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ईटीटी शिक्षकों की प्रमोशन प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

Fri, 13 Jan 2017 07:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 13 Jan 2017 07:56 PM IST
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High Court stay   on promotion process of ETT teachers
कोर्ट - फोटो : file photo

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ईटीटी शिक्षकों के प्रमोशन के लिए 3 जनवरी को जारी वरीयता सूची को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए इन प्रमोशन पर रोक लगा दी है।

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इसके साथ पंजाब सरकार सहित शिक्षा विभाग को 31 जनवरी के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। विकास शर्मा व 172 अन्य शिक्षकों ने एडवोकेट केएस डडवाल के जरिये याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2006 में कुछ स्कूलों को एजुकेशन विभाग से जिला परिषद में भेज दिया था। 
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इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा की शर्तें तय की गईं, जो एजुकेशन विभाग के समान थी। यह सभी याचिकाकर्ता जिला परिषद के के तहत चल रहे स्कूलों में नियुक्त हुए थे।
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इसी लिहाज से इनका कैडर भी अलग रखा गया। वर्ष 2014 में पंजाब सरकार ने दोबारा जिला परिषद के स्कूलों को एजुकेशन विभाग में शामिल करने का निर्णय ले लिया। 

सरकार के इसी फैसले के चलते जिला परिषद के स्कूलों के शिक्षक एक बार फिर शिक्षा विभाग के अधीन आ गए। इन शिक्षकों की समस्या तब शुरू हुई जब इनकी प्रमोशन का समय आया। इनके बाद नियुक्त शिक्षकों को तो प्रमोशन दे दी गई, लेकिन इन शिक्षकों को प्रमोशन नहीं दी गई। 

पंजाब सरकार और अन्य को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

High Court stay   on promotion process of ETT teachers
कोर्ट - फोटो : demo

बताया गया कि इनकी सीनियरिटी तब से निर्धारित की गई है, जबसे इनका मर्जर जिला परिषद से शिक्षा विभाग में किया गया है। इस लिहाज से कई ऐसे शिक्षकों की प्रमोशन कर दी गई, जो इन्हें पांच वर्ष जूनियर थे। 

याची ने कहा कि जब नियुक्ति प्रक्रिया और सेवा शर्तें समान हैं तो क्यों उनसे सिर्फ इसी आधार पर भेदभाव किया जा रहा है कि वह पहले जिला परिषद के तहत थे। 

हाईकोर्ट से अपील की गई कि उनकी सीनियॉरिटी उनके नियुक्ति के वर्ष से जोड़ी जाए न कि वर्ष 2014 से। इसके खिलाफ गत वर्ष भी हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर हुई थीं। 

तब हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए थे कि सीनियॉरिटी लिस्ट की आपत्तियों का निपटारा किया जाए। इन आदेशों के बावजूद सरकार ने इन शिक्षकों की आपत्तियों पर बिना कोई कार्रवाई किए 3 जनवरी को नई सीनियॉरिटी लिस्ट जारी कर प्रमोशन शुरू कर दी। 

अब एक बार फिर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी गई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए इस सीनियोरिटी लिस्ट के अनुसार प्रमोशन पर फिलहाल रोक लगाते हुए सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। 

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