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पंजाबः नशे की काट के लिए नशे का सहारा, खुल सकते हैं अफीम और भुक्की के ठेके
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 26 Jul 2018 09:45 AM IST
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पंजाब में नशा तस्करी और नशे की रोकथाम के लिए अभियान चला रही कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार हर तरह की सख्ती के बाद संभवत: इस बात पर भी विचार करने लगी है कि नशेड़ियों को सिंथेटिक व जानलेवा नशे से हटाने के लिए उन्हें रिवायती और सस्ते नशे उपलब्ध करा दिए जाएं। कम से कम नशे के ओवरडोज से किसी नौजवान की जान तो नहीं जाएगी। यह विचार पटियाला से आम आदमी पार्टी के सांसद डा. धर्मवीर गांधी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में रखा है। डा. गांधी द्वारा भेजे गए पत्र को मुख्यमंत्री ने सूबे के स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा को भेजते हुए उसमें दिए सुझावों पर विचार करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने डा. गांधी को लिखे जवाबी पत्र में कहा है कि नशे के दुरुपयोग के कारण सूबे में हो रही मानवीय त्रासदी को टालने के लिए जो तत्काल कदम उठाने के बारे में कहा गया है , उन पर सेहत मंत्री को विचार करने के लिए कहा है। इस संबंध में डा. धर्मवीर गांधी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि वे काफी समय से यह मांग रखते रहे हैं कि सूबे में रिवायती नशों की खेती शुरू की जाए और राज्य सरकार उसे अपने नियंत्रण में लेकर तय मात्रा में यह पदार्थ नशे के आदी लोगों को उपलब्ध कराए। इससे जहां सिंथेटिक और जानलेवा नशों के माफिया की कमर टूटेगी वहीं रिवायती नशों के उत्पादन व बिक्री से सरकार को राजस्व भी मिलेगा।
डा. गांधी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में यह रखे सुझाव
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लिखे पत्र के बारे में उन्होंने बताया कि उन्होंने तीन मुख्य सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे हैं। इनमें नंबर एक, जिला व तहसील स्तर पर सरकारी ओएसटी सेंटरों या अस्पतालों में तुरंत अफीम व भुक्की का प्रबंध किया जाए और पहले से रजिस्टर्ड या नए आ रहे नशेड़ियों को रजिस्टर करके दवा की मात्रा में रोजाना खुराक दी जाए।
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दूसरा सुझाव, ऐसे रजिस्टर्ड रोगियों को समयबद्ध तरीके से मनोचिकित्सक/सामाजिक सोसायटी की मदद से नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करते हुए उनकी नशे की मात्रा व अंतराल तय कर दिए जाएं, ताकि धीरे-धीरे वे नशे से दूर होते जाएं। तीसरा सुझाव, पुलिस को आदेश दिए जाएं कि नशा केंद्रों तक पहुंचने वाले मरीजों को परेशान न किया जाए बल्कि उनकी हिफाजत की जाए। नशे के आदी व्यक्ति से एक रोगी के तौर पर व्यवहार होना चाहिए।
कैप्टन केंद्र से मांगे खेती की अनुमति : गांधी
डा. गांधी ने कहा कि वे हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिले थे, जिन्होंने रिवायती नशे की खेती पर सहमति जताते हुए भरोसा दिलाया है कि अगर पंजाब सरकार इस संबंध में केंद्र को प्रस्ताव भेजती है तो उस पर अवश्य विचार किया जाएगा। डा. गांधी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से आग्रह किया है कि वे केंद्र सरकार से सूबे में अफीम और भुक्की की सीमित पैदावार की अनुमति लें ताकि नशा माफिया को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
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मुख्यमंत्री ने डा. गांधी को लिखे जवाबी पत्र में कहा है कि नशे के दुरुपयोग के कारण सूबे में हो रही मानवीय त्रासदी को टालने के लिए जो तत्काल कदम उठाने के बारे में कहा गया है , उन पर सेहत मंत्री को विचार करने के लिए कहा है। इस संबंध में डा. धर्मवीर गांधी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि वे काफी समय से यह मांग रखते रहे हैं कि सूबे में रिवायती नशों की खेती शुरू की जाए और राज्य सरकार उसे अपने नियंत्रण में लेकर तय मात्रा में यह पदार्थ नशे के आदी लोगों को उपलब्ध कराए। इससे जहां सिंथेटिक और जानलेवा नशों के माफिया की कमर टूटेगी वहीं रिवायती नशों के उत्पादन व बिक्री से सरकार को राजस्व भी मिलेगा।
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डा. गांधी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में यह रखे सुझाव
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लिखे पत्र के बारे में उन्होंने बताया कि उन्होंने तीन मुख्य सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे हैं। इनमें नंबर एक, जिला व तहसील स्तर पर सरकारी ओएसटी सेंटरों या अस्पतालों में तुरंत अफीम व भुक्की का प्रबंध किया जाए और पहले से रजिस्टर्ड या नए आ रहे नशेड़ियों को रजिस्टर करके दवा की मात्रा में रोजाना खुराक दी जाए।
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दूसरा सुझाव, ऐसे रजिस्टर्ड रोगियों को समयबद्ध तरीके से मनोचिकित्सक/सामाजिक सोसायटी की मदद से नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करते हुए उनकी नशे की मात्रा व अंतराल तय कर दिए जाएं, ताकि धीरे-धीरे वे नशे से दूर होते जाएं। तीसरा सुझाव, पुलिस को आदेश दिए जाएं कि नशा केंद्रों तक पहुंचने वाले मरीजों को परेशान न किया जाए बल्कि उनकी हिफाजत की जाए। नशे के आदी व्यक्ति से एक रोगी के तौर पर व्यवहार होना चाहिए।
कैप्टन केंद्र से मांगे खेती की अनुमति : गांधी
डा. गांधी ने कहा कि वे हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिले थे, जिन्होंने रिवायती नशे की खेती पर सहमति जताते हुए भरोसा दिलाया है कि अगर पंजाब सरकार इस संबंध में केंद्र को प्रस्ताव भेजती है तो उस पर अवश्य विचार किया जाएगा। डा. गांधी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से आग्रह किया है कि वे केंद्र सरकार से सूबे में अफीम और भुक्की की सीमित पैदावार की अनुमति लें ताकि नशा माफिया को पूरी तरह खत्म किया जा सके।