कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- मुल्क के धर्म निरपेक्ष स्वरूप को तबाह कर रहे हो, शर्म नहीं आती
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नागरिकता संशोधन बिल के संदर्भ में अफगानिस्तान के सिख संबंधी सुखबीर बादल की टिप्पणी का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे शिरोमणि अकाली दल प्रधान संवैधानिक नैतिक-मूल्यों की रक्षा करने की बजाय घटिया राजनीति खेलने में अधिक रुचि रखते हैं।
सुखबीर बादल की बयानबाजी पर सवाल उठाते हुए कैप्टन ने कहा, ‘‘क्या आपको शर्म नहीं आती? आप अपने संकुचित राजनैतिक हितों के खातिर मुल्क के धर्म निरपेक्ष स्वरूप को तबाह करने पर तुले हुए हैं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि मुल्क के धर्म निरपेक्ष चरित्र और संविधान की रक्षा की खातिर लड़ाई लड़ रहे लोग मारे जा रहे हैं जबकि सुखबीर ऐसी गंभीर स्थिति पर ओछे स्तर की राजनीति में लगे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक और धर्म निरपेक्ष के विलक्षण और न्यारेपन को कायम रखने के लिए सब कुछ दांव पर लगा हुआ है। बता दें कि सुखबीर ने यह सवाल किया था कि क्या अमरिंदर सिंह अफगानिस्तान से विस्थापित होने वाले सिखों को भारतीय नागरिकता मिलने के हक में नहीं हैं।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मसला इस समय पर किसी खास भाईचारे को नागरिकता देने या न देने का नहीं है बल्कि यह मसला केंद्र सरकार द्वारा हमारे संविधान जोकि मुल्क के वजूद का आधार है, के साथ छेड़छाड़ किए जाने की खतरनाक कोशिश से जुड़ा है और केंद्र सरकार में अकाली दल भी हिस्सेदार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या शिरोमणि अकाली दल ने इस बिल संबंधी अपनी मूलभूत प्रतिक्रिया में यह नहीं कहा था कि इस संशोधन बिल का लाभ मुसलमानों को भी दिया जाना चाहिए? उन्होंने इस मसले पर अकालियों को यू-टर्न पर जवाब देने को भी कहा। कैप्टन ने कहा कि सुखबीर के अंतर-विरोधी बयान के साथ एक बार फिर यह सिद्ध हो गया कि वह एक सिद्धांतहीन नेता हैं, जिनके पास न तो नैतिक-मूल्य हैं और न ही नैतिकता। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल को इस मसले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने को भी कहा।
असम में कारगिल जंग के योद्धा को बताया गया विदेशी: कैप्टन
कैप्टन ने कहा कि भारत की धर्म निरपेक्ष तस्वीर हमेशा ही इसकी मजबूत बुनियाद रही है और इसके साथ किसी किस्म की छेड़छाड़ का कांग्रेस और देश के निवासी डटकर विरोध करेंगे। असम में कारगिल जंग के एक योद्धा को विदेशी बताकर नजरबंदी केंद्र में भेजने के ताजा घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा और उसके हिस्सेदार ऐसी खतरनाक कार्रवाई के निष्कर्षों को सोचे-समझे बिना मुल्क की बुनियाद को कमजोर करने पर तुले हैं।
कैप्टन ने कहा कि हम एक सैनिक की वफादारी और देशभक्ति पर कैसे सवाल कर सकते हैं जो अपने मुल्क के लिए लड़ा हो और हमारी सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाली हो। उन्होंने एनडीए और उसके हिस्सेदारों को ऐसी कार्रवाई के खतरनाक निष्कर्षों के विरुद्ध चेतावनी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए और उसके अकाली दल जैसे हिस्सेदार भारत की विभिन्नता की मजबूत बुनियादों, जिन पर मुल्क खड़ा है, पर हमला कर रहे हैं।