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खुद देख नहीं सकते, जब ‘दिखाया’ रास्ता तो सब दंग

Mon, 03 Feb 2014 02:13 PM IST
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 03 Feb 2014 02:13 PM IST
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Can not see themselves as 'showed' the way all stunned

भले ही देख नहीं सकते हों, लेकिन समझाने की शक्ति के चलते आज आम लोगों को मागदर्शन दे रहे हैं। हम बात कर रहे है शहर के ब्लाइंड छात्र और छात्राओं की।

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जिन्होंने ने ब्लाइंड कार रैली में हिस्सा लेते हुए अपने जोश और हौसले का परिचय दिया।

रविवार का दिन इंस्टीट्यूट फॉर ब्लाइंड सेक्टर-26 के छात्रों के लिए कुछ खास रहा। उन्होंने कार रैली में ड्राइवर न होते हुए भी ड्राइवर की भूमिका निभाते हुए अपने ड्राइवर को सही रास्ता दिखाया।
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रैली सेक्टर -26 से शुरू हुई। इस रैली को एसएसपी सुखचैन सिंह और डीपीआई स्कूल कमलेश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में 65 कार चालकों ने हिस्सा लिया।
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इनके साथ ब्लाइंड छात्र ने को- ड्राइवर की भूमिका में दिखाई दिए। शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए रैली 50 किलोमिटर का सफर तय करते हुए वापस सेक्टर-26 में जाकर खत्म हुई।

देख नही सकते पर सिक्स सेंस लाजवाब
सदानंद  इंस्टीट्यूट  फॉर ब्लाइंड सेक्टर 26 में 9 कक्षा के छात्र हैं। रैली में पहली बार हिस्सा लिया। तीन भाई और 2 बहनों के परिवार में सदानंद सबसे छोटे हैं और जन्म से देख नहीं पाते हैं।

रैली के लिए पिछले एक महीने से तैयारी कर रहे थे। ब्रेल लिपी के सहारे शहर की भौगोलिक स्थिति, जिनमें हर चौक, लाइट, सेक्टर की जानकारी जुटाई। रैली के दौरान ब्रेल लिपी को सदानंद हाथों से टच करते और ड्राइवर को तुरंत बातते कि आगे लाइट आने वाली है, हमको दाएं मुड़ना है।

रैली के बाद सदानंद काफी खुश दिखाई दिए और कहा कि आज मेरा सपना सच हो गया। मैं कार तो नहीं चला पाउंगा, लेकिन कार चालक को अपने इशाराें पर कार चलाते हुए महसूस करना किसी सपने से कम होना नही रहा।

यह यादगार लम्हा रहा
रैली में शामिल बिजनेसमैन दीपक पराशर के साथ सदानंद को-ड्राइवर रहे। वापस आने पर दीपक काफी उत्साहित नजर आए। उन्हाेंने बताया रैली में हिस्सा लेना उनके लिए जिंदगी का सबसे यादगार लम्हा रहा। दीपक ने कहा कि गाड़ी तो वह चला रहे थे, लेकिन कमान सदानंद दे रहे थे।


मैप के सहारे वह पहले ही बता देते थे कि दाएं मुड़ना हैं, अब लाइट आने वाली, कौन सा सेक्टर आ गया हैं। दीपक ने कहा कि 50 किलोमीटर की रैली का सफर बिना रोके और बेहतरीन तीरीके से खत्म हुआ।
 
ड्राइवर दानिग और को-ड्राइवर राकेश की टीम प्रथम
रैली टाइम स्पीड डिस्टेंस आधार पर रही। इसमें ड्राइवर दानिग गिल और को-ड्राइवर राकेश अपनी टीम में प्रथम रहे। उन्हें 10 हजार का पुरस्कार दिया गया। दूसरे स्थान पर ड्राइवर अतुल और को-ड्राइवर अंजू बाला रहीं, जिन्हें 8 हजार मिले। तीसरे स्थान के लिए ड्राइवर कंवलजीत और को-ड्राइवर अनुज शर्मा रहे, जिन्हें इनाम के रूप में 6 हजार मिले।

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