कि भारत में लोकसभा चुनावों के बाद कनाडा में संसदीय चुनाव होने हैं। फिलहाल 20 सांसद पंजाबी मूल के हैं, जिससे 19 सांसद लिबरल पार्टी से है और इस बार भी चुनावों में अधिक पंजाबी सांसदों के पहुंचने की उम्मीद है।
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कनाडा की तरक्की में भारतीय मूल के लोगों का खासा योगदान है, यही वजह है कि कनाडा के दरवाजे भारतीय विद्यार्थियों के लिए खुले हैं। विद्यार्थी कनाडा की विभिन्न यूनिवर्सिटी व कॉलेजों से पढ़कर वहीं नौकरी करते हैं। लिबरल सरकार ने स्टूडेंट्स की बेहतरी के लिए काफी अच्छी व्यवस्था की हुई है। कनाडा सरकार ने इसी कारण पांच लाख से अधिक नौकरियां पैदा की हैं।
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कनाडा की सरकार ने वीजा प्रणाली सरल की
कनाडा से सांसद रमेश संघा का कहना है कि अवैध रूप से कनाडा जाने से बचना चाहिए। कनाडा की लिबरल सरकार ने वीजा प्रणाली काफी सरल कर दी है। यही कारण है कि वहां पर पीआर लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। भारत में स्किल्ड और प्रोफेशनल लोगों का कनाडा की तरफ रुझान बढ़ा है।
कनाडा में निवेश तेजी से बढ़ने लगा है। भारतीय मूल के लोगों ने कनाडा में निवेश कर पक्की रिहायश लेने के लिए काफी आवेदन कर रखे हैं, निश्चित तौर पर इसका असर कनाडा की तरक्की पर सकारात्मक रूप से पड़ेगा और कनाडा की सरकार उनको हर संभव मदद प्रदान करने लिए वचनबद्ध है।
सांसद संघा ने कहा कि कनाडा के वर्तमान पीएम जस्टिन ट्रूडो एक लोकप्रिय पीएम हैं, जिनकी पॉलिसी ने कनाडा को नई दिशा दी है और लोग उन पर गर्व महसूस करते हैं। सांसद संघा का कहना है कि कनाडा में दोबारा लिबरल सरकार बनेगी। जो कनाडा को तरक्की की तरफ ले जाया जाएगा। इस बार चुनावों में पंजाबी मूल के लोगों का काफी अहम रोल होगा।
कनाडा में निवेश तेजी से बढ़ने लगा है। भारतीय मूल के लोगों ने कनाडा में निवेश कर पक्की रिहायश लेने के लिए काफी आवेदन कर रखे हैं, निश्चित तौर पर इसका असर कनाडा की तरक्की पर सकारात्मक रूप से पड़ेगा और कनाडा की सरकार उनको हर संभव मदद प्रदान करने लिए वचनबद्ध है।
सांसद संघा ने कहा कि कनाडा के वर्तमान पीएम जस्टिन ट्रूडो एक लोकप्रिय पीएम हैं, जिनकी पॉलिसी ने कनाडा को नई दिशा दी है और लोग उन पर गर्व महसूस करते हैं। सांसद संघा का कहना है कि कनाडा में दोबारा लिबरल सरकार बनेगी। जो कनाडा को तरक्की की तरफ ले जाया जाएगा। इस बार चुनावों में पंजाबी मूल के लोगों का काफी अहम रोल होगा।