{"_id":"574fbff84f1c1b9f4a1095e2","slug":"california-best-farmer-selected-jalandar-born-saravjeet","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैलिफोर्निया के सर्वोत्तम किसान बने जालंधर में जन्मे सर्वजीत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैलिफोर्निया के सर्वोत्तम किसान बने जालंधर में जन्मे सर्वजीत
विश्वमित्र टंडन/अमर उजाला, यूबा सिटी (अमेरिका)।
Updated Fri, 03 Jun 2016 09:53 AM IST
विज्ञापन
जालंधर के जंडियला गांव में जन्मे सर्वजीत सिंह जोहल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब के किसानों की आत्महत्या की खबरों के बीच एक ऐसी खबर आई है, जोकि निश्चित तौर पर किसानों को बड़ी राहत देगी। पंजाब दा पुत्तर अमेरिका में भी खेती-बागवानी में झंडे गाड़ रहा है।
जालंधर के जंडियला गांव में जन्मे सर्वजीत सिंह जोहल इस साल कैलिफोर्निया राज्य के बेस्ट एग्रोकल्चरिस्ट ऑफ द ईयर चुने गए हैं। उन्हें सेक्रोमैंटो में लगने वाले स्टेट फेयर में यह पुरस्कार 23 जून को दिया जाएगा।
जोहल पंजाब के जालंधर जिले में जंडियला गांव से 1966 में सपरिवार अमेरिका में जा बसे थे। तब उनकी उम्र कम थी। जोहल इलेक्ट्रानिक इंजीनियर हैं। वे कहते हैं अमेरिका आकर उन्होंने शुरू में ठेके पर जमीन लेकर खेती शुरू की थी। बाद में थोड़ी-थोड़ी जमीन खरीदकर खेती बढ़ाते गए। आज उनके पास 3500 एकड़ जमीन का फार्म है। वह फार्म के 80 प्रतिशत भाग पर अखरोट और बाकी 20 प्रतिशत पर आडू की खेती करते हैं। पौध लगाने से लेकर फसल की पैकिंग तक सारे काम में वह मशीनों का इस्तेमाल करते हैं।
विज्ञापन
जोहल खेती को इंड्रस्टी का रूप देकर अधिक उत्पादन लेने वाले किसान के रूप में चिह्नित किए गए हैं। वे ग्रोअर्स लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी के बैनर पर काम कर रहे हैं। जोहल बताते हैं कि उनका माल (अखरोट) यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, जापान, जर्मनी, स्पेन, डेनमार्क, कोरिया, कनाडा आदि देशों में जाता है। वे बताते हैं 22 एकड़ में उन्होंने अखरोट की प्रोसेसिंग का प्लांट लगा रखा है, जिसमें कोल्ड स्टोरेज भी हैं। यह सब कुछ सिर्फ चार दर्जन कर्मचारी ही संभालते हैं।
इससे पहले अखरोट की खेती पुराने ढंग से होती थी, जिसमें श्रम अधिक लगता था और काफी कम उत्पादन होता था। उन्होंने साउथ अफ्रीका, चिली, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में घूमकर अखरोट की खेती का अध्ययन किया और इसमें सुधार और टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर अपना काम आगे बढ़ाया। आज एक एकड़ में दो टन अखरोट का उत्पादन होता है। उन्हें कामयाब देखकर क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान अब अखरोट की खेती कर रहे हैं।
विज्ञापन
जालंधर के जंडियला गांव में जन्मे सर्वजीत सिंह जोहल इस साल कैलिफोर्निया राज्य के बेस्ट एग्रोकल्चरिस्ट ऑफ द ईयर चुने गए हैं। उन्हें सेक्रोमैंटो में लगने वाले स्टेट फेयर में यह पुरस्कार 23 जून को दिया जाएगा।
विज्ञापन
जोहल पंजाब के जालंधर जिले में जंडियला गांव से 1966 में सपरिवार अमेरिका में जा बसे थे। तब उनकी उम्र कम थी। जोहल इलेक्ट्रानिक इंजीनियर हैं। वे कहते हैं अमेरिका आकर उन्होंने शुरू में ठेके पर जमीन लेकर खेती शुरू की थी। बाद में थोड़ी-थोड़ी जमीन खरीदकर खेती बढ़ाते गए। आज उनके पास 3500 एकड़ जमीन का फार्म है। वह फार्म के 80 प्रतिशत भाग पर अखरोट और बाकी 20 प्रतिशत पर आडू की खेती करते हैं। पौध लगाने से लेकर फसल की पैकिंग तक सारे काम में वह मशीनों का इस्तेमाल करते हैं।
विज्ञापन
जोहल खेती को इंड्रस्टी का रूप देकर अधिक उत्पादन लेने वाले किसान के रूप में चिह्नित किए गए हैं। वे ग्रोअर्स लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी के बैनर पर काम कर रहे हैं। जोहल बताते हैं कि उनका माल (अखरोट) यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, जापान, जर्मनी, स्पेन, डेनमार्क, कोरिया, कनाडा आदि देशों में जाता है। वे बताते हैं 22 एकड़ में उन्होंने अखरोट की प्रोसेसिंग का प्लांट लगा रखा है, जिसमें कोल्ड स्टोरेज भी हैं। यह सब कुछ सिर्फ चार दर्जन कर्मचारी ही संभालते हैं।
इससे पहले अखरोट की खेती पुराने ढंग से होती थी, जिसमें श्रम अधिक लगता था और काफी कम उत्पादन होता था। उन्होंने साउथ अफ्रीका, चिली, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में घूमकर अखरोट की खेती का अध्ययन किया और इसमें सुधार और टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर अपना काम आगे बढ़ाया। आज एक एकड़ में दो टन अखरोट का उत्पादन होता है। उन्हें कामयाब देखकर क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान अब अखरोट की खेती कर रहे हैं।